'अब जनता की बारी...', Abhijeet Dipke ने नए अभियान का किया ऐलान, सबसे पहले इस मुद्दे पर होगी लड़ाई

Abhijeet Deepke New Campaign: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके ने 'क्या बोलती पब्लिक' अभियान का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि अभियान की शुरुआत शिक्षा से होगी और स्कूल, कॉलेज व कोचिंग की बढ़ती फीस को सबसे पहले मुद्दा बनाया जाएगा।

Aditya Kumar Verma
Published on: 6 Aug 2026 3:55 PM IST
Abhijeet Dipke New Campaign
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Abhijeet Dipke New Campaign: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके ने अपने अगले अभियान का ऐलान कर दिया है।

यहां गुरुवार को महाराष्ट्र में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने पार्टी के नए अभियान 'क्या बोलती पब्लिक' की घोषणा की है।

अभिजीत दीपके ने कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं को समझना और उनके समाधान के लिए काम करना होगा।

उन्होंने बताया कि इस अभियान की शुरुआत शिक्षा के मुद्दे से की जाएगी और धीरे-धीरे इसे दूसरे जनसरोकार के विषयों तक भी ले जाया जाएगा।

शिक्षा को बनाया पहला मुद्दा

अभिजीत दीपके ने कहा कि अभियान का सबसे पहला फोकस शिक्षा (Education) पर रहेगा। उनका कहना है कि आज स्कूल, कॉलेज और कोचिंग की बढ़ती फीस की वजह से बड़ी संख्या में परिवार अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा नहीं दिला पा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की पूरी टीम इस अभियान को जमीन पर लेकर जाएगी और शिक्षा व्यवस्था में सुधार को अपनी पहली प्राथमिकता बनाएगी।

स्कूलों की फीस पर उठाए सवाल

महाराष्ट्र में अभियान का ऐलान करते हुए अभिजीत दीपके ने कहा कि देश में शिक्षा लगातार महंगी होती जा रही है।

उन्होंने कहा कि कई स्कूलों में कक्षा 1 (Class 1) की सालाना फीस ही 1 लाख से 2 लाख रुपए के बीच पहुंच चुकी है। इसके अलावा कई जगह डोनेशन का चलन भी जारी है।

उन्होंने सवाल उठाया कि जब देश के लोगों की आय इतनी कम है तो आखिर आम परिवार अपने बच्चों की पढ़ाई का इतना बड़ा खर्च कैसे उठा पाएंगे।

कॉलेज और कोचिंग की फीस भी बनी चिंता

अभिजीत दीपके ने कहा कि समस्या केवल स्कूल तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा कि जब छात्र स्कूल से निकलकर कॉलेज (College) और कोचिंग (Coaching) में प्रवेश लेते हैं तो वहां भी महंगी फीस का सामना करना पड़ता है।

उनके मुताबिक कॉलेज और कोचिंग संस्थानों की बढ़ती फीस की वजह से कई परिवार कर्ज के जाल में फंस रहे हैं।

उन्होंने कहा कि कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) छात्रों और उनके परिवारों पर पड़ रहे इस आर्थिक बोझ को कम करने के लिए काम करना चाहती है।

भीमराव अंबेडकर का किया जिक्र

अभिजीत दीपके ने इस दौरान भीमराव अंबेडकर (Bhimrao Ambedkar) का जिक्र करते हुए कहा कि शिक्षा पर सभी का अधिकार है और यह हर व्यक्ति के लिए उपलब्ध होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि आज के समय में शिक्षा एक मुनाफे का धंधा बनती जा रही है, जबकि ऐसा नहीं होना चाहिए।

नए अभियान के पीछे क्या है वजह?

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के एक न्यायाधीश के बयान पर व्यंग्यात्मक रूप से शुरू हुई कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) आज राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है।

नीट (NEET) मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा होने के बाद सत्ता समर्थक लगातार सवाल उठा रहे थे कि क्या कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) झारखंड में भी छात्रों से जुड़े मुद्दों को उठाएगी, क्योंकि वहां भी छात्र आंदोलन जारी है। इस दौरान अभिजीत दीपके और उनके साथी इस मुद्दे पर साइडलाइन होते नजर आए।

अब 'क्या बोलती पब्लिक' अभियान की घोषणा के साथ अभिजीत दीपके ने अपने अगले कदम साफ कर दिए हैं।

वह पहले भी कह चुके हैं कि वह राजनीतिक पार्टी नहीं बनाएंगे, बल्कि स्थानीय स्तर पर सुधार के लिए एक 'प्रेशर ग्रुप' (Pressure Group) की तरह काम करेंगे।

माना जा रहा है कि कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का यह नया अभियान उसी प्रेशर ग्रुप की दिशा में एक नई शुरुआत हो सकता है।

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आदित्य कुमार वर्मा उत्तर प्रदेश के पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। उन्होंने भारतीय राजनीति, अपराध, स्वास्थ्य और मानवीय सरोकारों से जुड़ी खबरों की व्यापक रिपोर्टिंग की है। उनके पास मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री है और वे रिपोर्टर, एंकर तथा सब-एडिटर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं। साथ ही वो उत्तर प्रदेश की राजनीति, शासन-प्रशासन और नौकरशाही व्यवस्था की गहरी समझ रखते हैं। पत्रकारिता के अलावा उन्हें पुस्तकों का अध्ययन, लेखन, कविता-लेखन और पाठ और यात्राएं करना विशेष रूप से पसंद है। विभिन्न संस्कृतियों और समाजों को करीब से जानने-समझने की उनकी रुचि ने उनके दृष्टिकोण को व्यापक बनाया है, जिसका सकारात्मक प्रभाव उनकी लेखन शैली और रिपोर्टिंग में भी देखने को मिलता है।

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