ISI मॉड्यूल का खुलासा पड़ा भारी! रातों-रात हुआ अमृतसर CP का तबादला, 48 घंटे में बदला पूरा गेम

Amritsar Police Commissioner Transfer: अमृतसर पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर का ISI समर्थित आतंकी मॉड्यूल के खुलासे के महज 48 घंटे के भीतर तबादला होने से पंजाब की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है।

Harsh Srivastava
Published on: 7 Aug 2026 8:12 PM IST
ISI मॉड्यूल का खुलासा पड़ा भारी! रातों-रात हुआ अमृतसर CP का तबादला, 48 घंटे में बदला पूरा गेम
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Amritsar Police Commissioner Transfer: पंजाब की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में उस समय अचानक हड़कंप मच गया, जब राज्य सरकार ने अमृतसर के पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर का अचानक तबादला कर दिया। उनकी जगह पर डीआईजी बॉर्डर रेंज हरमन बीर सिंह गिल को अमृतसर पुलिस कमिश्नर का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया गया है। भुल्लर को पद से हटाने का यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब महज 2 दिन पहले ही उनकी देखरेख में पुलिस ने पाकिस्तान प्रायोजित एक बहुत बड़े आतंकवादी नेटवर्क को नाकाम करने में बड़ी कामयाबी हासिल की थी। इस अचानक हुई कार्रवाई के बाद पंजाब का सियासी माहौल पूरी तरह गरमा गया है।

4 नाबालिगों समेत 9 आतंकी गिरफ्तार

अमृतसर पुलिस कमिश्नरेट ने मंगलवार 04 अगस्त के दिन एक बड़े सुरक्षा अभियान की जानकारी दी थी। पुलिस ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) समर्थित आतंकी मॉड्यूल के 9 सक्रिय सदस्यों को धर दबोचा था, जिनमें 4 नाबालिग भी शामिल थे। गिरफ्तार किए गए संदिग्धों के पास से 3 आधुनिक पिस्तौल, 9 जिंदा कारतूस और 4 खतरनाक पेट्रोल बोतल बम बरामद किए गए थे। पुलिस जांच में यह चौंकाने वाली बात सामने आई थी कि ये सभी आरोपी विदेश में बैठे अपने आकाओं के इशारे पर सुरक्षा प्रतिष्ठानों की रेकी कर रहे थे और किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे।

जंतर-मंतर पर पेट्रोल बम से हमले की साजिश का हुआ था खुलासा

मामले ने तूल तब पकड़ा जब बुधवार को पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने प्रेस वार्ता में एक बड़ा खुलासा किया। उन्होंने बताया था कि विदेशी हैंडलर्स के कहने पर इस मॉड्यूल के कुछ संदिग्ध सदस्यों को दिल्ली भेजा गया था। इन आरोपियों ने जंतर-मंतर पर चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन स्थल की बाकायदा रेकी की थी और वहां प्रदर्शनकारियों पर पेट्रोल बम से हमला करने की भयावह योजना बनाई थी। इस सनसनीखेज खुलासे के बाद राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा छिड़ गई थी कि जंतर-मंतर आंदोलन में सुरक्षा के गंभीर खतरे मौजूद थे।

बयान पर विवाद बढ़ा तो सरकार ने दी सफाई

भुल्लर के बयान के बाद जैसे ही राजनीतिक बयानबाजी शुरू हुई, पंजाब सरकार ने तुरंत एक स्पष्टीकरण जारी किया। सरकार की ओर से कहा गया कि पुलिस कमिश्नर के बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है और गिरफ्तार आरोपियों का प्रदर्शनकारियों से कोई संबंध नहीं था। सरकार ने दावा किया कि अधूरी जानकारी से भ्रम की स्थिति पैदा हुई। हालांकि, इस आधिकारिक सफाई के महज कुछ ही घंटों के भीतर गुरप्रीत सिंह भुल्लर का तबादला आदेश जारी कर दिया गया। अब यह चर्चा जोर पकड़ रही है कि क्या जंतर-मंतर पर दिया गया उनका बयान ही इस अचानक हुए तबादले की मुख्य वजह बना।

कौन हैं IPS अधिकारी गुरप्रीत भुल्लर?

गुरप्रीत सिंह भुल्लर पंजाब कैडर के 2004 बैच के एक बेहद प्रभावशाली और वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी हैं। उन्हें देश के सबसे अमीर पुलिस अफसरों की सूची में गिना जाता है। वर्ष 2016 में जब उन्होंने अपनी अचल संपत्ति का ब्यौरा सार्वजनिक किया था, तब वे राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आए थे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उनकी कुल संपत्ति 150 करोड़ रुपये से भी अधिक है। अमृतसर के पुलिस प्रमुख बनने से पहले वे लुधियाना और जालंधर जैसे महत्वपूर्ण जिलों में एसएसपी के पद पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं।

विपक्षी दलों ने सरकार को घेरा

भुल्लर के इस अचानक तबादले ने पंजाब में एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि भुल्लर को हमेशा से सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी के करीबी अधिकारियों में गिना जाता था। पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने इस फैसले की टाइमिंग पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब पुलिस अफसर ने जंतर-मंतर साजिश का बिल्कुल सटीक सच सामने रखा, तो क्या उससे सरकार और पार्टी नेतृत्व सहज नहीं था? फिलहाल इस फैसले के बाद राज्य की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेजी से जारी है।

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Harsh Srivastava

Former Content Writer Mail ID - newstrack@gmail.comharshsri764@gmail.com

Harsh Srivastava is a journalist currently working as Desk In-Charge at NewsTrack, Lucknow. He began his journalism career in 2023 and has previously worked with Hindustan, Times Internet and India News. He holds a Master’s degree in Journalism and Mass Communication (MJMC). His key areas of interest include politics, elections and crime, with a wider focus on governance, public policy and current affairs. He writes research-driven and SEO-focused digital stories, combining journalistic depth with an understanding of digital audiences. Harsh has covered the 2026 West Bengal Assembly Election, several state elections and bypolls, and extensively followed the Delhi CJP protest and its developments. His work includes news reports, explainers, features and analytical stories. Originally from Varanasi, Harsh has worked across Varanasi, Delhi and Lucknow, with experience spanning reporting, digital journalism, content writing and editorial operations.

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