अमित शाह से NCP के बड़े नेताओं की मुलाकात, क्या फिर एक होंगे शरद पवार-अजित पवार गुट? महाराष्ट्र में बढ़ी हलचल

अमित शाह से NCP के वरिष्ठ नेताओं की मुलाकात के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में शरद पवार और अजित पवार गुटों के संभावित विलय को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

Sachin Singh
Published on: 2 Nov 2026 10:07 PM IST (Updated on: 2 Nov 2026 10:08 PM IST)
अमित शाह से NCP के बड़े नेताओं की मुलाकात, क्या फिर एक होंगे शरद पवार-अजित पवार गुट? महाराष्ट्र में बढ़ी हलचल
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Amit Shah Meeting NCP Leaders: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के वरिष्ठ नेताओं ने दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की है। इस बैठक के बाद शरद पवार और अजित पवार के गुटों के दोबारा एक होने की अटकलें तेज हो गई हैं।

खास बात यह है कि बैठक में NCP के कई बड़े नेता मौजूद थे, लेकिन पार्टी की अध्यक्ष सुनेत्रा पवार और उनके बेटे पार्थ पवार इसमें शामिल नहीं हुए। उनकी गैरमौजूदगी ने पार्टी के भीतर चल रही राजनीतिक हलचल को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, NCP ने किसी भी तरह की अंदरूनी कलह से इनकार किया है और कहा है कि पार्टी सुनेत्रा पवार के नेतृत्व में एकजुट है।

अमित शाह से मिलने पहुंचे NCP के दिग्गज नेता

दिल्ली में अमित शाह से मुलाकात करने वाले नेताओं में प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे, छगन भुजबल, धनंजय मुंडे, हसन मुश्रीफ और दिलीप वलसे पाटिल शामिल थे। इस बैठक को महाराष्ट्र की मौजूदा राजनीति और पार्टी से जुड़े मुद्दों के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

बैठक ऐसे समय हुई है, जब शरद पवार और अजित पवार के नेतृत्व वाले दोनों गुटों के संभावित विलय को लेकर चर्चाएं चल रही हैं। राजनीतिक हलकों में यह भी सवाल उठ रहा है कि अगर दोनों गुट एक होते हैं, तो क्या नई राजनीतिक व्यवस्था बीजेपी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) और महाराष्ट्र के महायुति गठबंधन के साथ मिलकर आगे बढ़ेगी?

हालांकि, अभी तक दोनों गुटों के विलय या भविष्य की राजनीतिक रणनीति को लेकर कोई औपचारिक फैसला सामने नहीं आया है।

सुनेत्रा पवार और पार्थ पवार बैठक में क्यों नहीं थे?

इस मुलाकात में सुनेत्रा पवार और पार्थ पवार की गैरमौजूदगी ने सियासी चर्चाओं को और हवा दी है। ऐसे में सवाल उठने लगे कि क्या NCP के भीतर नेतृत्व और भविष्य की रणनीति को लेकर कोई खींचतान चल रही है?

लेकिन पार्टी ने इन अटकलों को खारिज कर दिया है। NCP के राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता उमेश पाटिल ने कहा कि अमित शाह से मिलने का कार्यक्रम पहले से तय था। बैठक में पार्टी से जुड़े विषयों, महाराष्ट्र के हितों और अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई।

पाटिल के मुताबिक, अजित पवार के निधन के बाद सुनेत्रा पवार और पार्थ पवार पहले ही अमित शाह से मुलाकात कर चुके थे। उस दौरान सुनेत्रा पवार ने उन्हें बताया था कि पार्टी के वरिष्ठ नेता भी उनसे मिलने आएंगे।

उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नेताओं को अजित पवार के कार्यकाल से जुड़े मामलों और राज्य के हितों की जानकारी है। बैठक के दौरान महायुति गठबंधन के दूसरे घटक दलों के नेताओं के साथ भी अनौपचारिक बातचीत हुई।

NCP ने कहा- पार्टी में सब ठीक, बेवजह दिया जा रहा राजनीतिक रंग

बैठक के बाद पार्टी के भीतर मतभेद की अटकलों पर NCP ने सफाई दी। उमेश पाटिल ने कहा कि कुछ लोग इस मुलाकात को बेवजह राजनीतिक रंग देने और पार्टी के अंदर मतभेद दिखाने की कोशिश कर रहे हैं।

