BJP को समर्थन देते ही फंसे ये दो निर्दलीय MLC…सदस्यता पर मंडराया खतरा! बंशीधर पलटे

Bihar MLC Row: बिहार में निर्दलीय एमएलसी बंशीधर ब्रजवासी और राहुल राज के भाजपा को समर्थन देने से सियासी घमासान मच गया है। भाजपा सदस्यता और विधान परिषद की सदस्यता पर उठे सवालों के बीच जानिए पूरा विवाद।

Aditya Kumar Verma
Published on: 1 Nov 2026 4:00 PM IST
Bihar MLC Row
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Bihar MLC Row: बिहार विधान परिषद चुनाव में निर्दलीय जीतकर एमएलसी बने बंशीधर ब्रजवासी और राहुल राज शनिवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) के समर्थन में खड़े नजर आए। दोनों के भाजपा की सदस्यता लेने का दावा भी सामने आया, लेकिन बाद में भाजपा ने साफ किया कि दोनों ने पार्टी की सदस्यता नहीं ली है, बल्कि सिर्फ सरकार को समर्थन देने की घोषणा की है। इसी के बाद बिहार की राजनीति में इस पूरे मामले को लेकर सियासी घमासान शुरू हो गया है।

राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी (Jan Suraaj Party) ने निर्दलीय निर्वाचित विधान पार्षदों के भाजपा में शामिल होने को असंवैधानिक और गैरकानूनी बताया है। अगर दोनों के भाजपा में शामिल होने की पुष्टि होती है, तो उनकी विधान परिषद सदस्यता (MLC Membership) पर संकट खड़ा हो सकता है।

हालांकि, विवाद बढ़ने के बाद बंशीधर ब्रजवासी ने अपना बयान बदल दिया। उन्होंने कहा कि उन्होंने भाजपा की सदस्यता नहीं ली है और सिर्फ सरकार को समर्थन दिया है। उनका कहना है कि अगर सरकार शिक्षकों की समस्याओं का समाधान नहीं करती है तो वह उसके खिलाफ आवाज उठाएंगे। वहीं राहुल राज की ओर से इस पूरे विवाद पर फिलहाल कोई नया बयान सामने नहीं आया है।

BJP कार्यालय पहुंचे दोनों निर्दलीय MLC

जानकारी के मुताबिक, बंशीधर ब्रजवासी और राहुल राज शनिवार शाम पटना स्थित प्रदेश भाजपा कार्यालय पहुंचे थे। दावा किया गया कि दोनों ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी (Samrat Choudhary) की अध्यक्षता में हुई भाजपा विधान मंडल दल की बैठक में भी हिस्सा लिया।

इसके बाद भाजपा कार्यालय से दोनों की तस्वीरें भी सामने आईं। तस्वीर में दोनों कथित तौर पर हाथ में पार्टी की सदस्यता पर्ची लिए और गले में भगवा-हरा दुपट्टा डाले नजर आए। इसी तस्वीर के बाद यह चर्चा तेज हो गई कि दोनों निर्दलीय एमएलसी भाजपा में शामिल हो गए हैं।

पहले भाजपा ने कहा- सदस्यता ली, फिर बदला बयान

इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा कंफ्यूजन भाजपा की ओर से आए अलग-अलग बयानों को लेकर है। प्रदेश भाजपा की ओर से पहले कहा गया कि बंशीधर ब्रजवासी और राहुल राज औपचारिक रूप से भाजपा में शामिल हो गए हैं।

हालांकि, बाद में भाजपा ने बयान जारी कर कहा कि दोनों ने पार्टी की सदस्यता नहीं ली है। भाजपा के मुताबिक, दोनों ने सिर्फ सरकार को समर्थन देने की घोषणा की है। इसके बाद दोनों नेताओं के भाजपा में औपचारिक रूप से शामिल होने को लेकर सवाल खड़े हो गए।

बंशीधर भी बयान देकर पलटे

तिरहुत स्नातक सीट (Tirhut Graduates Constituency) से दूसरी बार निर्दलीय एमएलसी चुने गए बंशीधर ब्रजवासी ने शनिवार शाम भाजपा कार्यालय से निकलने के बाद मीडिया से बात की थी। उस वक्त उन्होंने कहा कि सरकार ने शिक्षकों की समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया है।

बंशीधर के मुताबिक, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने उन्हें बुलाकर शिक्षकों की समस्याओं को लेकर भरोसा दिया। इसी वजह से उन्होंने भाजपा की सदस्यता लेने की बात कही।

लेकिन कुछ देर बाद बंशीधर ने फेसबुक लाइव (Facebook Live) आकर अपने ही बयान से अलग बात कही। उन्होंने कहा कि भाजपा की सदस्यता लेने जैसी कोई बात नहीं है और वह भाजपा में नहीं गए हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने सिर्फ सरकार को समर्थन दिया है।

बंशीधर ने यह भी स्पष्ट किया कि अगर सरकार शिक्षकों के मुद्दों का समाधान नहीं करती है तो वह सरकार का विरोध करेंगे।

राहुल राज ने कहा था- भाजपा की सदस्यता ले ली

सारण शिक्षक सीट (Saran Teachers Constituency) से निर्दलीय एमएलसी बने राहुल राज ने भी भाजपा कार्यालय से निकलने के बाद मीडिया से बातचीत की थी। उस समय शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी (Mithilesh Tiwari) भी उनके साथ मौजूद थे।

राहुल राज ने कहा था कि उन्होंने भाजपा की सदस्यता ले ली है। उन्होंने बताया कि वह करीब 15 साल तक भाजपा में काम कर चुके हैं और इसी विचारधारा से जुड़े रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा मंत्री ने शिक्षकों की लंबित मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया है।

