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बिहार में ‘50-50’ का फाॅर्मूला फाइनल! 7 मई को सम्राट कैबिनेट का विस्तार, किन चेहरों को मिलेगी जगह?
Bihar Cabinet Expansion: पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में 7 मई को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह को लेकर प्रशासनिक तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। इस दिन मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में नए मंत्री पद और गोपनीयता की शपथ लेंगे।
Bihar Cabinet Expansion
Bihar Cabinet Expansion: बिहार की राजनीति में इन दिनों हलचल तेज है, क्योंकि राज्य में एनडीए सरकार के तहत मंत्रिमंडल विस्तार की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में 7 मई को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह को लेकर प्रशासनिक तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। इस दिन मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में नए मंत्री पद और गोपनीयता की शपथ लेंगे, जिसे राज्यपाल सैयद अता हसनैन दिलाएंगे।
बिहार सरकार में 50-50 के फॉर्मूले पर सत्ता का बंटवारा तय
सूत्रों के मुताबिक, इस बार बिहार सरकार में 50-50 के फॉर्मूले पर सत्ता का बंटवारा तय किया गया है। इसका मतलब है कि भारतीय जनता पार्टी और जनता दल यूनाइटेड के बीच मंत्रियों की संख्या बराबर रखी जाएगी। जानकारी के अनुसार, सम्राट सरकार में कुल 16-16 मंत्री दोनों दलों से शामिल होंगे, जिसमें मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री भी शामिल रहेंगे। भाजपा के कोटे से 15 मंत्री और जदयू के कोटे से 14 मंत्री बनाए जा सकते हैं, जबकि सहयोगी दलों को भी प्रतिनिधित्व मिलेगा।
लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को दो मंत्री पद, वहीं हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा और राष्ट्रीय लोक मोर्चा को एक-एक मंत्री पद दिए जाने की संभावना है। मंत्रिमंडल विस्तार से पहले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के अन्य शीर्ष नेताओं से मुलाकात की। इसके अलावा उन्होंने एनडीए के सहयोगी दलों के नेताओं राजीव रंजन सिंह, जीतन राम मांझी और चिराग पासवान से भी बातचीत की। इन बैठकों में मंत्रिमंडल के स्वरूप और शक्ति संतुलन को लेकर चर्चा हुई।
मंत्रिमंडल में 33 पद खाली
दरअसल, 15 अप्रैल को नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री पद संभाला था। उस समय जदयू कोटे से दो वरिष्ठ नेताओं विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादवको मंत्री बनाया गया था। फिलहाल मंत्रिमंडल में 33 पद खाली हैं, जिन्हें अब भरा जाना है। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि भविष्य की राजनीतिक रणनीति को ध्यान में रखते हुए दो-तीन पद खाली भी रखे जा सकते हैं। इस बीच, मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलों के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को नीतीश कुमार से उनके आवास पर मुलाकात की। दिल्ली से लौटते ही यह मुलाकात हुई, जिससे यह संकेत मिला कि शीर्ष नेतृत्व से मिले निर्देशों पर अंतिम सहमति बनाई जा रही है।
माना जा रहा है कि दोनों नेताओं के बीच सीटों के बंटवारे और संभावित मंत्रियों के नामों पर चर्चा हुई। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 50-50 का यह फॉर्मूला एनडीए गठबंधन में संतुलन बनाए रखने की रणनीति का हिस्सा है। इससे भाजपा और जदयू के बीच तालमेल बेहतर होगा और सरकार को स्थिरता मिलेगी। अब सबकी नजर 7 मई के शपथ ग्रहण समारोह पर टिकी है, जहां यह साफ हो जाएगा कि बिहार की नई सरकार में किन चेहरों को जगह मिलती है।


