जेल से छूटते ही 40 मिनट में गिरफ्तारी! Azam Khan पहुंचे SC, ED की कार्रवाई पर इसी हफ्ते होगी बड़ी सु

Azam Khan Supreme Court News: सोमवार को उनके वकील निजाम पाशा ने मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच के सामने मामला उठाया। उन्होंने जल्द सुनवाई की मांग की, जिस पर मुख्य न्यायाधीश ने इसी सप्ताह याचिका सूचीबद्ध करने पर सहमति जताई।

Priya Singh Bisen
Published on: 2 Nov 2026 1:30 PM IST
Azam Khan Supreme Court
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Azam Khan Supreme Court News: समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आजम खान (Azam Khan) की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। रामपुर जेल से 348 दिन बाद रिहा होने के महज 40 मिनट बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) की गिरफ्तारी को अब आजम खान ने सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में चुनौती दी है। सोमवार को उनके वकील निजाम पाशा ने मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच के सामने मामला उठाया। उन्होंने जल्द सुनवाई की मांग की, जिस पर मुख्य न्यायाधीश ने इसी सप्ताह याचिका सूचीबद्ध करने पर सहमति जताई।

SC में आजम खान की बड़ी कानूनी लड़ाई

आजम खान ने अपनी याचिका में ईडी की गिरफ्तारी के साथ गाजियाबाद की विशेष पीएमएलए अदालत (PMLA Court) के आदेश को भी चुनौती दी है। अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा था। आजम खान ने इस आदेश को रद्द करने की मांग की है।

दरअसल, 29 अक्टूबर को दोहरे पैन कार्ड मामले में जमानत मिलने के बाद 31 अक्टूबर को आजम खान रामपुर जेल से बाहर आए थे। लेकिन रिहाई के करीब 40 मिनट बाद ही ईडी ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। अब सुप्रीम कोर्ट में गिरफ्तारी की वैधता और न्यायिक हिरासत से जुड़ी दलीलों पर विचार होगा।

आखिर किस मामले में ED ने किया गिरफ्तार?

प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) ने आजम खान को रामपुर की मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी (Mohammad Ali Jauhar University) के निर्माण में सरकारी धन के कथित दुरुपयोग और मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering) के मामले में गिरफ्तार किया है।

यह मामला मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट से जुड़ा है, जिसके संस्थापक आजम खान हैं। ईडी का आरोप है कि सरकारी निर्माण कार्यों के ठेके हासिल करने वाले ठेकेदारों ने रकम का एक हिस्सा यूनिवर्सिटी के निर्माण में लगाया। इसके बाद ट्रस्ट को दान के रूप में धन दिया गया। एजेंसी के मुताबिक, सरकारी पैसे का इस्तेमाल यूनिवर्सिटी के निजी परिसर में निर्माण कार्यों के लिए किया गया।

6.60 करोड़ के काम और जमीन कब्जाने के आरोप

ईडी की जांच में विधायक और विधान परिषद सदस्य स्थानीय क्षेत्र विकास निधि से कराए गए करीब 6.60 करोड़ रुपये के निर्माण कार्य भी शामिल हैं। इसके अलावा रामपुर के अजीमनगर थाने में दर्ज 26 एफआईआर (FIR) में किसानों की कृषि भूमि कथित तौर पर जबरन यूनिवर्सिटी के लिए लेने के आरोप लगाए गए हैं।

ईडी ने अपनी जांच में 34 एकड़ क्षेत्र में फैले शत्रु संपत्ति के 45 भूखंडों पर कथित अवैध कब्जे के आरोपों को भी शामिल किया है। हालांकि, ये जांच एजेंसी के आरोप हैं।

1,170 करोड़ की संपत्तियों पर ED की कार्रवाई

इस मामले में ईडी ने यूनिवर्सिटी की जमीन और इमारतों में से 426.46 करोड़ रुपये की संपत्ति को कथित अपराध से अर्जित संपत्ति माना है। एजेंसी के अनुसार, इन संपत्तियों का वर्तमान बाजार मूल्य करीब 1,170 करोड़ रुपये है। ईडी ने 28 अक्टूबर को इन संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच किया था।इससे पहले 13 अक्टूबर को ईडी ने रामपुर जेल में आजम खान से पूछताछ भी की थी। इसके बाद 31 अक्टूबर को उनकी गिरफ्तारी हुई।

रिहाई के बाद फिर जेल पहुंचे आजम खान

दोहरे पैन कार्ड मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) से राहत मिलने के बाद आजम खान की रिहाई हुई थी। लेकिन 31 अक्टूबर को जेल से निकलने के कुछ ही समय बाद ईडी ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। अगले दिन यानी एक नवंबर को उन्हें गाजियाबाद की विशेष पीएमएलए अदालत में पेश किया गया, जहां से 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

348 दिन जेल में रहे आजम और अब्दुल्ला

आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को 17 नवंबर 2025 को दोहरे पैन कार्ड मामले में सात-सात साल की सजा सुनाई गई थी। दोनों को उसी दिन रामपुर जिला जेल भेज दिया गया था।

इसके बाद दोनों ने फैसले के खिलाफ सेशन कोर्ट में अपील की, लेकिन 20 अप्रैल 2026 को उनकी अपील खारिज हो गई और सजा बरकरार रही। फिर दोनों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। 29 अक्टूबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उनकी सजा निलंबित करते हुए जमानत मंजूर कर ली। करीब 11 महीने 12 दिन यानी 348 दिन जेल में रहने के बाद आजम खान को रिहाई मिली थी।

अब SC के फैसले पर टिकी नजरें

आजम खान की याचिका पर इसी सप्ताह सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हो सकती है। मुख्य न्यायाधीश ने मामले को सूचीबद्ध करने पर सहमति दे दी है। अब अदालत में ईडी की गिरफ्तारी और 14 दिन की न्यायिक हिरासत के आदेश को लेकर कानूनी दलीलें रखी जाएंगी। ऐसे में आजम खान को इस मामले में राहत मिलेगी या नहीं, यह आने वाली सुनवाई के बाद ही स्पष्ट होगा।

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Priya Singh Bisen is a journalist with over five years of experience in the news and digital media industry. She covers a wide range of topics, including weather, lifestyle, health, politics, and international affairs. In addition to news writing, Priya has experience in news script writing, voice-overs, anchoring, field reporting, and social media management. She holds a Bachelor's degree in Mass Communication and a Master's degree in Advertising and Public Relations. Priya also enjoys writing, traveling, and playing sports, pursuits that reflect her curiosity and passion for exploring new perspectives.

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