‘मां की हालत…’, CM भगवंत मान ने क्यों की बेअंत सिंह हत्याकांड के दोषी के लिए पैरोल की मांग?

Beant Singh Assassination Case: पंजाब के CM भगवंत मान ने राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया को पत्र लिखकर बेअंत सिंह हत्याकांड में उम्रकैद की सजा काट रहे जगतार सिंह हवारा को मां से मिलने के लिए 10 दिन की पैरोल देने की सिफारिश की है।

Aditya Kumar Verma
Published on: 8 Aug 2026 10:29 PM IST
Beant Singh Assassination Case | Punjab CM Bhagwant Mann
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Beant Singh Assassination Case: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान (Bhagwant Mann) ने शनिवार को पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया (Gulab Chand Kataria) को पत्र लिखकर जगतार सिंह हवारा (Jagtar Singh Hawara) को 10 दिन की पैरोल (Parole) देने की सिफारिश की है। हवारा को 1995 में तत्कालीन पंजाब के मुख्यमंत्री बेअंत सिंह (Beant Singh) की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा हुई है। मुख्यमंत्री ने यह सिफारिश हवारा को उसकी बीमार मां से मिलने का मौका देने के लिए की है।

जगतार सिंह हवारा इस समय दिल्ली की मंडोली जेल (Mandoli Jail) में बंद है। पंजाब के मुख्यमंत्री ने राज्यपाल से मानवीय आधार (Humanitarian Grounds) पर जल्द से जल्द 10 दिन की पैरोल देने पर विचार करने की अपील की है।

मां की खराब तबीयत का दिया हवाला

राज्यपाल को लिखे पत्र में भगवंत मान ने कहा कि जगतार सिंह हवारा की मां काफी बुजुर्ग हैं और उम्र से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही हैं। उनकी तबीयत लगातार खराब हुई है, जो सभी के लिए चिंता का बड़ा कारण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हवारा की मां की बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए उसे उनसे मिलने का अवसर दिया जाना मानवीय आधार पर उचित होगा।

मान ने अपने पत्र में यह भी बताया कि जगतार सिंह हवारा ने पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट (Punjab and Haryana High Court), चंडीगढ़ में सीआरडब्ल्यूपी नंबर 3868/2026 (CRWP No. 3868/2026) दायर की है। इस याचिका में उसने पैरोल पर रिहाई के लिए अदालत से निर्देश देने की मांग की है।

HC ने समयबद्ध फैसला लेने को कहा

पिछले महीने पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने दिल्ली की मंडोली जेल के अधिकारियों को निर्देश दिया था कि वे जगतार सिंह हवारा के पैरोल आवेदन पर समयबद्ध तरीके से फैसला लें।

हाई कोर्ट ने यह निर्देश चंडीगढ़ प्रशासन (Chandigarh Administration) से सिफारिश लेने के बाद पैरोल आवेदन पर विचार करने के लिए दिया था।

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्यपाल को लिखे पत्र में हाई कोर्ट के इस निर्देश का भी हवाला दिया है। उन्होंने कहा कि अदालत ने हवारा के पैरोल आवेदन पर विचार करने का निर्देश दिया है।

राज्यपाल से जल्द फैसला लेने की अपील

भगवंत मान ने पंजाब के राज्यपाल, जो चंडीगढ़ के प्रशासक (Chandigarh Administrator) भी हैं, से अपील की कि जगतार सिंह हवारा को मानवीय आधार पर 10 दिन की पैरोल देने पर जल्द से जल्द विचार किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हवारा की मां की स्वास्थ्य स्थिति लगातार बिगड़ रही है और इसी वजह से उसे पैरोल देना जरूरी है। मान ने पत्र में मां की खराब होती तबीयत को पैरोल देने के पक्ष में प्रमुख आधार बताया है।

SADPS ने भी की थी राज्यपाल से मुलाकात

इससे करीब एक सप्ताह पहले शिरोमणि अकाली दल पुनर सुरजीत (Shiromani Akali Dal Punar Surjit) के एक प्रतिनिधिमंडल ने पंजाब के राज्यपाल से मुलाकात की थी।

प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से हस्तक्षेप करने और जगतार सिंह हवारा को उसकी बीमार मां से मिलने की अनुमति देने की मांग की थी। अब मुख्यमंत्री भगवंत मान की ओर से भी राज्यपाल को पत्र भेजकर 10 दिन की पैरोल देने की सिफारिश की गई है।

उम्रकैद की सजा काट रहा है हवारा

जगतार सिंह हवारा को 1995 में तत्कालीन मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के मामले में दोषी ठहराया गया था। उसे पहले मौत की सजा (Death Sentence) सुनाई गई थी, लेकिन हाई कोर्ट ने बाद में उसकी सजा को उम्रकैद (Life Imprisonment) में बदल दिया। हवारा फिलहाल इस मामले में बाकी की जिंदगी जेल में बिताने की सजा काट रहा है।

यह मामला 31 अगस्त 1995 को चंडीगढ़ स्थित सिविल सचिवालय (Civil Secretariat) के प्रवेश द्वार के पास हुए धमाके से जुड़ा है। इस धमाके में बेअंत सिंह समेत 17 लोगों की मौत हुई थी।

इसी मामले में जगतार सिंह हवारा को दोषी ठहराया गया और उसे पहले मौत की सजा दी गई थी, जिसे बाद में हाई कोर्ट ने उम्रकैद में बदल दिया।

अब उसकी मां की खराब होती स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्यपाल से मानवीय आधार पर 10 दिन की पैरोल देने की सिफारिश की है। पैरोल पर अंतिम फैसला संबंधित अधिकारियों और राज्यपाल की ओर से लिया जाना है।

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आदित्य कुमार वर्मा उत्तर प्रदेश के पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। उन्होंने भारतीय राजनीति, अपराध, स्वास्थ्य और मानवीय सरोकारों से जुड़ी खबरों की व्यापक रिपोर्टिंग की है। उनके पास मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री है और वे रिपोर्टर, एंकर तथा सब-एडिटर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं। साथ ही वो उत्तर प्रदेश की राजनीति, शासन-प्रशासन और नौकरशाही व्यवस्था की गहरी समझ रखते हैं। पत्रकारिता के अलावा उन्हें पुस्तकों का अध्ययन, लेखन, कविता-लेखन और पाठ और यात्राएं करना विशेष रूप से पसंद है। विभिन्न संस्कृतियों और समाजों को करीब से जानने-समझने की उनकी रुचि ने उनके दृष्टिकोण को व्यापक बनाया है, जिसका सकारात्मक प्रभाव उनकी लेखन शैली और रिपोर्टिंग में भी देखने को मिलता है।

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