जब उनसे पूछा गया कि निर्दलीय चुनाव जीतने के बाद किसी राजनीतिक दल में शामिल होने से उनकी विधान परिषद सदस्यता पर संकट आ सकता है, तो राहुल राज ने कहा कि चुनाव जीतने के 15 दिनों के अंदर पार्टी जॉइन करने पर सदस्य पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि इस बारे में पार्टी फैसला करेगी।

हालांकि, बाद में भाजपा ने जब दोनों के पार्टी की सदस्यता लेने से इनकार किया, तो राहुल राज की ओर से इस विवाद पर फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

जन सुराज ने कहा- सदस्यता जाना तय

प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी से जुड़े वरिष्ठ वकील कुमार अमित ने पूरे मामले पर संविधान और कानून का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि सारण शिक्षक और तिरहुत स्नातक क्षेत्र के मतदाताओं ने राहुल राज और बंशीधर ब्रजवासी को निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुना था।

उनका दावा है कि चुनाव परिणाम आने के कुछ ही दिनों बाद और विधान परिषद की शपथ लेने से पहले दोनों भाजपा में शामिल हो गए। कुमार अमित ने संविधान की 10वीं अनुसूची के पैरा 2(2) और अनुच्छेद 191(2) का हवाला देते हुए कहा कि निर्दलीय निर्वाचित सदस्य चुनाव के बाद किसी राजनीतिक दल में शामिल होता है तो वह सदन की सदस्यता के लिए अयोग्य हो जाता है।

उन्होंने कहा कि इस नियम में कोई अपवाद नहीं है। कुमार अमित ने दावा किया कि अगर बंशीधर और राहुल ने भाजपा की सदस्यता ली है तो उनकी विधान परिषद सदस्यता जाना लगभग तय है।

जन सुराज पार्टी की ओर से इस मामले में विधान परिषद के सभापति से शिकायत करने की बात कही गई है। कुमार अमित के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार सभापति को इस मामले पर निष्पक्ष फैसला करना होगा।

उन्होंने यह भी कहा कि अगर दोनों की सदस्यता रद्द होती है तो उनके पास हाईकोर्ट में अपील करने का विकल्प रहेगा। वहीं अगर सदस्यता रद्द नहीं की जाती है तो जन सुराज पार्टी अदालत का दरवाजा खटखटा सकती है।

आरजेडी ने भी भाजपा पर साधा निशाना

बिहार के मुख्य विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल ने भी इस मामले को लेकर भाजपा पर निशाना साधा है। आरजेडी प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव (Shakti Singh Yadav) ने कहा कि किसी निर्वाचित निर्दलीय सदस्य का इस तरह किसी राजनीतिक दल में शामिल होना पूरी तरह असंवैधानिक और गैरकानूनी है।

उन्होंने भाजपा पर संविधान और लोकतंत्र का मजाक उड़ाने का आरोप लगाया है। इस बयान के बाद मामला और ज्यादा राजनीतिक हो गया है।

जेडीयू उम्मीदवारों को हराकर बने थे MLC

बंशीधर ब्रजवासी और राहुल राज की जीत इसलिए भी चर्चा में रही थी क्योंकि दोनों ने हालिया विधान परिषद चुनाव में जनता दल यूनाइटेड (JDU) के उम्मीदवारों को हराकर जीत हासिल की थी।

तिरहुत स्नातक सीट से बंशीधर ब्रजवासी ने जेडीयू के अभिषेक झा (Abhishek Jha) को हराया था। वहीं सारण शिक्षक सीट से राहुल राज ने जेडीयू उम्मीदवार आनंद पुष्कर (Anand Pushkar) को शिकस्त दी थी।

बंशीधर ब्रजवासी दूसरी बार निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव जीतकर विधान परिषद पहुंचे हैं। वहीं राहुल राज पहले भाजपा के प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य रह चुके हैं। निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ने के बाद उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था।

अब भाजपा कार्यालय में दोनों की मौजूदगी, सदस्यता को लेकर सामने आए अलग-अलग दावे और निर्दलीय एमएलसी के दल बदलने से जुड़े संवैधानिक प्रावधानों ने बिहार की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। बंशीधर जहां अब भाजपा में जाने से इनकार करते हुए सिर्फ सरकार को समर्थन देने की बात कह रहे हैं, वहीं राहुल राज की स्थिति पर भाजपा के बयान के बाद तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं हुई है।

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Aditya Kumar Verma

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आदित्य कुमार वर्मा उत्तर प्रदेश के पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। उन्होंने भारतीय राजनीति, अपराध, स्वास्थ्य और मानवीय सरोकारों से जुड़ी खबरों की व्यापक रिपोर्टिंग की है। उनके पास मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री है और वे रिपोर्टर, एंकर तथा सब-एडिटर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं। साथ ही वो उत्तर प्रदेश की राजनीति, शासन-प्रशासन और नौकरशाही व्यवस्था की गहरी समझ रखते हैं। पत्रकारिता के अलावा उन्हें पुस्तकों का अध्ययन, लेखन, कविता-लेखन और पाठ और यात्राएं करना विशेष रूप से पसंद है। विभिन्न संस्कृतियों और समाजों को करीब से जानने-समझने की उनकी रुचि ने उनके दृष्टिकोण को व्यापक बनाया है, जिसका सकारात्मक प्रभाव उनकी लेखन शैली और रिपोर्टिंग में भी देखने को मिलता है।

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