कांग्रेस का 'किंगमेकर' कैसे बन गया भाजपा का 'किंग'? 10 साल में वन मैन शो का बड़ा ‘पॉलिटिकल ब्लास्ट'

Assam Election 2026: अगर नतीजे एग्जिट पोल के मुताबिक आते हैं, तो यह साफ होगा कि हिमंता बिस्वा सरमा अब सिर्फ एक राज्य के नेता नहीं, बल्कि...

Snigdha Singh
Published on: 3 May 2026 4:19 PM IST
कांग्रेस का किंगमेकर कैसे बन गया भाजपा का किंग? 10 साल में वन मैन शो का बड़ा ‘पॉलिटिकल ब्लास्ट
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Assam BJP Politics: असम की सियासत से इस बार जो तस्वीर उभर रही है, वो सिर्फ एक चुनावी जीत का इशारा नहीं करती, ये एक गहरे राजनीतिक बदलाव की कहानी बयां करती है। एग्जिट पोल के आंकड़े साफ संकेत दे रहे हैं कि भारतीय जनता पार्टी लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी की ओर बढ़ रही है। लेकिन इस जीत को अगर सिर्फ विपक्ष की कमजोरी या एंटी-इनकंबेंसी के अभाव से समझा जाए, तो यह आधा सच होगा। इस पूरी पटकथा के केंद्र में एक चेहरा है हिमंता बिस्वा सरमा।

कांग्रेस से ‘कमांडर’ तक: हिमंता का ट्रांसफॉर्मेशन

कभी कांग्रेस के रणनीतिकार रहे हिमंता आज बीजेपी के सबसे आक्रामक और प्रभावी चेहरों में गिने जाते हैं। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस छोड़ने के बाद उन्होंने सिर्फ पार्टी नहीं बदली बल्कि अपनी पूरी राजनीतिक पहचान को री-डिफाइन कर दिया।

आज वे हिंदुत्व, पहचान और अवैध घुसपैठ जैसे मुद्दों पर खुलकर बोलने वाले ‘फायरब्रांड’ नेता बन चुके हैं। कई विश्लेषक उनकी तुलना योगी आदित्यनाथ से करते हैं लेकिन असम में उनकी पकड़ और तेजी ने उन्हें अलग मुकाम पर खड़ा कर दिया है।

‘सुलभ मुख्यमंत्री’ और आक्रामक विचारधारा

इस चुनाव में बीजेपी ने राष्ट्रीय मुद्दों को पीछे रखकर लोकल एजेंडे पर फोकस किया। बाढ़ नियंत्रण, सड़क, स्वास्थ्य और इंफ्रास्ट्रक्चर यही असली चुनावी हथियार बने। हिमंता बिस्वा सरमा ने खुद को ऐसे मुख्यमंत्री के रूप में पेश किया, जो जनता के बीच दिखता है दिल्ली की दूरी नहीं, गुवाहाटी की नजदीकी दिखती है। उनकी यही डबल इमेज एक तरफ प्रशासनिक पकड़, दूसरी तरफ वैचारिक आक्रामकता एंटी-इनकंबेंसी को पनपने नहीं देती।

आंकड़े जो बदलते नैरेटिव की कहानी कहते हैं असम की राजनीति में पिछले 15 सालों में जो बदलाव आया है, वो चौंकाने वाला है:

2011: बीजेपी 5 सीट

2016: बीजेपी 60 सीट

2021: बीजेपी 75 सीट

2026 (एग्जिट पोल): 90+ सीट का अनुमान

यह सिर्फ सीटों की बढ़त नहीं, बल्कि राजनीतिक नैरेटिव का पूर्ण बदलाव है जहां कभी कांग्रेस का दबदबा था, वहां अब बीजेपी मुख्य ताकत बन चुकी है।

विपक्ष बिखरा, चुनौती कमजोर

गौरव गोगोई, बदरुद्दीन अजमल और अखिल गोगोई जैसे चेहरे मैदान में हैं, लेकिन विपक्ष एकजुट नहीं दिख रहा। यही बीजेपी की सबसे बड़ी बढ़त बनती नजर आ रही है।

एग्जिट पोल का गणित तो समझें कि कुछ सर्वे बीजेपी को 100+ सीट तक दे रहे हैं। Axis My India के मुताबिक बीजेपी 88–100 सीटों के बीच और कांग्रेस गठबंधन 24–36 सीटों तक सीमित है। यानी बहुमत के आंकड़े (63) से काफी आगे बीजेपी की स्थिति मजबूत बताई जा रही है।

‘हिमंता फैक्टर’ ही असली गेम चेंजर

असम का चुनाव इस बार सिर्फ सत्ता की वापसी नहीं, बल्कि एक राजनीतिक मॉडल की पुष्टि बनता दिख रहा है। अगर नतीजे एग्जिट पोल के मुताबिक आते हैं, तो यह साफ होगा कि हिमंता बिस्वा सरमा अब सिर्फ एक राज्य के नेता नहीं, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति के बड़े खिलाड़ी बन चुके हैं। सोमवार को नतीजे तय करेंगे क्या असम में ‘हिमंता युग’ और मजबूत होगा, या सियासत कोई नया मोड़ लेगी।

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Snigdha Singh

Hi! I am Snigdha Singh, Leadership role in Newstrack. Leading the editorial desk team with ideation and news selection and also contributes with special articles and features as well. I started my journey in journalism in 2017 and has worked with leading publications such as Jagran, Hindustan and Rajasthan Patrika and served in Kanpur, Lucknow, Noida and Delhi during my journalistic pursuits.

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