Airline Flight Cut News: फ्लाइट्स कम, किराया ज्यादा... एयरलाइंस के फैसले से यात्रियों की बढ़ेगी टेंशन

Airline Flight Cut News 2026: Air India और IndiGo घरेलू उड़ानें घटाने की तैयारी में, टिकट किराए और यात्रा खर्च बढ़ने की आशंका

Jyotsana Singh
Published on: 28 May 2026 5:30 PM IST (Updated on: 28 May 2026 5:30 PM IST)
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Airline Flight Cut News 2026

Airline Flight Cut News 2026: पहले से महंगाई की मार से जूझ रहे लोगों की जेब के लिए अब हवाई सफर भी आसान नहीं रह गया है। अगर आप जून से अगस्त के बीच हवाई सफर की तैयारी कर रहे हैं तो जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है। देश की दो सबसे बड़ी एयरलाइंस एयर इंडिया और इंडिगो घरेलू उड़ानों की संख्या कम करने की तैयारी में हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह ईरान युद्ध के बाद कच्चे तेल और विमान ईंधन यानी एटीएफ की कीमतों में आई तेज बढ़ोतरी मानी जा रही है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक 1 जून से 31 अगस्त तक कई घरेलू रूट्स पर उड़ानों की संख्या घटाई जा सकती है। एयर इंडिया जहां अपने घरेलू ऑपरेशंस में करीब 15 फीसदी तक कटौती करने पर विचार कर रही है। वहीं इंडिगो भी 5 से 7 फीसदी तक फ्लाइट्स कम करने की तैयारी कर रही है। विमानन कंपनियों के इस निर्णय के बाद माना जा रहा है कि इससे आने वाले दिनों में टिकटों की कीमतें बढ़ सकती हैं और यात्रियों को अब हवाई सफर तय करने के कम विकल्प मिलेंगे।

एटीएफ महंगा होना बनी वजह

एयरलाइंस कंपनियों की सबसे बड़ी लागत विमान ईंधन यानी एयर टरबाइन फ्यूल होती है। पिछले कुछ हफ्तों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आने के बाद एटीएफ के दाम भी तेजी से बढ़े हैं।

इस बारे में मिली जानकारी के अनुसार घरेलू उड़ानों के लिए एटीएफ की कीमत पहले करीब 80 हजार रुपये प्रति किलोलीटर थी। जो अब बढ़कर एक लाख रुपये प्रति किलोलीटर से ऊपर पहुंच गई है। ऐसे में कई रूट्स पर फ्लाइट ऑपरेट करना कंपनियों के लिए एक बड़ी चुनौती के साथ घाटे का सौदा बनता जा रहा है।

किन रूट्स पर कम हो सकती हैं फ्लाइट्स

रिपोर्ट्स के मुताबिक एयर इंडिया किसी भी रूट को पूरी तरह बंद नहीं करेगी, लेकिन उड़ानों की संख्या घटाई जा सकती है।

मुंबई से अहमदाबाद, नागपुर, पटना और भोपाल के बीच उड़ानें कम होने की संभावना है। वहीं दिल्ली से हैदराबाद, बेंगलुरु और कोलकाता रूट पर भी फ्लाइट्स घटाई जा सकती हैं। अगर सीटों की उपलब्धता कम हुई और मांग बनी रही तो इसका सीधा असर टिकट किराए पर दिख सकता है। ट्रैवल इंडस्ट्री के जानकारों का कहना है कि गर्मियों के बाद त्योहारी सीजन शुरू होने से किराए और बढ़ सकते हैं।

एविएशन मार्केट पर दोनों कंपनियों का बड़ा कब्जा

इंडिगो इस समय देश की सबसे बड़ी एयरलाइन है। एयर इंडिया और इंडिगो मिलकर भारत के घरेलू एविएशन मार्केट में 90 फीसदी से ज्यादा हिस्सेदारी रखते हैं। ऐसे में इन दोनों कंपनियों की ओर से उड़ानों में कटौती का असर सीधे लाखों यात्रियों पर पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि छोटी एयरलाइंस के पास इतनी क्षमता नहीं है कि वे तुरंत अतिरिक्त मांग को संभाल सकें। यही वजह है कि अगले तीन महीने यात्रियों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं।

एयर इंडिया का बढ़ता घाटा चिंता की वजह

टाटा ग्रुप के अधिग्रहण के बाद एयर इंडिया बड़े स्तर पर बदलाव के दौर से गुजर रही है, लेकिन कंपनी का घाटा लगातार बढ़ रहा है। वित्त वर्ष 2026 में एयर इंडिया का घाटा बढ़कर करीब 26 हजार करोड़ रुपये पहुंच गया, जबकि पिछले साल यह 10,859 करोड़ रुपये था।

एयर इंडिया में सिंगापुर एयरलाइंस की 25.1 फीसदी हिस्सेदारी है। इस बीच टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने एयर इंडिया, टाटा डिजिटल और टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे नए बिजनेस के घाटे को कम करने के लिए तीन साल का प्लान तैयार किया है।

माना जा रहा है कि लागत कम करने और ऑपरेशनल दबाव घटाने के लिए एयर इंडिया उड़ानों की संख्या सीमित करने जैसे कदम उठा सकती है।

इस बदलाव के साथ यात्रियों पर क्या होगा असर?

एयरलाइंस कंपनियों द्वारा इन नए नियमों को लागू करने के साथ पड़ने वाले प्रभावों की बात करें तो अगर उड़ानों की संख्या कम होती है तो यात्रियों को पहले से टिकट बुक करनी पड़ सकती है। आखिरी समय में टिकट खरीदने वालों को ज्यादा किराया देना पड़ सकता है। विशेष रूप से दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे व्यस्त रूट्स पर किराए में तेजी देखने को मिल सकती है। ट्रैवल एजेंसियों का कहना है कि आने वाले हफ्तों में कई रूट्स पर किराए पहले ही ऊपर जाने लगे हैं।

क्या अगले तीन महीने मुश्किल भरे होंगे?

एविएशन सेक्टर इस समय दोहरी चुनौती का सामना कर रहा है। एक तरफ ईंधन महंगा है, दूसरी तरफ ऑपरेटिंग कॉस्ट लगातार बढ़ रही है। ऐसे में एयरलाइंस कंपनियां नुकसान कम करने के लिए सीमित उड़ानें चलाने की रणनीति अपना सकती हैं।

एक्सपर्ट्स का इस बारे में कहना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें जल्द नहीं घटीं तो हवाई यात्रा का खर्च और बढ़ सकता है। ऐसे में यात्रियों को आने वाले महीनों में महंगी टिकट और कम फ्लाइट विकल्प दोनों का सामना करना पड़ सकता है।

ज्योत्सना सिंह

27.05.2026

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Content Writer Mail ID - jyotsana.b.singh@gmail.com

Jyotsana Singh is an Tech/Auto and Tourism Desk Content Writer at Newstrack.com.

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