Assam Flood Hero: अपना घर छोड़ श्रवण कुमार ने 2,000 लोगों की बचाई जान

Assam Flood Hero: असम बाढ़ में 25 वर्षीय श्रवण कुमार ने अपना घर छोड़कर 2,000 से ज्यादा लोगों की जान बचाई। जानिए इस असली हीरो की प्रेरणादायक कहानी।

Jyotsana Singh
Published on: 5 Aug 2026 5:05 PM IST
Assam Flood Hero: Shravan Kumar Saves Over 2,000 Lives Despite Losing His Own Home
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Assam Flood Hero: Shravan Kumar Saves Over 2,000 Lives Despite Losing His Own Home

Assam Flood Hero: असम में आई भीषण बाढ़ ने हजारों परिवारों की जिंदगी को प्रभावित किया है। इस मुश्किल दौर में जहां लोग अपनी जान और घर बचाने में जुटे थे, वहीं 25 वर्षीय दिहाड़ी मजदूर श्रवण कुमार ने अपनी जान की परवाह किए बिना इंसानियत की ऐसी मिसाल पेश की, जिसने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। बिना किसी सरकारी ट्रेनिंग, वर्दी या आधुनिक बचाव उपकरण के उन्होंने केवल एक पारंपरिक लकड़ी की नाव और अपने साथियों की मदद से 2,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया।

अपना घर डूब रहा था, फिर भी बचाव अभियान नहीं छोड़ा

श्रवण कुमार का अपना घर भी बाढ़ की चपेट में आ गया था। उनका परिवार सुरक्षित स्थान पर पहुंच चुका था, लेकिन उन्होंने अपने घर की चिंता करने के बजाय राहत और बचाव अभियान जारी रखने का फैसला किया। उनका कहना था, 'अगर मैं अपना घर बचाने लौट जाता, तो दूसरों को बचाने वाला कोई नहीं होता।' लगातार कई दिनों तक उन्होंने अपनी नाव से बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया।

बिना ट्रेनिंग और संसाधनों के किया बड़ा काम

श्रवण कुमार ने किसी आपदा प्रबंधन संस्थान से प्रशिक्षण नहीं लिया है। वह केवल 10वीं तक पढ़े हैं। रोज कमाकर अपना परिवार चलाते हैं। इसके बावजूद उन्होंने जिस समझदारी और साहस के साथ बचाव अभियान चलाया, वह किसी प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम से कम नहीं माना जा रहा। उन्होंने अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर बाढ़ प्रभावित गांवों में लगातार चक्कर लगाए। कई बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों और बीमार लोगों को सुरक्षित निकालने में उनकी टीम की अहम भूमिका रही।

असम में हर साल बाढ़ बनती है बड़ी चुनौती

असम देश के सबसे अधिक बाढ़ प्रभावित राज्यों में गिना जाता है। ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर बढ़ने से हर साल लाखों लोग प्रभावित होते हैं। लगातार बारिश, नदी किनारों का कटाव और निचले इलाकों में पानी भरने के कारण गांवों का संपर्क टूट जाता है।

ऐसी स्थिति में स्थानीय नाविक, मछुआरे और ग्रामीण अक्सर प्रशासन के साथ मिलकर शुरुआती राहत कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

हजारों लोगों के लिए बने उम्मीद की किरण

श्रवण कुमार और उनकी टीम ने केवल लोगों को सुरक्षित निकालने का काम ही नहीं किया, बल्कि कई परिवारों तक जरूरी सामान और मदद भी पहुंचाई। जिन इलाकों में राहत टीमें देर से पहुंच सकीं, वहां स्थानीय स्तर पर किए गए इन प्रयासों ने कई लोगों की जान बचाने में बड़ी भूमिका निभाई। बाढ़ प्रभावित लोगों का कहना है कि यदि समय रहते श्रवण और उनके साथी नहीं पहुंचते, तो कई परिवार गंभीर खतरे में पड़ सकते थे।

सोशल मीडिया पर मिल रही जमकर सराहना

श्रवण कुमार की बहादुरी की कहानी सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोग उनकी जमकर तारीफ कर रहे हैं। हजारों लोग उन्हें 'रियल हीरो', 'बाढ़ का फरिश्ता' और 'इंसानियत की मिसाल' बता रहे हैं। कई लोगों का मानना है कि ऐसे साहसी युवाओं को सम्मानित किया जाना चाहिए ताकि समाज में सेवा और मानवता की भावना को और बढ़ावा मिले।

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Jyotsana Singh is an Tech/Auto and Tourism Desk Content Writer at Newstrack.com.

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