‘जंतर-मंतर जाने से रोकने चले थे, दिल्ली में बन गए 50…’, आशुतोष रांका ने दिल्ली पुलिस पर कसा तंज

50 Jantar Mantars: जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने के बाद सीजेपी नेता आशुतोष रांका ने दिल्ली पुलिस पर तंज कसा। उन्होंने दावा किया कि सेंट्रल दिल्ली में 50 अलग-अलग जंतर-मंतर बन गए हैं। जानिए क्या है पूरा मामला।

Aditya Kumar Verma
Published on: 11 Oct 2026 10:24 PM IST
50 Jantar Mantars in Delhi Ashutosh Ranka
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Image Source- Social Media

50 Jantar Mantars: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके, सह-संयोजक आशुतोष रांका और सौरव दास जब से हिरासत से बाहर आए हैं, दिल्ली पुलिस पर लगातार सवाल उठा रहे हैं। पार्टी के नेता पुलिस पर प्रदर्शनकारियों के साथ ज्यादती करने के आरोप लगा रहे हैं। लेकिन, इसी बीच सीजेपी के सह-संयोजक आशुतोष रांका ने दिल्ली पुलिस को ही बधाई दे दी है। अब सवाल उठ रहा है कि आखिर पुलिस की जिस कार्रवाई को पार्टी अब तक गलत बता रही थी, उसी में रांका को ऐसा क्या नजर आया कि उन्होंने बधाई वाला तंज कस दिया।

दरअसल, रांका ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर लिखा कि दिल्ली पुलिस ने लोगों को जंतर-मंतर तक पहुंचने से रोकने के लिए सेंट्रल दिल्ली की किलेबंदी कर दी। इसका नतीजा यह हुआ कि अब सेंट्रल दिल्ली और उसके आसपास 50 अलग-अलग जंतर-मंतर बन गए हैं। इसी बात पर उन्होंने दिल्ली पुलिस को बधाई देते हुए तंज कसा, “बधाई हो दिल्ली पुलिस, आपने एक बार फिर गड़बड़ कर दी।”

प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने से शुरू हुआ विवाद

दरअसल, 10 अक्टूबर को कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थक दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की कोशिश कर रहे थे। लेकिन, दिल्ली पुलिस से अनुमति नहीं मिलने के कारण प्रदर्शनकारियों को धरना स्थल तक नहीं पहुंचने दिया गया। इस दौरान सीजेपी के शीर्ष नेतृत्व के साथ-साथ दूसरे दलों के नेताओं को भी हिरासत में लिया गया।

दी गई जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने इलाके में शांति बनाए रखने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 का हवाला दिया। इसके तहत इलाके में लागू प्रतिबंधों के बीच प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर तक पहुंचने से रोका गया। सीजेपी के नेता इस कार्रवाई पर लगातार सवाल उठा रहे हैं। हालांकि, आशुतोष रांका के ताजा ट्वीट में पुलिस की कार्रवाई पर तंज कसने का अंदाज पहले के आरोपों से अलग दिखाई देता है।

रांका को दिखे 50 जंतर-मंतर

आशुतोष रांका ने अपने ट्वीट में दिल्ली पुलिस की कार्रवाई को लेकर व्यंग्य किया। उन्होंने कहा कि पुलिस ने लोगों को प्रदर्शन की तय जगह जंतर-मंतर तक पहुंचने से रोकने के लिए सेंट्रल दिल्ली की किलेबंदी कर दी। लेकिन, उनके मुताबिक, इसका नतीजा यह निकला कि अब सेंट्रल दिल्ली और उसके आसपास 50 अलग-अलग जंतर-मंतर बन गए हैं।

रांका का इशारा इस ओर था कि प्रदर्शनकारियों को एक जगह जुटने से रोकने की कोशिश के बावजूद विरोध की आवाज दूसरी जगहों पर भी उठ सकती है। इसी बात को लेकर उन्होंने दिल्ली पुलिस को बधाई दी और कहा कि पुलिस ने एक बार फिर गड़बड़ कर दी। उनका यह बयान तंज के रूप में सामने आया है। रांका के ट्वीट से यह साफ नहीं होता कि वह पुलिस की कार्रवाई को सही मान रहे हैं, बल्कि उनके शब्दों में पुलिस के कदम का उल्टा असर होने की बात कही गई है।

