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क्या आज राज्यसभा में पास हो जाएगा Anti-Paper Leak Bill, कितनी मजबूत है NDA? समझें पूरा नंबर गेम
Anti-Paper Leak Bill 2026: आज राज्यसभा में एंटी-पेपर लीक संशोधन बिल 2026 पेश होगा। जानिए एनडीए के पास कितने सांसद हैं, क्या आसानी से पास हो जाएगा बिल, राज्यसभा का पूरा नंबर गेम और नए कानून के सख्त प्रावधान।
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Anti-Paper Leak Bill 2026: लोकसभा (Lok Sabha) में भारी हंगामे के बीच पारित होने के बाद अब मोदी सरकार गुरुवार यानी 30 जुलाई को लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 को राज्यसभा (Rajya Sabha) में पेश करने जा रही है। देशभर में छात्रों के भारी विरोध प्रदर्शन के बाद लाए गए इस सख्त संशोधन विधेयक पर आज पूरे देश की नजर टिकी हुई है।
यहां बुधवार को विपक्ष के भारी हंगामे और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के कड़े तेवरों के बावजूद सरकार ने इस विधेयक को लोकसभा से ध्वनि मत से पारित करा लिया। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या उच्च सदन यानी राज्यसभा में भी सरकार इस बिल को आसानी से पास करा पाएगी या विपक्ष कोई बड़ी चुनौती खड़ी करेगा।
क्या कहता है राज्यसभा का नंबर गेम?
राज्यसभा (Rajya Sabha) की कुल संख्या 245 है, हालांकि फिलहाल सदन में 242 सांसद हैं। खास बहुमत के लिए 162 सांसदों की जरूरत होती है, जबकि साधारण बहुमत के लिए 123 सांसदों का समर्थन पर्याप्त है। एंटी-पेपर लीक संशोधन विधेयक (Anti Paper Leak Amendment Bill 2026) को पारित कराने के लिए साधारण बहुमत की जरूरत है।
राज्यसभा में एनडीए (NDA) के पास अपने दम पर 152 सांसदों का मजबूत आंकड़ा है, जो साधारण बहुमत के जरूरी आंकड़े 123 से काफी ज्यादा है। ऐसे में माना जा रहा है कि विपक्ष के विरोध और हंगामे के बावजूद सरकार को इस विधेयक को उच्च सदन से पारित कराने में किसी बड़ी मुश्किल का सामना नहीं करना पड़ेगा।
क्या है इस कानून का मकसद?
इस कानून का उद्देश्य सार्वजनिक परीक्षाओं (Public Examinations) की पवित्रता बनाए रखना है। इसके जरिए लोगों, संगठित गिरोहों और संस्थाओं को अनुचित साधनों का इस्तेमाल करने और परीक्षा से जुड़े अपराध करने से प्रभावी तरीके से रोकने की कोशिश की गई है, ताकि भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं में पारदर्शिता बनी रहे।
संशोधन विधेयक में क्या हुए बड़े बदलाव?
साल 2024 के मूल कानून को और ज्यादा सख्त बनाने के लिए 2026 के संशोधन विधेयक में कई कड़े प्रावधान जोड़े गए हैं। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह (Dr. Jitendra Singh) द्वारा पेश किए गए इस विधेयक के तहत अब संगठित पेपर लीक और परीक्षा में धांधली करने वाले गिरोह, संस्थानों या अधिकारियों को 10 साल तक की सख्त कैद हो सकेगी। पहले अधिकतम सजा 5 साल थी।
इसके अलावा पेपर लीक सिंडिकेट और इसमें शामिल सर्विस प्रोवाइडर संस्थानों पर 10 करोड़ रुपये तक का भारी जुर्माना लगाने का प्रावधान किया गया है। मामलों का जल्द निपटारा सुनिश्चित करने के लिए हर राज्य में स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट (Special Fast Track Court) बनाए जाएंगे, जहां रोजाना सुनवाई होगी। साथ ही किसी भी पेपर लीक मामले की जांच राज्य पुलिस या स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को अधिकतम 60 दिनों के भीतर पूरी करनी होगी।
लोकसभा में बिल पर जमकर हुआ हंगामा
इस विधेयक को लेकर लोकसभा (Lok Sabha) में बुधवार को जोरदार हंगामा देखने को मिला। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की कुछ टिप्पणियों पर सत्ता पक्ष के सदस्यों ने कड़ी आपत्ति जताई। हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी।
इसके बाद दोपहर ढाई बजे प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने चर्चा का जवाब दिया। चर्चा पूरी होने के बाद विधेयक को ध्वनि मत से पारित कर दिया गया। इस संशोधन विधेयक में पेपर लीक रोकने के लिए कई सख्त प्रावधान शामिल किए गए हैं।
क्यों छिड़ी है संसद में सियासी जंग?
एंटी-पेपर लीक संशोधन विधेयक (Anti Paper Leak Amendment Bill 2026) को लेकर संसद में सियासी टकराव भी देखने को मिला। हाल ही में हुए नीट-यूजी 2026 (NEET-UG 2026) पेपर लीक विवाद के बाद देशभर में छात्रों ने 36 दिनों तक प्रदर्शन किया था। इसी दबाव के बीच तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान (Dharmendra Pradhan) को इस्तीफा देना पड़ा।
लोकसभा में चर्चा के दौरान राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने आरोप लगाया कि 20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर (Jantar Mantar) पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) के इशारे पर पुलिस ने पैलेट गन का इस्तेमाल किया। इस बयान पर सत्ता पक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई।
सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह (Dr. Jitendra Singh) ने राहुल गांधी के आरोपों को बेबुनियाद और तथ्यहीन बताते हुए खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए केवल आंसू गैस का इस्तेमाल किया था। अब पूरे देश की नजर राज्यसभा पर है, जहां आज इस महत्वपूर्ण संशोधन विधेयक पर फैसला होने जा रहा है।


