यहां बच्चे धड़ल्ले से देख रहे एडल्ट कंटेंट! 13 साल के नाबालिगों की पहुंच में गंदे वीडियो, सरकार कब करेगी कार्यवाही?

Open Adult Content on Social Media: भारत में सोशल मीडिया पर बच्चों के लिए एडल्ट कंटेंट की खुली पहुंच है। जिसमें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स का नाम भी शामिल है।

Sonal Verma
Published on: 28 July 2025 11:55 AM IST
यहां  बच्चे धड़ल्ले से देख रहे एडल्ट कंटेंट! 13 साल के नाबालिगों की पहुंच में गंदे वीडियो, सरकार कब करेगी कार्यवाही?
X

Open Adult Content on Social Media: हाल ही में अश्लील और अभद्र कंटेंट प्रसारित करने वाले कुछ ओटीटी प्लेटफॉर्म पर केंद्र सरकार ने बैन लगा दिया है। सरकार की इस कार्यावाही के बाद से ये चर्चा तेज हो गई है कि एडल्ट कंटेंट की पहुंच किस तरह बढ़ती जा रही है। आज के समय में स्मार्टफोन और इंटरनेट बच्चों की पढ़ाई और मनोरंजन का मुख्य साधन बन गए हैं। लेकिन इसी डिजिटल दुनिया में बच्चों और स्टूडेंट्स के लिए एक छुपा हुआ खतरा भी है। वो खतरा है खुलेआम दिया जा रहा ‘एडल्ट कंटेंट का स्लो प्वाइज़न’। हाल ही में एक मीडिया एक रिपोर्ट ने लोगों का इस ओर ध्यान आकर्षित किया है कि कैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पूर्व में Twitter) पर बिना किसी आयु सत्यापन के पोर्नोग्राफिक सामग्री आसानी से देखी जा सकती है, और यह बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर डाल रही है। एक जांच में पाया गया है कि X पर पोर्न वीडियो-साइट्स और एडल्ट कंटेंट (Open Adult Content on X) बिना किसा रोक टोक के बढ़ता जार रहा है।सबसे चिंताजनक बात ये है कि X पर बिना एज वेरिफिकेशन के 13 साल के बच्चों का भी अकाउंट है क्योंकी यहां जन्म तारीख के वेरिफिकेशन की मैकेनिज्म ही नहीं है। इसका परिणाम ये है कि बच्चों को एडल्ट कंटेंट एक्सपोजर पर कोई रोक नहीं है।

इस मामले में रिसर्च करने वाले सौरभ जैन कहते हैं कि “सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन कहती है पोर्न साइट पर भी सहमति वाले वीडियो डाले जा सकते हैं, पर X पर कई दुष्कर्म केस यहां तक कि कुंभ में महिला स्नान के आपत्तिजनक वीडियो हैं। “


पोर्न प्रमोशन से होती है मोटी कमाई

पोर्न साइट्स पर काफी ट्रेफिक रहता है और ये कमाई का अच्छा जरिया है। पोर्न के फ्री प्रमोशन के नाम पर पैसे कमाने का खेल X पर हो रहा है। जानकारी के मुताबिक, यहां फर्जी अकाउंट पर पोर्न वीडियो की क्लिप डालकर एडल्ट साइट पर रीडायरेक्ट किया जाता है। वहां पर मोटी सब्सक्रिप्शन फीस लेकर एक्सेस देते हैं। कई पोर्न वेबसाइट में ऐसे वायरस होते हैं जो मोबाइल से प्राइवेट वीडियो, निजी फोटो निकाल लेते हैं। फिर हैकर्स इनसे यूजर्स को ब्लैकमेल करते हैं।यहां भी बच्चों की पहुंच में है एडल्ट कंटेंट (List of Open Online Adult Content Sourses)

-गूगल सर्च और YouTube ऑटो सजेशन

सिर्फ "hot video", "romantic movie", "desi romance" टाइप करने पर सर्च इंजन ऐसे रिज़ल्ट दिखाता है जिनमें पोर्न वेबसाइट्स या YouTube वीडियो होते हैं। YouTube का “restricted mode” चालू न होने पर कई अश्लील वीडियो thumbnails के ज़रिए बच्चों को आकर्षित करते हैं।

-Telegram और WhatsApp ग्रुप्स में अश्लील लिंक

कुछ ग्रुप्स "18+ मजेदार जोक्स" या "Movie Updates" के नाम से होते हैं, लेकिन इनमें नग्न चित्र, वीडियो लिंक और लाइव अश्लील स्ट्रीम साझा किए जाते हैं। ये ग्रुप्स बच्चों तक स्कूल दोस्तों, सोशल मीडिया या Reddit जैसी साइट्स के जरिए पहुंचते हैं।


-VPN के जरिए बैन साइट्स तक पहुंच आसान

भारत में कुछ पोर्न साइट्स बैन जरूर हैं, लेकिन मोबाइल ऐप स्टोर्स पर उपलब्ध फ्री VPN ऐप्स के जरिए बच्चे लोकेशन बदलकर इन साइट्स तक पहुंच बना लेते हैं। "Turbo VPN", "Psiphon", "Super VPN" जैसी ऐप्स एक क्लिक में पाबंदी हटा देती हैं।

गेमिंग और मूवी डाउनलोड साइट्स में पोर्न ऐड्स

मुफ्त गेमिंग ऐप्स और फ्री डाउनलोड साइट्स पर क्लिकबेट अश्लील विज्ञापन होते हैं, जिनपर क्लिक करके बच्चे पोर्न साइट्स तक पहुंचते हैं।

क्या कर रही है सरकार और सोशल मीडिया कंपनियां?

-रिपोर्ट के अनुसार, Twitter/एक्स पर अश्लीलता की भरमार के बावजूद सरकारी की तरफ से कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है।

-बच्चों की सुरक्षा सिर्फ माता-पिता की नहीं, डिजिटल कंपनियों और नीति निर्माताओं की भी सामूहिक जिम्मेदारी है। इसलिए उन्हें भी अपनी पोलिसी में बदलाव करने चाहिए।

सरकार की तरफ से सख्त कार्यवाही की आवश्यकता (Government Action Needed To Stop Online Adult Content)

इंटरनेट बच्चों का भविष्य संवार भी सकता है और बिगाड़ भी। सोशल मीडिया और ओपन वेब पर अश्लील सामग्री की आसान उपलब्धता एक गहरी चिंता का विषय है। यदि इस पर समय रहते कानूनी, तकनीकी और सामाजिक स्तर पर हस्तक्षेप नहीं किया गया, तो एक पूरी पीढ़ी मानसिक और भावनात्मक रूप से प्रभावित हो सकती है। ऐसे में बच्चों को पोर्न केटेंट से बचाने के लिए सरकार को AI बेस्ड कंटेंट मॉनिटरिंग, ऑटोमैटिक age-verification filters और सख्त पॉलिसी लागू करने की आवश्यकता है।

1 / 6
Your Score0/ 6
Sonal Verma

Sonal Verma

Former Content Writer Mail ID - discoversonal@gmail.com

Sonal Verma is a former Reporter at Newstrack.com.

Next Story