Amarnath Yatra 2026: 3865 श्रद्धालुओं का दूसरा जत्था रवाना, जानिए यात्रा के नियम

Amarnath Yatra 2026: अमरनाथ यात्रा 2026 का दूसरा जत्था जम्मू से रवाना हो गया। जानिए यात्रा के नियम, रजिस्ट्रेशन, RFID कार्ड, हेल्थ सर्टिफिकेट, सुरक्षा व्यवस्था, दोनों मार्ग और श्रद्धालुओं के लिए जरूरी दिशा-निर्देश।

Alakha Singh
Published on: 4 July 2026 7:23 AM IST (Updated on: 4 July 2026 7:28 AM IST)
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Amarnath Yatra 2026: पवित्र अमरनाथ यात्रा 2026 के दूसरे दिन शुक्रवार को श्रद्धालुओं का दूसरा जत्था जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास बेस कैंप से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच रवाना हुआ। इस जत्थे में कुल 3,865 श्रद्धालु शामिल हैं, जो बालटाल और पहलगाम दोनों मार्गों से बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए कश्मीर घाटी की ओर बढ़े। अधिकारियों के अनुसार, दूसरे जत्थे में 1,735 श्रद्धालु बालटाल मार्ग और 2,130 श्रद्धालु पहलगाम मार्ग से यात्रा करेंगे। श्रद्धालुओं का काफिला सुरक्षा बलों की निगरानी में बसों और अन्य वाहनों के माध्यम से रवाना किया गया।

इस वर्ष यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व स्तर पर मजबूत किया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि केवल पूर्व-पंजीकृत (Advance Registered) श्रद्धालुओं को ही यात्रा की अनुमति दी जाएगी। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार प्रतिदिन सीमित संख्या में ही यात्रियों को यात्रा मार्ग पर जाने की अनुमति दी जा रही है।

प्रधानमंत्री मोदी ने दी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं

इससे पहले गुरुवार को जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। अमरनाथ यात्रा इस वर्ष 3 जुलाई से 28 अगस्त 2026 तक चलेगी। यात्रा के लिए प्रशासन ने सुरक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन और आपदा प्रबंधन के व्यापक इंतजाम किए हैं। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए स्वच्छता, सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने का संदेश दिया।

पवित्र अमरनाथ गुफा के दर्शन 12,756 फीट की ऊंचाई पर

यह पवित्र यात्रा जम्मू-कश्मीर स्थित हिमालय की ऊंची पर्वत श्रृंखलाओं में लगभग 3,888 मीटर (12,756 फीट) की ऊंचाई पर स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा तक होती है। गुफा में प्राकृतिक रूप से बनने वाला हिम शिवलिंग भगवान शिव का स्वरूप माना जाता है, जिसके दर्शन के लिए हर वर्ष देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं।



अमरनाथ यात्रा के दो प्रमुख मार्ग:

1. बालटाल मार्ग

-कुल दूरी लगभग 14 किलोमीटर

-छोटा लेकिन अधिक कठिन और खड़ी चढ़ाई वाला रास्ता

-सामान्यतः एक दिन में यात्रा पूरी की जा सकती है।

2. पहलगाम मार्ग

-कुल दूरी लगभग 36 से 43 किलोमीटर

-अपेक्षाकृत लंबा लेकिन आसान मार्ग

-इस रास्ते से यात्रा पूरी करने में 3 से 5 दिन का समय लगता है।

यात्रा के लिए जरूरी नियम:

-केवल पूर्व पंजीकरण (Advance Registration) कराने वाले श्रद्धालुओं को ही यात्रा की अनुमति है।

-प्रत्येक श्रद्धालु के लिए अनिवार्य स्वास्थ्य प्रमाणपत्र (Compulsory Health Certificate - CHC) होना जरूरी है।

-यात्रा परमिट और वैध पहचान पत्र साथ रखना अनिवार्य है।

-सभी यात्रियों को RFID कार्ड पहनना अनिवार्य है, जिससे सुरक्षा एजेंसियां उनकी लोकेशन पर नजर रख सकें।

-प्रशासन द्वारा निर्धारित सुरक्षा काफिले (Convoy) के साथ ही यात्रा करनी होगी।

-बिना पंजीकरण वाले श्रद्धालुओं को यात्रा की अनुमति नहीं दी जाएगी।

कौन कर सकता है यात्रा?

-13 वर्ष से कम और 70 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को यात्रा की अनुमति नहीं है।

-6 सप्ताह से अधिक गर्भवती महिलाओं को यात्रा करने की अनुमति नहीं है।

- केवल शारीरिक रूप से स्वस्थ श्रद्धालु ही यात्रा करें, क्योंकि यह ऊंचाई वाला कठिन ट्रैक है।

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Alakha Singh is a journalist with having more than one decade of experience in digital media. Alakha Singh has covered Loksabha Elections 2014 and 2019 closely with the several state assembly elections. He has expertise in SEO oriented content writing on various topics and issues. At HT Digital Alakha Singh has been recognised as one of the top performer of the team for many years continuously. Earlier he worked with HT Digital for more than 8 years and 2.5 years with Amar Ujala web. In initial days of his career Alakha Singh also worked as a reporter (stringer) with NBT Gurgaon. He pursued P.G. Diploma from South Campus, University of Delhi in 2013 and MAMC from Kurukshetra University in 2014. He Belongs to District Banda of Uttar Pradesh.

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