बिहार कैबिनेट में ‘सोशल इंजीनियरिंग’ फाॅर्मूला! किस जाति से कितने बनेंगे मंत्री? देखें लिस्ट

Bihar Cabinet Expansion: बिहार राजनीति में आज बड़ा दिन माना जा रहा है, क्योंकि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाले एनडीए सरकार के मंत्रिमंडल का विस्तार होने जा रहा है।

Shishumanjali kharwar
Published on: 7 May 2026 8:28 AM IST
Samrat Choudhary
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Samrat Choudhary

Bihar Cabinet Expansion: बिहार की राजनीति में आज बड़ा दिन माना जा रहा है, क्योंकि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाले एनडीए सरकार के मंत्रिमंडल का विस्तार होने जा रहा है। लंबे समय से चर्चा में रहे इस कैबिनेट विस्तार को लेकर राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज है। हालांकि नए मंत्रियों के नामों का आधिकारिक ऐलान शपथ ग्रहण के समय ही होगा, लेकिन विश्वसनीय सूत्रों के मुताबिक एनडीए ने इस बार पूरी रणनीति के साथ सोशल इंजीनियरिंग का फॉर्मूला अपनाया है। जातीय संतुलन और राजनीतिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए विभिन्न दलों और समुदायों को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की गई है।

सूत्रों के अनुसार, जनता दल यूनाइटेड ने अपने कोटे में सबसे ज्यादा सामाजिक संतुलन साधने की कोशिश की है। पार्टी की संभावित सूची में चार दलित, दो कुर्मी, दो धानुक, एक राजपूत, एक यादव, एक भूमिहार, एक मल्लाह और एक गंगोत समुदाय से नेताओं को जगह दी गई है। संभावित मंत्रियों में निशांत कुमार, अशोक चौधरी, लेसी सिंह, सुनील कुमार, विजेंद्र यादव, श्रवण कुमार, विजय चौधरी, मदन सहनी, जमा खान, शीला मंडल, दामोदर रावत, बोलो मंडल और रत्नेश सदा के नाम प्रमुख हैं। इससे साफ संकेत मिल रहा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सामाजिक समीकरणों को साधने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते।

वहीं भारतीय जनता पार्टी की ओर से भी जातीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए मंत्रियों के चयन की तैयारी की गई है। बीजेपी के संभावित मंत्रिमंडल में तीन वैश्य, दो राजपूत, दो कुशवाहा और एक-एक भूमिहार, ब्राह्मण, कायस्थ, यादव, मल्लाह, दलित तथा चंद्रवंशी समाज से नेताओं को शामिल किया जा सकता है। जिन नेताओं के नाम चर्चा में हैं उनमें विजय कुमार सिन्हा, दिलीप जायसवाल, मंगल पांडे, सुरेंद्र मेहता, संजय टाइगर, लखेंद्र पासवान, श्रेयसी सिंह, अरुण शंकर प्रसाद, राम कृपाल यादव, रमा निषाद, नारायण शाह और प्रमोद कुमार चंद्रवंशी शामिल हैं।

एनडीए के अन्य सहयोगी दलों को भी सामाजिक प्रतिनिधित्व के आधार पर हिस्सेदारी मिलने जा रही है। लोजपा रामविलास की ओर से एक राजपूत और एक दलित नेता को मंत्री बनाया जा सकता है। वहीं हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा से एक दलित चेहरा और राष्ट्रीय लोक मोर्चा की ओर से एक ओबीसी नेता को मंत्रिमंडल में जगह मिलने की संभावना है। संभावित नामों में संजय सिंह, संजय पासवान, संतोष कुमार सुमन और दीपक प्रकाश शामिल बताए जा रहे हैं। जानकारों का मानना है कि आगामी चुनावों को देखते हुए एनडीए ने जातीय और सामाजिक समीकरणों को बेहद सावधानी से साधने की कोशिश की है। इस कैबिनेट विस्तार के जरिए हर वर्ग और समुदाय को प्रतिनिधित्व देने का संदेश देने की रणनीति अपनाई गई है। अब सबकी नजरें शपथ ग्रहण समारोह और आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं।

Shishumanjali kharwar

Shishumanjali kharwar

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मीडिया क्षेत्र में 12 साल से ज्यादा कार्य करने का अनुभव। इस दौरान विभिन्न अखबारों में उप संपादक और एक न्यूज पोर्टल में कंटेंट राइटर के पद पर कार्य किया। वर्तमान में प्रतिष्ठित न्यूज पोर्टल ‘न्यूजट्रैक’ में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं।

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