'CJP नेताओं की न्यूड तस्वीरें ली', वायरल विडियो में बोलते दिखे NSA अजीत डोभाल! जानिए क्या है सच

Ajit Doval Deepfake Video: CJP नेताओं की न्यूड तस्वीरें लेने और धमकी देने का वायरल वीडियो फर्जी है। PIB फैक्ट चेक ने किया खुलासा, जानिए 2019 के वीडियो और AI जांच की पूरी सच्चाई।

Alakha Singh
Published on: 26 Oct 2026 4:16 PM IST (Updated on: 26 Oct 2026 4:18 PM IST)
CJP नेताओं की न्यूड तस्वीरें ली, वायरल विडियो में बोलते दिखे NSA अजीत डोभाल! जानिए क्या है सच
X

CJP Leaders Nued Photo Deepfake Video: सोशल मीडिया पर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल का एक कथित वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें दावा किया जा रहा है कि कॉकroach जनता पार्टी (CJP) के नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका को हिरासत से रिहा करने से पहले उनकी आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो बनाए गए थे। कथित वीडियो में उन्हें दोबारा प्रदर्शन करने पर तस्वीरें सार्वजनिक करने की धमकी देते हुए भी दिखाया गया है। हालांकि, यह दावा भ्रामक है। प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) की फैक्ट-चेक टीम ने वीडियो को डीपफेक करार दिया है।

वायरल वीडियो में क्या दावा किया जा रहा है?

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किए जा रहे इस वीडियो में डोभाल की आवाज में कथित तौर पर कहा जा रहा है कि CJP नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका को इस बार छोड़ दिया गया है, लेकिन उनकी न्यूड तस्वीरें और वीडियो अपने पास रखे गए हैं। साथ ही, दोबारा प्रदर्शन करने पर उन्हें सार्वजनिक करने की धमकी देने का दावा किया गया है।


यह वीडियो ऐसे समय में प्रसारित किया जा रहा है, जब CJP नेताओं की हिरासत, विरोध-प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई को लेकर पहले से राजनीतिक विवाद चर्चा में है। X यूजर ‘RedDeFacto’ की पोस्ट को रिपोर्ट तैयार किए जाने के समय तक 3.8 लाख से अधिक बार देखा जा चुका था।

रिवर्स इमेज सर्च से सामने आया वीडियो का सच

वीडियो की प्रामाणिकता जांचने के लिए इसके दृश्यों का रिवर्स इमेज सर्च किया गया। जांच में अजीत डोभाल का एक पुराना YouTube वीडियो मिला, जिसमें वह वायरल क्लिप जैसी ही पृष्ठभूमि और सेटिंग में दिखाई देते हैं। यह वीडियो 19 मार्च 2019 को प्रकाशित हुआ था।

इससे वायरल क्लिप की पृष्ठभूमि के पुराने होने का पता चला, लेकिन केवल समान दृश्य मिलना कथित बयान की पुष्टि नहीं करता। वीडियो और ऑडियो की अलग-अलग जांच भी जरूरी थी।

AI डिटेक्टर से भी की गई जांच

वायरल वीडियो के ऑडियो और विजुअल की जांच के लिए Hive Moderation जैसे AI-कंटेंट डिटेक्टर और Hiya के Deepfake Voice Detector का इस्तेमाल किए जाने की जानकारी दी गई। इन उपकरणों का उद्देश्य यह पता लगाने में मदद करना है कि किसी वीडियो या आवाज में कृत्रिम बदलाव के संकेत हैं या नहीं।

हालांकि, AI डिटेक्टर के नतीजों को अकेले अंतिम प्रमाण नहीं माना जा सकता। ऐसे मामलों में मूल वीडियो, उपलब्ध रिकॉर्ड और आधिकारिक फैक्ट-चेक को साथ रखकर निष्कर्ष निकालना जरूरी होता है।

PIB ने बताया डीपफेक, झूठा है दावा

प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) की फैक्ट-चेक टीम ने X पर वायरल वीडियो को डीपफेक बताया। यानी वीडियो के जरिए अजीत डोभाल के नाम पर ऐसा बयान प्रसारित किया जा रहा है, जिसकी वास्तविकता की पुष्टि नहीं होती और जिसे आधिकारिक फैक्ट-चेक ने फर्जी करार दिया है।


इसलिए वायरल क्लिप के आधार पर यह निष्कर्ष निकालना गलत होगा कि NSA अजीत डोभाल ने CJP नेताओं की आपत्तिजनक तस्वीरें लेने या उन्हें सार्वजनिक करने की धमकी देने की बात स्वीकार की है।

CJP विवाद के बीच डीपफेक का इस्तेमाल क्यों गंभीर है?

राजनीतिक विरोध, हिरासत और पुलिस कार्रवाई जैसे संवेदनशील मुद्दों पर किसी वरिष्ठ सरकारी अधिकारी के नाम से फर्जी बयान प्रसारित होना जनमत को प्रभावित कर सकता है। खासकर तब, जब वीडियो में किसी व्यक्ति की वास्तविक आवाज और पुराने दृश्य इस्तेमाल किए गए हों, जिससे वह पहली नजर में असली दिखाई दे।

ऐसे वीडियो को बिना सत्यापन साझा करने से गलत सूचना फैल सकती है और संबंधित व्यक्ति या संस्था की छवि को नुकसान पहुंच सकता है। वायरल क्लिप साझा करने से पहले मूल वीडियो, विश्वसनीय समाचार रिपोर्ट और PIB फैक्ट-चेक जैसे आधिकारिक स्रोतों से पुष्टि करना जरूरी है।

Alakha Singh
ABOUT THE AUTHOR

Alakha Singh

alakhsingh2025@hotmail.com

Alakha Singh is a Senior journalist with having more than one decade of experience in digital media. Alakha Singh has covered Loksabha Elections 2014 and 2019 closely with the several state assembly elections. He has expertise in SEO oriented content writing on various topics and issues. At HT Digital Alakha Singh has been recognised as one of the top performer of the team for many years continuously. At Livehindustan Alakha has worked on National, States and Utility beats (Career Beat in last 4 years mainly), Earlier he worked with HT Digital for more than 8 years and 2.5 years with Amar Ujala web. In initial days of his career Alakha Singh also worked as a reporter (stringer) with NBT Gurgaon. He pursued P.G. Diploma in Journalism from South Campus, University of Delhi in 2013 and MAMC from Kurukshetra University in 2014. He Belongs to District Banda of Uttar Pradesh.

Next Story