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Bengal में BJP का पहला CM कौन? शुभेंदु, रूपा या अग्निमित्रा... अमित शाह आज करेंगे सस्पेंस खत्म
Who will be Bengal's First BJP CM: पश्चिम बंगाल में पहली बार बीजेपी सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री चेहरे पर सस्पेंस बरकरार है। अमित शाह आज कोलकाता में विधायकों संग बैठक कर नए सीएम के नाम पर मुहर लगाएंगे। शुभेंदु अधिकारी सबसे आगे माने जा रहे हैं, जबकि संतुलित मंत्रिमंडल और डिप्टी सीएम पर भी मंथन जारी है। शपथ 9 मई को संभव है।
Who will be Bengal's First BJP CM: पश्चिम बंगाल के राजनीतिक इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है क्योंकि राज्य में पहली बार भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने जा रही है। सत्ता के इस ऐतिहासिक परिवर्तन के बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि बंगाल की कमान किसके हाथों में होगी। इस सस्पेंस से आज शाम पर्दा उठ जाएगा जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कोलकाता में नवनिर्वाचित विधायकों के साथ बैठक करेंगे। अमित शाह को बंगाल के पर्यवेक्षक के तौर पर भेजा गया है, जो विधायकों की राय जानने के बाद नए मुख्यमंत्री के नाम की आधिकारिक घोषणा करेंगे। उनके साथ ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी भी सह-पर्यवेक्षक के रूप में उपस्थित रहेंगे।
कोलकाता में होने वाली इस हाई-प्रोफाइल बैठक में बीजेपी के सभी 207 नवनिर्वाचित विधायक शामिल होंगे। प्रक्रिया के अनुसार, अमित शाह की अध्यक्षता में विधायक दल की बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें किसी वरिष्ठ नेता द्वारा मुख्यमंत्री पद के लिए नाम प्रस्तावित किया जाएगा। सभी विधायकों की सहमति मिलने के बाद नाम को सार्वजनिक कर दिया जाएगा। जानकारी के अनुसार, मनोनीत मुख्यमंत्री 9 मई को पद और गोपनीयता की शपथ लेंगे। इस बैठक में न केवल मुख्यमंत्री बल्कि मंत्रिमंडल के स्वरूप और विधानसभा अध्यक्ष (स्पीकर) के चयन पर भी विस्तार से चर्चा होने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री पद के दावेदारों में 'बंगाल के लाल' की तलाश
मुख्यमंत्री पद की दौड़ में कई दिग्गज नेताओं के नाम चर्चा में हैं, लेकिन शुभेंदु अधिकारी को सबसे प्रबल दावेदार माना जा रहा है। उन्होंने न केवल तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ मजबूती से मोर्चा संभाला, बल्कि ममता बनर्जी को चुनावी मैदान में सीधे मात देकर अपनी क्षमता सिद्ध की है। हालांकि, रेस में शुभेंदु के अलावा बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य, वरिष्ठ नेता दिलीप घोष, विधायक अग्निमित्रा पॉल और पूर्व सांसद रूपा गांगुली के नाम भी शामिल हैं। गृह मंत्री अमित शाह ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि बंगाल का नेतृत्व कोई 'भूमिपुत्र' ही करेगा, जो बंगाल की संस्कृति को समझता हो और बंगाली भाषा में निपुण हो।
क्षेत्रीय संतुलन और संघ की पसंद पर आधारित होगा नया मंत्रिमंडल
बीजेपी केवल मुख्यमंत्री का चेहरा ही नहीं, बल्कि एक संतुलित कैबिनेट बनाने पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है। नई सरकार में अनुभवी नेताओं और ऊर्जावान नए चेहरों का समावेश देखने को मिल सकता है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और बीजेपी के बीच हुई समन्वय बैठकों में वैचारिक प्रतिबद्धता को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया है। पार्टी की रणनीति है कि मंत्रिमंडल में उन नेताओं को जगह दी जाए जिनका संगठन के साथ गहरा जुड़ाव रहा है और जो राज्य के विभिन्न क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करते हों। इस कवायद का मुख्य उद्देश्य एक ऐसी टीम तैयार करना है जो बंगाल की जमीनी समस्याओं का त्वरित समाधान कर सके।
संभावित मंत्रियों की सूची और डिप्टी सीएम पर मंथन
बंगाल सरकार के संभावित मंत्रियों की सूची में दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, निशीथ प्रमाणिक और अर्जुन सिंह जैसे कद्दावर नेताओं के नाम चर्चा में हैं। इसके साथ ही कौस्तव बागची, सजल घोष, इंद्रनील खान और जोएल मुर्मू को भी बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। इस बार बीजेपी ने कई नए चेहरों को भी मौका दिया है, जिनमें पूर्व आईपीएस अधिकारी राजेश कुमार और भारत सेवाश्रम संघ से जुड़े उत्पल महाराज शामिल हैं। चर्चा यह भी है कि मानिकतला के विधायक तापस राय को विधानसभा अध्यक्ष बनाया जा सकता है, जबकि महिला सशक्तिकरण का संदेश देने के लिए किसी महिला विधायक को उपमुख्यमंत्री (डिप्टी सीएम) का पद सौंपा जा सकता है।


