Bandra Violence: पुलिस पर पथराव से पहले बनी योजना, बांद्रा हिंसा में 16 आरोपी गिरफ्तार

Bandra Violence: मुंबई के बांद्रा ईस्ट में अतिक्रमण हटाने के दौरान हुई झड़प में पुलिस पर पथराव करने से पहले बड़ी साजिश रची गई थी। पुलिस ने 16 आरोपियों को गिरफ्तार किया।

Newstrack/IANS
Published on: 21 May 2026 2:19 PM IST
Bandra East Violence
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Bandra Violence: मुंबई के बांद्रा ईस्ट इलाके में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान हुई झड़प के मामले में पुलिस ने अब तक 16 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में सामने आया है कि पुलिस पर पथराव करने से पहले बड़ी साजिश रची गई थी। पुलिस की प्राथमिक जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने साजिश के तहत ही टीम पर पथराव किया था। एफआईआर के अनुसार, घटना 20 मई को बांद्रा ईस्ट रेलवे स्टेशन के पास गरीब नगर इलाके में गैर-कानूनी स्ट्रक्चर हटाने के एक ऑपरेशन के दौरान हुई। यह कार्रवाई कोर्ट के आदेशों और तोड़फोड़ के तय शेड्यूल से जुड़े निर्देशों के बाद की जा रही थी। अधिकारियों ने ऑपरेशन के दौरान मुंबई पुलिस, रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (आरपीएफ), होम गार्ड और दूसरे स्टाफ को तैनात किया था।

जब अधिकारी तोड़फोड़ की कार्रवाई कर रहे थे, तो मौके पर लगभग 100 से 150 लोगों की भीड़ जमा हो गई और विरोध करने लगी। पुलिस अधिकारियों ने कथित तौर पर बार-बार अनाउंसमेंट करके लोगों से शांति से हटने के लिए कहा, लेकिन कहा जा रहा है कि भीड़ गुस्से में आ गई और ऑपरेशन में रुकावट डालने की कोशिश की।

एफआईआर में आगे दावा किया गया है कि भीड़ में से कुछ लोगों ने नारे लगाने शुरू कर दिए और उन्होंने अशांति फैलाकर तोड़फोड़ का काम रोकने की कोशिश की। इस अफरा-तफरी के दौरान, साइट पर मौजूद पुलिसवालों और अधिकारियों पर पत्थर और दूसरी चीजें फेंकी गईं, जिससे इलाके में तनाव बढ़ गया। बाद में पुलिस ने हालात को काबू में करने के लिए हल्का बल इस्तेमाल किया और कई लोगों को हिरासत में लिया।

इस घटना में कई पुलिसवाले घायल हो गए। खास तौर पर ऑपरेशन के दौरान तैनात पुलिसवालों और सिक्योरिटी स्टाफ को चोट लगी। पुलिस ने एफआईआर में 10 आरोपियों के नाम लिए हैं और उन पर गैर-कानूनी तरीके से इकट्ठा होने, दंगा करने, सरकारी कर्मचारियों को ड्यूटी करने से रोकने, पब्लिक प्रॉपर्टी को नुकसान पहुंचाने और सरकारी कर्मचारियों पर हमले से जुड़े अलग-अलग चार्ज लगाए हैं। इसके अलावा 100-150 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है। पुलिस अधिकारी हिंसा में कथित तौर पर शामिल और लोगों की पहचान करने के लिए सीसीटीवी फुटेज और दूसरे सबूतों की जांच कर रहे हैं। कहा जा रहा है कि आगे कानून-व्यवस्था की कोई दिक्कत न हो, इसके लिए इलाके में सिक्योरिटी बढ़ा दी गई है।

Vineeta Pandey

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