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बंगाल की खाड़ी में साइक्लोन 'अर्नब' का कहर! ओडिशा, बंगाल और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में IMD का हाई अलर्ट
बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव का क्षेत्र और मजबूत हो गया है और अगले 12 घंटे में डीप डिप्रेशन में बदल सकता है।
Cyclone Arnab: बंगाल की खाड़ी में बना दबाव अब और मजबूत हो गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, यह मौसम प्रणाली अगले 12 घंटे में डीप डिप्रेशन यानी गहरे दबाव के क्षेत्र में बदल सकती है। इसके बाद इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने और उत्तरी आंध्र प्रदेश-दक्षिणी ओडिशा के तट को पार करने का अनुमान है।
मौसम विभाग के अनुसार, यह सिस्टम 23 सितंबर की रात तक विशाखापत्तनम और गोपालपुर के बीच से तट को पार कर सकता है। इसके चलते ओडिशा और आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम की स्थिति को देखते हुए ओडिशा के कई जिलों में स्कूल बंद करने के साथ-साथ प्रशासन ने आपातकालीन तैयारियां भी शुरू कर दी हैं।
आंध्र-ओडिशा तट की ओर तेजी से बढ़ रहा सिस्टम
IMD के मुताबिक, पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना निम्न दबाव 22 सितंबर को सुबह 11:30 बजे से पहले के छह घंटों में करीब 8 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ा।
मौसम विभाग ने बताया कि अगले 12 घंटों में यह सिस्टम पश्चिम-मध्य और उससे जुड़े उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के ऊपर डीप डिप्रेशन में बदल सकता है। इसके बाद इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने और 23 सितंबर की रात तक विशाखापत्तनम और गोपालपुर के बीच उत्तरी आंध्र प्रदेश-दक्षिणी ओडिशा तट को पार करने की संभावना है।
चक्रवात बना तो नाम होगा 'अर्नब'
अगर यह मौसम प्रणाली आगे चलकर चक्रवाती तूफान में बदलती है, तो इसका नाम 'अर्नब' होगा। उत्तरी हिंद महासागर में बनने वाले चक्रवाती तूफानों के नामों की क्षेत्रीय सूची में 'अर्नब' अगला नाम है।
'अर्नब' नाम बांग्लादेश ने दिया है। बांग्ला भाषा में इसका अर्थ 'महासागर' होता है। यह नाम विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) और भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा तैयार और अनुरक्षित उष्णकटिबंधीय चक्रवातों की क्षेत्रीय नामकरण सूची में शामिल है।
आंध्र प्रदेश में 22 से 25 सितंबर तक बारिश का अनुमान
इस मौसम प्रणाली के प्रभाव से आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों में 22 से 25 सितंबर के बीच भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है।
सिस्टम के तटीय क्षेत्र की ओर बढ़ने के साथ दक्षिणी ओडिशा के कई जिलों में भी भारी बारिश का खतरा बढ़ गया है। इसे देखते हुए कई जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है।
कोरापुट, गजपति और गंजाम में 23-24 सितंबर को भारी बारिश
मौसम विभाग के अनुसार, 23 और 24 सितंबर को कोरापुट, गजपति और गंजाम में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश होने की भी संभावना है। इसके अलावा कालाहांडी, नबरंगपुर, कोरापुट और मलकानगिरी को 24 और 25 सितंबर के लिए रेड अलर्ट पर रखा गया है।
ओडिशा तट के लिए IMD के तटीय बुलेटिन में कई स्थानों पर बारिश या गरज-चमक के साथ बारिश होने की चेतावनी दी गई है। भारी बारिश के दौरान कई इलाकों में दृश्यता कम होने की भी आशंका जताई गई है।
ओडिशा के कई जिलों में स्कूल बंद, छुट्टियां भी रद्द
ओडिशा के तटीय और दक्षिणी हिस्सों में पहले से ही भारी बारिश हो रही है। मौसम की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने कई एहतियाती कदम उठाए हैं। खुर्दा, जगतसिंहपुर, गंजाम और गजपति में मंगलवार को स्कूल बंद रहे। वहीं मलकानगिरी में 24 सितंबर तक स्कूल बंद रखने का आदेश दिया गया है। प्रभावित इलाकों में आंगनवाड़ी केंद्र भी 24 सितंबर तक बंद रहेंगे।
हालांकि, शिक्षकों और दूसरे स्कूल कर्मचारियों को कार्यालय आने के निर्देश दिए गए हैं। प्रधानाचार्यों से ड्यूटी रोस्टर तैयार करने को कहा गया है, ताकि स्कूल भवन चौबीसों घंटे उपलब्ध रहें और जरूरत पड़ने पर उनका इस्तेमाल आपात स्थिति में किया जा सके।
चिलिका झील में नौका सेवा 25 सितंबर तक बंद
खराब मौसम के कारण चिलिका झील में सतपाड़ा और जहनीकुडा के बीच चलने वाली नौका सेवाओं को भी 25 सितंबर तक निलंबित कर दिया गया है। प्रशासन की ओर से यह कदम मौसम की स्थिति को देखते हुए उठाया गया है, ताकि भारी बारिश और खराब मौसम के दौरान लोगों की आवाजाही से जुड़े जोखिम को कम किया जा सके।
पश्चिम बंगाल में भी भारी बारिश का अनुमान
बंगाल की खाड़ी में बने इस मौसम सिस्टम का असर पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में भी देखने को मिल सकता है। IMD ने 26 सितंबर तक राज्य के कई जिलों में भारी बारिश होने का अनुमान जताया है। दक्षिण 24 परगना, पूर्व मेदिनीपुर, पश्चिम मेदिनीपुर, झाड़ग्राम, पुरुलिया, बांकुरा और बीरभूम में भारी बारिश की संभावना है। इसके अलावा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग, कालिम्पोंग, जलपाईगुड़ी और अलीपुरदुआर में भी 26 सितंबर तक भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है।
कुल मिलाकर, बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के मजबूत होने के साथ ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में मौसम बिगड़ने की संभावना है। 23 सितंबर की रात तक इसके विशाखापत्तनम और गोपालपुर के बीच तट पार करने के अनुमान को देखते हुए प्रशासन ने कई इलाकों में पहले से ही एहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।


