बांके बिहारी मंदिर में चढ़ावे का खेल? SC ने पुजारियों को दी सीधी चेतावनी, कहा- 'दान का एक-एक पैसा...'

SC on Banke Bihari Temple Donation: वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में चढ़ावे में कथित हेराफेरी के मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया। कोर्ट ने कहा कि भक्तों का एक-एक पैसा आधिकारिक दान पेटी या मंदिर के ऑनलाइन बैंक खाते में ही जाना चाहिए।

Harsh Srivastava
Published on: 26 Aug 2026 8:05 AM IST (Updated on: 26 Aug 2026 8:05 AM IST)
बांके बिहारी मंदिर में चढ़ावे का खेल? SC ने पुजारियों को दी सीधी चेतावनी, कहा- दान का एक-एक पैसा...
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SC on Banke Bihari Temple Donation: वृंदावन के सुप्रसिद्ध और विश्वविख्यात श्रीबांके बिहारी मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित किए जाने वाले पवित्र चढ़ावे में हेराफेरी और धांधली के गंभीर आरोपों पर सर्वोच्च अदालत ने बेहद सख्त और कड़ा रुख अख्तियार किया है। देश की सबसे बड़ी अदालत ने साफ और स्पष्ट शब्दों में आदेश जारी करते हुए कहा है कि भक्तों के दान का एक-एक पैसा या तो मंदिर की आधिकारिक दान पेटियों में जाएगा या फिर सीधे ऑनलाइन बैंक खाते में जमा होना चाहिए।मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की विशेष पीठ ने मंदिर की व्यवस्था संभाल रही उच्चस्तरीय समिति की स्थिति रिपोर्ट पर गहराई से विचार करते हुए यह ऐतिहासिक निर्देश जारी किया।

थैलियों में भरा जा रहा था भक्तों का चढ़ावा

अदालत की सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता मनिंदर सिंह ने मंदिर परिसर के भीतर की चौंकाने वाली तस्वीरें और वीडियो फुटेज पीठ के सामने पेश किए। उन्होंने अदालत को बताया कि मंदिर में व्यवस्था बेहद चिंताजनक है और इस पर तुरंत कड़े कदम उठाने की जरूरत है। उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि पारंपरिक दान पेटियों के ठीक सामने खड़े होकर कुछ लोग श्रद्धालुओं से सीधे नकद रुपए ले रहे थे और उन्हें मंदिर के खजाने में डालने के बजाय अपनी निजी पॉलीथिन की थैलियों में जमा कर रहे थे।

डिजिटल दान रोकने की साजिश

हाईकोर्ट द्वारा गठित समिति की रिपोर्ट में एक और बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। रिपोर्ट के अनुसार, मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए लगाए गए ऑनलाइन दान के क्यूआर (QR) कोड को जानबूझकर खराब कर दिया गया था या फिर उन्हें पूरी तरह से कपड़ों से ढक दिया गया था। ऐसा इसलिए किया गया ताकि श्रद्धालु डिजिटल माध्यम से दान न कर सकें और नकद चढ़ावे की चोरी को आसानी से अंजाम दिया जा सके। उल्टा प्रबंधन समिति पर ही झूठे आरोप लगाए जा रहे थे, जबकि असली चढ़ावा खजाने तक पहुंचने से पहले ही गायब किया जा रहा था।

सुप्रीम कोर्ट का सख्त फरमान

मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायमूर्ति बागची ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि किसी भी पुजारी या सेवायत का श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए दान पर कोई व्यक्तिगत अधिकार नहीं हो सकता। पीठ ने बेहद कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि अगर इस पारदर्शी व्यवस्था में सेवायत या कोई भी अन्य व्यक्ति बाधा डालने की कोशिश करेगा, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रबंधन समिति को निर्देश दिया गया कि वह मंदिर के खजाने को पूरी तरह से सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए कड़े नियम तुरंत लागू करे।

बांके बिहारी अध्यादेश 2025 और श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद की नई तारीख तय

यह पूरा कानूनी घमासान उत्तर प्रदेश श्री बांके बिहारी जी मंदिर ट्रस्ट अध्यादेश, 2025 के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिसमें सरकार द्वारा नियंत्रित ट्रस्ट बनाने का प्रस्ताव है। सर्वोच्च न्यायालय ने सभी पक्षों को अपना जवाब दाखिल करने के लिए 1 सप्ताह का समय दिया है। दूसरी ओर, मथुरा के चर्चित श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह विवाद से जुड़े मूल वाद पर भी इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नई तारीख का ऐलान कर दिया है। न्यायमूर्ति अवनीश सक्सेना ने इस संवेदनशील मामले की अगली सुनवाई 18 सितंबर को दोपहर 2 बजे तय की है, जिस दिन महत्वपूर्ण अर्जियों पर सुनवाई पूरी की जाएगी।

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Harsh Srivastava is a journalist currently working as Desk In-Charge at NewsTrack, Lucknow. He began his journalism career in 2023 and has previously worked with Hindustan, Times Internet and India News. He holds a Master’s degree in Journalism and Mass Communication (MJMC). His key areas of interest include politics, elections and crime, with a wider focus on governance, public policy and current affairs. He writes research-driven and SEO-focused digital stories, combining journalistic depth with an understanding of digital audiences. Harsh has covered the 2026 West Bengal Assembly Election, several state elections and bypolls, and extensively followed the Delhi CJP protest and its developments. His work includes news reports, explainers, features and analytical stories. Originally from Varanasi, Harsh has worked across Varanasi, Delhi and Lucknow, with experience spanning reporting, digital journalism, content writing and editorial operations.

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