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'यह मेरी फितरत नहीं...', राघव चड्ढा पर बोले केजरीवाल! AAP छोड़ चुके पुराने साथी के साथ करना चाहते हैं काम
Arvind Kejriwal Raghav Chadha: अरविंद केजरीवाल ने प्रशांत भूषण के साथ दोबारा काम करने की इच्छा जताई। राघव चड्ढा समेत सात सांसदों के AAP छोड़ने पर बोले- इसका अंदाजा नहीं था।
Arvind Kejriwal Raghav Chadha: दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पार्टी के पुराने सहयोगी और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण को लेकर बड़ा बयान दिया है। केजरीवाल ने कहा कि वह भविष्य में प्रशांत भूषण के साथ दोबारा काम करने के लिए तैयार हैं। खास बात यह है कि प्रशांत भूषण को करीब 11 साल पहले AAP से बाहर कर दिया गया था।
वहीं, AAP छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा समेत सात सांसदों के सवाल पर केजरीवाल ने कहा कि उन्हें इस घटनाक्रम का पहले से कोई अंदाजा नहीं था। उन्होंने कहा कि वह किसी के बारे में व्यक्तिगत टिप्पणी करना पसंद नहीं करते।
प्रशांत भूषण के साथ फिर काम करने को तैयार केजरीवाल
एक यूट्यूब पॉडकास्ट के दौरान अरविंद केजरीवाल से पूछा गया कि वह अपने किन पुराने साथियों के साथ दोबारा काम करना चाहेंगे। केजरीवाल ने पहले कहा कि वह सभी के साथ काम करना चाहेंगे, लेकिन इसके बाद उन्होंने खास तौर पर प्रशांत भूषण का नाम लिया।
केजरीवाल ने प्रशांत भूषण की तारीफ करते हुए कहा कि वह बहुत अच्छे व्यक्ति हैं और वह आज भी उनका सम्मान करते हैं। उन्होंने बताया कि दोनों की करीब 20 साल पुरानी दोस्ती रही है।
केजरीवाल ने कहा कि पार्टी से अलग होने के दौरान परिस्थितियां भले ही अलग रही हों, लेकिन वह प्रशांत भूषण के प्रति सम्मान रखते हैं। जब उनसे पूछा गया कि क्या दोनों के बीच अभी बातचीत होती है, तो उन्होंने इससे इनकार किया।
हालांकि, सोशल मीडिया पर एक-दूसरे की पोस्ट शेयर या रीट्वीट करने को लेकर केजरीवाल ने कहा कि अगर कोई अच्छा ट्वीट हो तो उसे रीट्वीट किया जा सकता है। उनसे जब सीधे पूछा गया कि क्या वह प्रशांत भूषण के साथ दोबारा काम कर सकते हैं, तो उन्होंने साफ तौर पर कहा—'हां, जरूर कर सकते हैं।'
2015 में AAP से निकाले गए थे प्रशांत भूषण
प्रशांत भूषण AAP के शुरुआती दौर के प्रमुख चेहरों में शामिल रहे थे। हालांकि, अप्रैल 2015 में उन्हें पार्टी विरोधी गतिविधियों और अनुशासनहीनता के आरोपों के बीच पार्टी से बाहर कर दिया गया था।
उनके साथ पार्टी के वरिष्ठ नेता योगेंद्र यादव और प्रोफेसर आनंद कुमार को भी AAP से निष्कासित किया गया था। इसके बाद केजरीवाल और इन नेताओं के बीच राजनीतिक दूरी और बढ़ती गई।
अब करीब एक दशक बाद केजरीवाल का प्रशांत भूषण के साथ फिर काम करने की इच्छा जताना AAP की पुरानी राजनीतिक कहानी के एक अहम अध्याय को फिर चर्चा में ले आया है।
राघव चड्ढा के बीजेपी जाने पर क्या बोले केजरीवाल?
पॉडकास्ट में राघव चड्ढा समेत AAP के सात सांसदों के बीजेपी में जाने को लेकर भी अरविंद केजरीवाल से सवाल किया गया। केजरीवाल ने स्वीकार किया कि उन्हें राघव चड्ढा के पार्टी छोड़ने का पहले से अंदाजा नहीं था।
राघव चड्ढा को लेकर सवाल पूछे जाने पर केजरीवाल ने पहले कहा कि वह किसी व्यक्ति के बारे में बात नहीं करना चाहते। उन्होंने कहा, 'मैं किसी के बारे में बात नहीं कर रहा, यह मेरी फितरत नहीं है।'
इसके बाद जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें पहले से पता था कि राघव चड्ढा पार्टी छोड़ सकते हैं, तो केजरीवाल ने कहा कि उन्हें इसका कोई अंदाजा नहीं था।
'चले गए, जहां गए खुश रहें'
जब केजरीवाल से पूछा गया कि AAP छोड़ने वाले सात सांसदों में कुछ ऐसे लोग भी थे, जिन पर वह काफी भरोसा करते थे, तो उन्होंने कहा कि इस पर अब कुछ नहीं किया जा सकता।
केजरीवाल ने कहा कि वे लोग पार्टी छोड़कर चले गए हैं और जहां गए हैं, वहां खुश रहें। उन्होंने उम्मीद जताई कि अब वे सभी खुश होंगे।
केजरीवाल के इस बयान को AAP के भीतर हाल के राजनीतिक बदलावों और पार्टी से नेताओं के बाहर जाने की पृष्ठभूमि में देखा जा रहा है। एक तरफ उन्होंने पुराने सहयोगी प्रशांत भूषण के साथ दोबारा काम करने की संभावना जताई, वहीं दूसरी तरफ राघव चड्ढा समेत पार्टी छोड़ने वाले नेताओं पर सीधे हमला करने से परहेज किया।


