कब बंद होगा E-20 पेट्रोल? केजरीवाल ने कर दी बड़ी भविष्यवाड़ी, मोदी सरकार को खुला चैलेंज

Kejriwal On E20 Petrol Statement: ई-20 पेट्रोल नीति को लेकर अरविंद केजरीवाल ने मोदी सरकार पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने दावा किया कि जनता का दबाव बढ़ा तो सरकार एक दिन में फैसला वापस लेने को मजबूर हो सकती है।

Harsh Srivastava
Published on: 7 Aug 2026 5:26 PM IST
कब बंद होगा E-20 पेट्रोल? केजरीवाल ने कर दी बड़ी भविष्यवाड़ी, मोदी सरकार को खुला चैलेंज
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Kejriwal On E20 Petrol Statement: आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने देश में लागू ई-20 ईंधन नीति को लेकर एक बार फिर केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शुक्रवार को आयोजित एक पत्रकार वार्ता के दौरान उन्होंने दावा किया कि यदि जनता एकजुट होकर सही संदेश दे तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 1 दिन के भीतर यह फैसला वापस लेना पड़ेगा। केजरीवाल ने सत्तारूढ़ दल पर सत्ता के घमंड में डूबने का आरोप लगाते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी को यह भ्रम हो गया है कि वे हर हाल में चुनाव जीत सकते हैं। इसी अति-विश्वास के कारण आम नागरिकों की समस्याओं की पूरी तरह अनदेखी की जा रही है।

वोट की ताकत से ही हटेगी जनविरोधी नीति

केजरीवाल ने चुनावी गणित समझाते हुए कहा कि आगामी गोवा विधानसभा चुनाव में सत्ताधारी दल को करारी शिकस्त देना जरूरी है। इसके साथ ही उन्होंने उत्तर प्रदेश के मतदाताओं से भी अपील की कि वे इस नीति के खिलाफ वोट दें। आप संयोजक ने वादा किया कि यदि 10 मार्च को चुनाव परिणाम आते हैं, तो 15 मार्च तक केंद्र सरकार को पूरे देश से ई-20 नीति खत्म करने पर मजबूर होना पड़ेगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कांग्रेस को वोट देने से कोई हल नहीं निकलेगा। यदि जनता आम आदमी पार्टी को मौका देती है, तो परिणाम घोषित होने के मात्र 5 दिनों के भीतर इस नियम को निरस्त करा दिया जाएगा।

बिना तैयारी वाहनों पर E-20 थोपने का गंभीर आरोप

पूर्व मुख्यमंत्री ने वाहनों की तकनीकी सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए सरकार की मंशा पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि देश की सड़कों पर चल रही पुरानी गाड़ियां इस नए ई-20 ईंधन के अनुकूल निर्मित ही नहीं की गई हैं। इसके बावजूद देशवासियों पर यह नया ईंधन जबरन थोपा जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जनता ने आज विरोध नहीं किया, तो आने वाले दिनों में सरकार चालकों को ई-40, ई-50 या फिर ई-60 पेट्रोल का इस्तेमाल करने के लिए भी मजबूर करेगी। इसलिए जब तक सरकार अपनी योजनाओं को साफ नहीं करती, तब तक नया पेट्रोल या डीजल वाहन न खरीदने की समझदारी दिखाएं।

गाड़ियों की सुरक्षा और भविष्य के खतरों की चेतावनी

केजरीवाल ने आम जनता से सीधे जुड़ते हुए अपील की कि यह केवल राजनीति का विषय नहीं, बल्कि हर नागरिक की निजी संपत्ति का मामला है। उन्होंने कहा कि बिना सोचे-समझे लिए गए इस फैसले से आम आदमी की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। यदि नागरिक अभी चुप रहे, तो भविष्य में कंपनियों और सरकार की मनमानी और बढ़ेगी। उन्होंने दोहराया कि जन दबाव ही किसी भी व्यवस्था में सबसे बड़ा हथियार होता है। जब तक जनता अपना कड़ा रुख नहीं दिखाएगी, तब तक शासन स्तर पर कोई बदलाव देखने को नहीं मिलेगा।

जनता के विरोध और घटते माइलेज से बढ़ा गुस्सा

उल्लेखनीय है कि देश भर में ई-20 पेट्रोल की बिक्री शुरू होने के बाद से वाहन मालिकों के बीच असंतोष देखा जा रहा है। बड़ी संख्या में वाहन चालकों की शिकायत है कि इस ईंधन के प्रयोग से उनकी गाड़ियों के इंजन में खराबियां आ रही हैं और माइलेज भी तेजी से गिर गया है। हालांकि प्रशासनिक दावों और कंपनियों की ओर से इसे सुरक्षित बताया जा रहा है, लेकिन धरातल पर लोग नुकसान झेलने का दावा कर रहे हैं। इसी जनाक्रोश को आधार बनाकर अब आम आदमी पार्टी ने इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने का फैसला किया है।

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हर्ष श्रीवास्तव वाराणसी के रहने वाले पत्रकार और डिजिटल कंटेंट प्रोफेशनल हैं। वर्तमान में वे लखनऊ स्थित न्यूज़ट्रैक में डेस्क इंचार्ज के पद पर कार्यरत हैं। यहां वे कंटेंट प्लानिंग, एडिटोरियल कोऑर्डिनेशन, न्यूज़रूम संचालन के साथ-साथ रिसर्च आधारित एक्सप्लेनर, न्यूज़ फीचर और विश्लेषणात्मक लेख तैयार करते हैं। उनके पास मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री है। उन्होंने वर्ष 2023 में पत्रकारिता की शुरुआत की और हिन्दुस्तान, टाइम्स इंटरनेट, इंडिया न्यूज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। वाराणसी, दिल्ली और लखनऊ में काम करने के दौरान उन्हें रिपोर्टिंग, कंटेंट राइटिंग और डिजिटल पत्रकारिता का अनुभव प्राप्त हुआ। हर्ष की विशेष रुचि राजनीति, चुनाव, अपराध, सार्वजनिक नीति, सुशासन और समसामयिक विषयों पर शोध-आधारित पत्रकारिता में है। वे गहन रिसर्च, फैक्ट-चेकिंग और सरल भाषा के माध्यम से जटिल विषयों को पाठकों तक सटीक, विश्वसनीय और प्रभावी ढंग से पहुंचाने का प्रयास करते हैं।

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