प्रदर्शनकारी को भी दी थी शाबाशी

दिल्ली पुलिस पर सवाल उठाने के बीच आशुतोष रांका ने 11 अक्टूबर को प्रदर्शन के दौरान चोट लगने का दावा करने वाले एक सीजेपी समर्थक का वीडियो भी साझा किया। वीडियो में प्रदर्शनकारी अपनी छाती पर चोट के निशान दिखाते हुए नजर आया। उसने आरोप लगाया कि उसके शरीर पर लगे निशान सरकार के कथित अघोषित आपातकाल (Undeclared Emergency) की याद दिलाते हैं।

वीडियो में प्रदर्शनकारी ने कहा, “मोदी जी तुम्हारे अघोषित आपातकाल के निशान साथ लेकर जा रहे हैं। फिर कह रहा हूं, कल फिर आएंगे। कितना गिरफ्तार कर सकते हो? कितना रोक सकते हो? हम डरने वाले नहीं हैं। ये आजादी की लड़ाई है। लोकतंत्र बचाने की लड़ाई है।”

यह प्रदर्शनकारी का अपना बयान और दावा है। चोट लगने की परिस्थितियों की स्वतंत्र पुष्टि की जानकारी यहां उपलब्ध नहीं है।

‘शांति से प्रदर्शन कर रहे लोगों पर बहुत ज्यादा जुल्म किया’

आशुतोष रांका ने इस वीडियो को साझा करते हुए दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने लिखा कि पुलिस ने शांति से प्रदर्शन कर रहे लोगों पर बहुत ज्यादा जुल्म किया है, लेकिन कॉकरोच रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने प्रदर्शनकारी को शाबाशी देते हुए कहा, “मुझे तुम पर गर्व है।”

इस तरह एक ओर आशुतोष रांका दिल्ली पुलिस को बधाई देने के अंदाज में तंज कस रहे हैं, तो दूसरी ओर प्रदर्शनकारी के वीडियो के जरिए पुलिस पर ज्यादती के आरोप भी लगा रहे हैं। उनके ट्वीट में पुलिस की कार्रवाई को लेकर विरोध और व्यंग्य, दोनों नजर आते हैं।

आखिर दिल्ली पुलिस को बधाई देने के पीछे क्या है वजह?

आशुतोष रांका के बयान को समझने के लिए उनके ट्वीट के शब्दों पर ध्यान देना जरूरी है। उन्होंने दिल्ली पुलिस को इसलिए बधाई नहीं दी कि प्रदर्शनकारियों को रोकने की कार्रवाई सफल रही, बल्कि उनका तंज यह था कि लोगों को जंतर-मंतर पहुंचने से रोकने के लिए की गई किलेबंदी के बावजूद विरोध की आवाज दूसरी जगहों पर भी उठ रही है।

सीजेपी लगातार दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठा रही है। अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास की हिरासत से रिहाई के बाद भी यह विवाद थमा नहीं है। अब रांका के ताजा ट्वीट ने चर्चा को एक नया मोड़ दे दिया है। उनके बयान का मुख्य संदेश यही है कि प्रदर्शनकारियों को एक जगह रोकने से विरोध खत्म नहीं होगा, बल्कि उनके मुताबिक, विरोध के लिए दूसरी जगहें भी सामने आ सकती हैं।

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आदित्य कुमार वर्मा उत्तर प्रदेश के पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। उन्होंने भारतीय राजनीति, अपराध, स्वास्थ्य और मानवीय सरोकारों से जुड़ी खबरों की व्यापक रिपोर्टिंग की है। उनके पास मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री है और वे रिपोर्टर, एंकर तथा सब-एडिटर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं। साथ ही वो उत्तर प्रदेश की राजनीति, शासन-प्रशासन और नौकरशाही व्यवस्था की गहरी समझ रखते हैं। पत्रकारिता के अलावा उन्हें पुस्तकों का अध्ययन, लेखन, कविता-लेखन और पाठ और यात्राएं करना विशेष रूप से पसंद है। विभिन्न संस्कृतियों और समाजों को करीब से जानने-समझने की उनकी रुचि ने उनके दृष्टिकोण को व्यापक बनाया है, जिसका सकारात्मक प्रभाव उनकी लेखन शैली और रिपोर्टिंग में भी देखने को मिलता है।

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