अन्ना हजारे ने खोली ‘AAP’ की पोल! राघव चड्ढा के फैसले और लीडरशिप पर उठाए सवाल, मचा सियासी भूचाल

Anna Hazare on AAP: अन्ना हजारे ने कहा कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को अपनी राय रखने का अधिकार है, लेकिन जब कई बड़े नेता एक साथ पार्टी छोड़ते हैं, तो इसके पीछे जरूर कोई गंभीर कारण होता है।

Shishumanjali kharwar
Published on: 25 April 2026 11:58 AM IST
Anna Hazare on AAP
X

Anna Hazare on AAP

Anna Hazare on AAP: पंजाब की सत्ता में काबिज आम आदमी पार्टी में उठी बगावत की गूंज अब महाराष्ट्र तक सुनाई देने लगी है, जिससे देश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। इस पूरे घटनाक्रम पर वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता अन्‍ना हजारे ने बड़ा बयान देते हुए पार्टी नेतृत्व पर परोक्ष रूप से सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि पार्टी सही दिशा में काम कर रही होती, तो नेता उसे छोड़कर नहीं जाते।

दरअसल, राघव चड्ढा ने राज्यसभा में अपने छह अन्य साथियों के साथ AAP छोड़ने का ऐलान कर दिया, जिससे राजनीतिक गलियारों में भूचाल आ गया। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब कुछ ही दिन पहले उन्हें राज्यसभा में डिप्टी लीडर के पद से हटा दिया गया था। तब से ही उनके भविष्य को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं, लेकिन इस तरह सामूहिक रूप से पार्टी छोड़ने की उम्मीद कम ही लोगों को थी।महाराष्ट्र के अहिल्यानगर जिले में बोलते हुए अन्ना हजारे ने कहा कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को अपनी राय रखने का अधिकार है, लेकिन जब कई बड़े नेता एक साथ पार्टी छोड़ते हैं, तो इसके पीछे जरूर कोई गंभीर कारण होता है। उन्होंने इशारों में कहा कि यह स्थिति पार्टी नेतृत्व की विफलता को दर्शाती है।

इस बीच, नई दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में राघव चड्ढा और संदीप पाठक ने AAP से इस्तीफा देने और भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने की घोषणा कर दी। चड्ढा ने आरोप लगाया कि पार्टी अपने मूल सिद्धांतों और नैतिक मूल्यों से भटक चुकी है और अब यह समझौतावादी तथा स्वार्थी हो गई है। उन्होंने यह भी दावा किया कि राज्यसभा में AAP के करीब दो-तिहाई सांसद अब अलग गुट के रूप में काम करेंगे और उन्होंने संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत विलय का रास्ता चुना है। जानकारी के मुताबिक, AAP के कुल 10 राज्यसभा सांसदों में से अब केवल तीन ही पार्टी के साथ बचे हैं, जिससे उच्च सदन में उसकी ताकत काफी कमजोर हो गई है। गौरतलब है कि अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में AAP की स्थापना 2012 में अन्ना हजारे के भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन की पृष्ठभूमि में हुई थी। ऐसे में यह बगावत पार्टी के लिए एक बड़ा झटका मानी जा रही है, खासकर 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले।

Shishumanjali kharwar
ABOUT THE AUTHOR

Shishumanjali kharwar

Former Content Writer Mail ID -Shishulko@gmail.comShishulko@gmail.com

मीडिया क्षेत्र में 12 साल से ज्यादा कार्य करने का अनुभव। इस दौरान विभिन्न अखबारों में उप संपादक और एक न्यूज पोर्टल में कंटेंट राइटर के पद पर कार्य किया। वर्तमान में प्रतिष्ठित न्यूज पोर्टल ‘न्यूजट्रैक’ में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं।

Next Story