उन्होंने साफ किया कि NCP सुनेत्रा पवार के नेतृत्व में एकजुट है। पार्टी की ओर से यह भी कहा गया कि बैठक का मकसद किसी गुट के खिलाफ रणनीति बनाना नहीं, बल्कि पार्टी और महाराष्ट्र से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करना था।

हालांकि, दोनों गुटों के संभावित विलय की चर्चा अभी खत्म नहीं हुई है। शरद पवार के नेतृत्व वाली NCP (SP) पहले बीजेपी के नेतृत्व वाले गठबंधन में शामिल होने की संभावना को खारिज कर चुकी है। वहीं, सुनेत्रा पवार के नेतृत्व वाले गुट के कुछ नेताओं ने भी इस तरह के राजनीतिक बदलाव को लेकर अपनी आशंकाएं जताई हैं। ऐसे में दोनों गुटों का एक होना आसान नहीं माना जा रहा।

विधान परिषद चुनाव में हार के बाद बढ़ी चिंता

NCP के सामने एक और चुनौती हाल के महाराष्ट्र विधान परिषद चुनावों में खराब प्रदर्शन की है। पार्टी इन चुनावों में एक भी सीट जीतने में सफल नहीं रही। इसके बाद पार्टी ने सोमवार को मुंबई में कोर कमेटी की बैठक बुलाकर नतीजों की समीक्षा करने का फैसला किया।

चुनावी नतीजों के बाद पार्टी के भीतर आगे की रणनीति को लेकर चर्चा होना स्वाभाविक है। ऐसे में अमित शाह से वरिष्ठ नेताओं की मुलाकात को पार्टी की राजनीतिक दिशा और भविष्य की योजनाओं के संदर्भ में भी देखा जा रहा है।

हालांकि, पार्टी ने इस मुलाकात को चुनावी हार या अंदरूनी मतभेद से जोड़ने से इनकार किया है।

महाराष्ट्र में वित्त मंत्रालय को लेकर भी चल रही चर्चा

महाराष्ट्र सरकार में वित्त मंत्रालय का विभाग भी NCP के लिए अहम मुद्दा बना हुआ है। यह विभाग पहले अजित पवार के पास था। जनवरी में उनके निधन के बाद फिलहाल मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस इस विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

NCP अब वित्त मंत्रालय का विभाग वापस चाहती है। ऐसे में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की अमित शाह से मुलाकात के दौरान राज्य सरकार में विभागों के बंटवारे और पार्टी की भूमिका जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई या नहीं, इस बारे में कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

अगर NCP वित्त मंत्रालय वापस लेने में सफल होती है, तो इसे राज्य की महायुति सरकार में पार्टी की राजनीतिक स्थिति के लिहाज से अहम माना जा सकता है।

क्या फिर साथ आएंगे शरद पवार और अजित पवार के गुट?

महाराष्ट्र की राजनीति में शरद पवार और अजित पवार के गुटों के दोबारा साथ आने की चर्चा लगातार बनी हुई है। अमित शाह से NCP नेताओं की मुलाकात ने इन अटकलों को फिर तेज कर दिया है। लेकिन केवल इस बैठक के आधार पर विलय का निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। एक तरफ NCP अपने भीतर किसी तरह के मतभेद से इनकार कर रही है, तो दूसरी तरफ शरद पवार के गुट और बीजेपी के नेतृत्व वाले गठबंधन के बीच राजनीतिक दूरी अब भी एक बड़ी चुनौती है।

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Sachin Singh is a media professional with 4 years of experience in the field of journalism and digital media. After completing his education at Jamia Millia Islamia Central University, he has worked with reputed media organizations such as Editor ji, ABP News and Doordarshan. Currently, Sachin Singh is working as a Content Writer with News Track, where he contributes to fast-paced digital news coverage and content creation. His areas of interest include politics, national and international affairs, and food. With experience across different formats of journalism, he focuses on producing informative, accurate, and engaging content for digital audiences.

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