'हम खुद अपनी जंग लड़ रहे हैं...' अभिजीत दीपके ने खोली CJP की चुप्पी की वजह

Abhijit Dipke: जामिया, साहिल वाकुडे और भीमाशंकर के मुद्दों पर CJP की चुप्पी को लेकर उठे सवालों पर अभिजीत दीपके ने जवाब दिया। उन्होंने संगठन के पास संसाधनों की कमी और पुलिस कार्रवाई के आरोप लगाए।

Shalni Kumari
Published on: 30 Oct 2026 1:41 PM IST
Abhijit Dipke
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Abhijit Dipke: कॉकरोच जनता पार्टी (Cockroach Janata Party) यानी CJP इन दिनों कई मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया नहीं दे पा रही है। इसे लेकर सोशल मीडिया (Social Media) पर पार्टी और उसके नेताओं से सवाल पूछे जा रहे हैं। खासकर जामिया मिल्लिया इस्लामिया (Jamia Millia Islamia) में छात्रों के प्रदर्शन और IIT बॉम्बे (IIT Bombay) से जुड़े साहिल वाकुडे (Sahil Wakude) के मामले पर सीजेपी की चुप्पी चर्चा में है। अब पार्टी के प्रमुख अभिजीत दीपके (Abhijit Dipke) ने एक वीडियो जारी कर इन सवालों का जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि सीजेपी अन्याय के खिलाफ लड़ने वाले लोगों के साथ है, लेकिन संगठन के सामने भी कई मुश्किलें हैं। दीपके ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस सीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं के पीछे लगी हुई है।

जामिया से लेकर साहिल वाकुडे तक के मुद्दों पर दी सफाई

अभिजीत दीपके ने इंस्टाग्राम (Instagram) पर पोस्ट किए गए वीडियो में कहा कि उन्हें लगातार ऐसे कमेंट मिल रहे हैं, जिनमें पूछा जा रहा है कि सीजेपी साहिल वाकुडे, जामिया मिल्लिया इस्लामिया, केरल में शिक्षकों के विरोध प्रदर्शन और भीमाशंकर से जुड़े मुद्दों पर क्यों नहीं बोल रही है।

उन्होंने कहा कि सीजेपी उन सभी लोगों के साथ खड़ी है, जो अन्याय (Injustice) के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। दीपके के मुताबिक, साहिल वाकुडे के मामले पर वह पहले भी कई बार अपनी बात रख चुके हैं। उन्होंने दावा किया कि साहिल के माता-पिता को पुलिस हिरासत में लिए जाने के मामले पर भी उन्होंने सवाल उठाए थे। उनका कहना था कि हाशिए पर रहने वाले छात्रों की आत्महत्या के मामले पहले भी सामने आते रहे हैं और सीजेपी ने इन मुद्दों पर अपनी बात रखी है।

दीपके ने बताया कि जामिया और भीमाशंकर से जुड़े मामलों पर भी संगठन की ओर से बयान जारी किया गया है।

सीजेपी के पास संसाधनों की कमी, बोले- हम छोटा संगठन हैं

पार्टी की ओर से हर मुद्दे पर तुरंत प्रतिक्रिया नहीं आने की वजह बताते हुए दीपके ने कहा कि सीजेपी कोई 30-40 साल पुराना संगठन नहीं है। यह महज तीन से चार महीने पहले शुरू हुई एक पहल है। संगठन के पास अभी बड़ा कैडर (Cadre) और पर्याप्त संसाधन (Resources) नहीं हैं।

उन्होंने समर्थकों से अपील की कि वे संगठन की स्थिति को समझें और हर मुद्दे पर प्रतिक्रिया देने के लिए थोड़ा समय दें। दीपके ने कहा कि सीजेपी के पास काम करने वाले लोगों की संख्या सीमित है और अब तक समर्थकों के सहयोग से ही संगठन आगे बढ़ा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आने वाले समय में हर मुद्दे पर अपनी बात रखने की कोशिश की जाएगी।

8 दिन जेल में रहे सीजेपी नेता, सैकड़ों कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेने का दावा

अभिजीत दीपके ने कहा कि संगठन के लोग फिलहाल अपनी लड़ाई और कानूनी मामलों से भी जूझ रहे हैं। उन्होंने बताया कि वह खुद दो बार ऐसी परिस्थितियों से गुजर चुके हैं। उनके मुताबिक, आशुतोष रांका और सौरभ दास करीब आठ दिनों तक जेल में रहे, जबकि संगठन के सैकड़ों वॉलिंटियर्स (Volunteers) को हिरासत में लिया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यकर्ताओं के साथ सड़कों पर दुर्व्यवहार किया गया।

दीपके ने यह भी आरोप लगाया कि सीजेपी नेताओं के खिलाफ कई मामले दर्ज किए गए हैं और पुलिस उनके पीछे लगी हुई है। उन्होंने कहा कि संगठन को एक तरफ इन मामलों से निपटना पड़ रहा है, तो दूसरी तरफ देश में चल रहे दूसरे मुद्दों पर भी अपनी बात रखनी है।

जंतर-मंतर प्रदर्शन के बाद हिरासत में लिए गए थे नेता

हाल ही में अभिजीत दीपके, सौरभ दास, आशुतोष रांका और अजिंक्य शिंदे समेत सीजेपी के कई नेताओं को हिरासत में लिया गया था। जानकारी के मुताबिक, जंतर-मंतर (Jantar Mantar) प्रदर्शन स्थल से हटाए जाने के बाद भी नारेबाजी जारी रखने के चलते रांका और दास को हिरासत में लिया गया था। दोनों करीब आठ दिनों तक तिहाड़ जेल (Tihar Jail) में रहे थे। वहीं, अजिंक्य शिंदे को मुचलके पर रिहा कर दिया गया था।

दीपके ने अपने वीडियो के आखिर में समर्थकों से संगठन की स्थिति समझने की अपील की। उन्होंने कहा कि सीजेपी अन्याय के खिलाफ लड़ने वालों के साथ है और संगठन अपनी क्षमता के अनुसार हर मुद्दे पर आवाज उठाने की कोशिश करता रहेगा।

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