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अग्निवीरों की 4 साल की नौकरी होगी 6 साल? पहले बैच के रिटायरमेंट से पहले मोदी सरकार का बड़ा प्लान!
Agniveer Service Extension 2026: अग्निवीरों के पहले बैच की सेवा अवधि खत्म होने वाली है। क्या अब जवानों को 2 साल का अतिरिक्त मौका मिलेगा? जानिए अग्निपथ योजना में संभावित बदलाव और इससे जुड़े विवाद।
Agniveer Service Extension
Agniveer Service Extension 2026: भारतीय सेना (Indian Army) में अग्निवीर (Agniveer) बनकर देश की सेवा करने वाले हजारों युवाओं के लिए बड़ी खबर है। चार साल की सेवा पूरी होने के बाद घर लौटने की तैयारी कर रहे अग्निवीरों को अब दो साल और वर्दी पहनने का मौका मिलेगा। केंद्र सरकार ने पहले बैच के अग्निवीरों की सेवा अवधि (Service Period) को दो साल बढ़ाने पर मुहर लगा दी है। इस फैसले के बाद अग्निवीरों का कार्यकाल चार साल से बढ़कर छह साल हो जाएगा। दो साल के इस अतिरिक्त कार्यकाल को 'सेकेंड टूर ऑफ ड्यूटी' (Second Tour of Duty) कहा जाएगा।
इस फैसले की घोषणा चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने की। उन्होंने बताया कि मौजूदा अग्निपथ योजना (Agnipath Scheme) की समीक्षा के बाद यह फैसला लिया गया है। अभी तक नियम था कि चार साल की सेवा पूरी करने के बाद 25 फीसदी अग्निवीरों को नियमित कैडर (Regular Cadre) में शामिल किया जाएगा, जबकि बाकी 75 फीसदी जवानों को सेवा से मुक्त कर दिया जाएगा। लेकिन नए प्रस्ताव के तहत सेवा से बाहर होने वाले 75 फीसदी अग्निवीरों में से भी एक निश्चित संख्या को दो साल और सेना में काम करने का विकल्प मिलेगा।
कब सेवा से मुक्त होगा अग्निवीरों का पहला बैच?
अग्निपथ योजना के तहत भर्ती हुए पहले बैच के जवानों की चार साल की सेवा अवधि पूरी होने वाली है। इसके साथ ही उनकी सेवा समाप्त होने की तारीखें भी करीब आ गई हैं। भारतीय नौसेना (Indian Navy) के अग्निवीरों का पहला बैच 21 नवंबर 2026 को सेवा से मुक्त होगा। वहीं, भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) के अग्निवीर 21 दिसंबर 2026 और भारतीय थल सेना (Indian Army) के अग्निवीर 31 दिसंबर 2026 को अपनी चार साल की सेवा पूरी करेंगे।
दो साल के सेवा विस्तार का फैसला ऐसे समय में आया है, जब पहले बैच के अग्निवीरों के सामने आगे के करियर को लेकर सवाल खड़े हो रहे थे। नए बदलाव के तहत कुछ जवानों को चार साल के बाद भी सेना में सेवा जारी रखने का अवसर मिल सकेगा।
क्या है अग्निपथ योजना (Agnipath Scheme)?
केंद्र सरकार ने 14 जून 2022 को तीनों सेनाओं में युवाओं की भर्ती के लिए अग्निपथ योजना की शुरुआत की थी। इस योजना के तहत भर्ती होने वाले जवानों को अग्निवीर कहा जाता है। इसके जरिए साढ़े 17 साल से लेकर 21 साल तक की उम्र के युवाओं को भारतीय थल सेना, नौसेना और वायुसेना में भर्ती किया जाता है। योजना का मुख्य उद्देश्य सेना में युवाओं को अवसर देना और सशस्त्र बलों में नई भर्ती व्यवस्था लागू करना था।
इस योजना के तहत अग्निवीरों की सेवा अवधि चार साल निर्धारित की गई थी। इस दौरान उन्हें हर महीने वेतन दिया जाता है। चार साल की सेवा पूरी होने के बाद अधिकतम 25 फीसदी अग्निवीरों को नियमित कैडर में शामिल करने का प्रावधान है। बाकी 75 फीसदी जवानों को सेवा से मुक्त कर दिया जाता है। सेवा समाप्त होने पर उन्हें करीब 11 लाख 71 हजार रुपये की एकमुश्त सेवा निधि (Seva Nidhi Package) दी जाती है। हालांकि, इस व्यवस्था में सेवा से बाहर होने वाले अग्निवीरों को नियमित पेंशन (Pension) का लाभ नहीं मिलता।
अग्निपथ योजना आने के बाद क्यों हुआ था विवाद?
जब केंद्र सरकार ने जून 2022 में अग्निपथ योजना की घोषणा की थी, तब देशभर में इसका विरोध शुरू हो गया था। बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में सेना में भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया था। कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन हिंसक भी हो गए थे।
युवाओं के विरोध की सबसे बड़ी वजह चार साल की सीमित नौकरी थी। उनका कहना था कि सेना में भर्ती होने के लिए वे सालों तक मेहनत और तैयारी करते हैं, लेकिन नई योजना के तहत सिर्फ चार साल की सेवा के बाद उन्हें बाहर कर दिया जाएगा। इसके अलावा केवल 25 फीसदी अग्निवीरों को ही नियमित सेवा में शामिल करने के नियम पर भी सवाल उठाए गए थे। युवाओं को चिंता थी कि बाकी 75 फीसदी जवानों का भविष्य चार साल बाद क्या होगा और उन्हें रोजगार के लिए दोबारा संघर्ष करना पड़ेगा।
योजना में पेंशन की व्यवस्था नहीं होने को लेकर भी काफी विवाद हुआ था। युवाओं और विपक्षी दलों ने सवाल उठाया था कि लंबे समय तक सेना में नौकरी करने की उम्मीद रखने वाले युवाओं को चार साल बाद सेवा से बाहर करना कितना उचित है। इसके अलावा सेना में अनुभव, प्रशिक्षण और जवानों की स्थायी नियुक्ति जैसे मुद्दों पर भी बहस हुई थी।
विरोध के बीच सरकार ने अग्निवीरों के भविष्य को लेकर कई तरह के अवसर देने की बात कही थी। सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों को केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) और अन्य सुरक्षा सेवाओं में रोजगार के अवसर देने के लिए भी प्रावधान किए गए। अब दो साल के सेवा विस्तार के फैसले को अग्निपथ योजना में एक बड़े बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है।
अब अग्निवीरों के लिए क्या बदलेगा?
अब तक अग्निवीरों के सामने चार साल की सेवा पूरी होने के बाद नियमित कैडर में शामिल होने या सेवा से मुक्त होने का विकल्प था। लेकिन नए फैसले के बाद सेवा से मुक्त होने वाले 75 फीसदी अग्निवीरों में से भी एक निश्चित हिस्से को दो साल अतिरिक्त सेवा का अवसर मिल सकेगा। इससे चयनित जवानों को छह साल तक सेना में काम करने का मौका मिलेगा।
इस बदलाव के बाद अग्निपथ योजना के तहत भर्ती हुए जवानों को सेना में ज्यादा समय तक अनुभव हासिल करने का अवसर मिलेगा।


