बेंगलुरु में CJP का बड़ा प्रदर्शन, प्रकाश-ध्रुव राठी ने उठाई आवाज; SIR रद्द करने समेत 3 बड़ी मांगें

Bengaluru CJP Protest: फ्रीडम पार्क में SIR के खिलाफ CJP के प्रदर्शन में प्रकाश राज, ध्रुव राठी और अभिजीत दीपके शामिल हुए। जानें SIR रद्द करने समेत 3 बड़ी मांगें।

Alakha Singh
Published on: 8 Oct 2026 7:02 PM IST
बेंगलुरु में CJP का बड़ा प्रदर्शन, प्रकाश-ध्रुव राठी ने उठाई आवाज; SIR रद्द करने समेत 3 बड़ी मांगें
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Bengaluru CJP protest: बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में गुरुवार को चुनाव आयोग की ओर से चलाए जा रहे Special Intensive Revision (SIR) के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन हुआ। Cockroach Janata Party (CJP) की ओर से आयोजित इस प्रदर्शन में अभिनेता-कार्यकर्ता प्रकाश राज, यूट्यूबर ध्रुव राठी और CJP संस्थापक अभिजीत दीपके समेत बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए SIR प्रक्रिया को पूरी तरह रद्द करने की मांग की।

प्रदर्शन को 'People's Tribunal' के तौर पर आयोजित किया गया, जिसमें कर्नाटक में SIR से कथित तौर पर प्रभावित लोगों की शिकायतें सामने रखी गईं। कार्यक्रम के बाद महिलाओं के समर्थन में 'चप्पल प्रदर्शन' भी किया गया।

CJP के प्रदर्शन में मुख्य रूप से तीन मांगें सामने आईं:

1-SIR की पूरी प्रक्रिया तत्काल रद्द की जाए।

2-मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार तत्काल इस्तीफा दें।

3-SIR के दौरान कथित तौर पर प्रभावित या मतदाता सूची से हटाए गए लोगों के वोटिंग अधिकार और नाम बहाल किए जाएं।

प्रदर्शन स्थल पर "Error 404 - Name Not Found", "It's done bro, resign sir", "Don't erase us, hear us", "Vote Theft" और "Gyanesh Kumar, gaddi leave your chair" जैसे पोस्टर लगाए गए थे। इसके अलावा "Grand Theft Democracy" के पोस्टर और भगत सिंह तथा सुभाष चंद्र बोस की तस्वीरें भी नजर आईं।


प्रकाश राज बोले- सिर्फ ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा काफी नहीं

प्रकाश राज ने कहा कि SIR सिर्फ मतदाता सूची से नाम हटाए जाने का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह नागरिकों की गरिमा और उनके मतदान के अधिकार से जुड़ा मामला है। उन्होंने सवाल उठाया कि किसी नागरिक का वोट आखिर कौन छीन सकता है।

प्रकाश राज ने स्पष्ट किया कि आंदोलन का लक्ष्य सिर्फ मुख्य चुनाव आयुक्त का इस्तीफा नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर ज्ञानेश कुमार चले भी जाते हैं तो उनकी जगह कोई दूसरा अधिकारी आ सकता है। उनकी मुख्य मांग SIR को पूरी तरह खत्म करना है।

उन्होंने आरोप लगाया कि आदिवासियों, गरीबों, मुसलमानों और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। साथ ही उन्होंने ज्ञानेश कुमार पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया। हालांकि, ये प्रदर्शनकारियों के आरोप हैं और इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

प्रकाश राज ने प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन जारी रखने की अपील की और कहा कि जब तक SIR वापस नहीं होता और लोगों के अधिकार बहाल नहीं होते, तब तक संघर्ष जारी रहना चाहिए।

अभिजीत दीपके का EC और मोदी पर हमला

CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चुनाव आयोग पर "लोकतंत्र की हत्या" और "वोट चोरी" का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि SIR के तहत मतदाता सूची से नाम हटाने की कार्रवाई उन लोगों को मतदान से वंचित करने के लिए की जा रही है, जिन्हें BJP का विरोधी माना जाता है।

दीपके ने कहा कि CJP सड़कों पर उतरकर लोकतंत्र को वापस हासिल करने की लड़ाई जारी रखेगा और यह आंदोलन मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे तक चलता रहेगा।

ध्रुव राठी बोले- EC में पारदर्शिता और जवाबदेही नहीं

प्रदर्शन में पहुंचे यूट्यूबर ध्रुव राठी ने SIR को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की ओर से इस पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही का अभाव है।

राठी ने यह भी कहा कि वह यहां किसी सरकार को बदलने के लिए नहीं आए हैं। उनका फोकस चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और लोकतांत्रिक अधिकारों को लेकर उठ रहे सवालों पर है।

महिलाओं और छात्रों की बड़ी मौजूदगी

प्रदर्शन में महिलाओं और छात्रों समेत बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने SIR के खिलाफ नारे लगाए और मतदाता सूची से कथित नाम हटाए जाने का विरोध किया। आयोजकों ने इसे कर्नाटक में SIR से प्रभावित लोगों की आवाज सामने रखने का मंच बताया।

पुलिस ने प्रदर्शन को देखते हुए फ्रीडम पार्क और आसपास के इलाकों में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। अधिकारियों ने किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था तैनात की थी।

CJP का यह प्रदर्शन ऐसे समय हुआ है जब SIR को लेकर विपक्षी दलों और विभिन्न नागरिक समूहों की ओर से चुनाव आयोग पर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं। वहीं, चुनाव आयोग SIR प्रक्रिया को चुनावी सूची को दुरुस्त करने और पात्र मतदाताओं के नाम सुनिश्चित करने की कवायद के तौर पर देखता है।

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Alakha Singh is a Senior journalist with having more than one decade of experience in digital media. Alakha Singh has covered Loksabha Elections 2014 and 2019 closely with the several state assembly elections. He has expertise in SEO oriented content writing on various topics and issues. At HT Digital Alakha Singh has been recognised as one of the top performer of the team for many years continuously. At Livehindustan Alakha has worked on National, States and Utility beats (Career Beat in last 4 years mainly), Earlier he worked with HT Digital for more than 8 years and 2.5 years with Amar Ujala web. In initial days of his career Alakha Singh also worked as a reporter (stringer) with NBT Gurgaon. He pursued P.G. Diploma in Journalism from South Campus, University of Delhi in 2013 and MAMC from Kurukshetra University in 2014. He Belongs to District Banda of Uttar Pradesh.

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