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8 सीटें, 10 हजार नौकरियां और PK की एंट्री! बिहार MLC चुनाव में NDA-महागठबंधन का बिगड़ा गणित
Bihar MLC Election Jan Suraaj Candidate: बिहार MLC चुनाव की 8 सीटों पर मुकाबला दिलचस्प हो गया है। प्रशांत किशोर की जन सुराज ने सभी सीटों पर उतरने का ऐलान किया है और जीतने पर हर क्षेत्र में 10 हजार स्थानीय युवाओं को नौकरी देने का वादा किया है। NDA और महागठबंधन के अंदर भी खींचतान के बीच चुनावी समीकरण बदलते दिख रहे हैं।
Bihar MLC Election Jan Suraaj Candidate: बिहार की सियासत में एक बार फिर बड़ा भूचाल आ गया है। राज्य की विधान परिषद (MLC) की 8 सीटों पर होने वाले आगामी चुनावों को लेकर राजनीतिक गलियारों में अचानक सरगर्मी तेज हो गई है। चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए होने वाले इस चुनाव में सभी पारंपरिक राजनीतिक दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक रखी है। लेकिन इस बार का मुकाबला बेहद दिलचस्प और त्रिकोणीय होने जा रहा है, क्योंकि चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर की पार्टी 'जन सुराज' ने सभी आठों सीटों पर उम्मीदवार उतारने का ऐलान कर दिया है। इस धमाकेदार एंट्री के साथ ही पीके ने एक ऐसा बड़ा कार्ड खेला है जिसने एनडीए और महागठबंधन दोनों के पसीने छुड़ा दिए हैं।
प्रशांत किशोर ने 5 प्रत्याशियों का किया ऐलान
जन सुराज के सूत्रधार और बांकीपुर विधायक प्रशांत किशोर ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पहली सूची में 5 सीटों पर अपने मजबूत उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर दी। पार्टी ने पटना शिक्षक सीट से डॉ. दिव्या ज्योति, सारण शिक्षक से अफाक अहमद, कोसी स्नातक से रजनीश रंजन, दरभंगा शिक्षक से सुरेश राय (एसपी राय) और दरभंगा स्नातक सीट से रवींद्र कुमार यादव को मैदान में उतारा है। बचे हुए तीन प्रत्याशियों के नाम अगले चार दिनों में जारी कर दिए जाएंगे। प्रत्याशियों के नाम के ऐलान के साथ ही प्रशांत किशोर ने एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि जिस भी विधान परिषद क्षेत्र से जन सुराज का उम्मीदवार जीतेगा, वहां के 10,000 पढ़े-लिखे स्थानीय युवाओं को पार्टी पक्की नौकरी देने का काम करेगी। पीके के इस मास्टरस्ट्रोक ने बिहार के बेरोजगार युवाओं और शिक्षकों के बीच हलचल बढ़ा दी है।
NDA में बगावत के सुर
इस चुनाव से ठीक पहले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के कुनबे में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। पटना स्नातक सीट से जनता दल (यूनाइटेड) के दिग्गज नेता नीरज कुमार लगातार तीन बार से चुनाव जीतते आ रहे हैं और इस बार भी वही एनडीए का चेहरा हैं। लेकिन मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह ने अपनी ही पार्टी के खिलाफ बगावत का बिगुल फूंक दिया है। अनंत सिंह ने निर्दलीय उम्मीदवार अनुज सिंह को अपना खुला समर्थन दे दिया है। इस बगावत के बाद जेडीयू के भीतर तीखी बयानबाजी और खींचतान शुरू हो चुकी है, जिससे नीरज कुमार के पारंपरिक वोट बैंक में बड़ी सेंधमारी की आशंका पैदा हो गई है।
महागठबंधन में भी भारी खटपट
दूसरी तरफ, विपक्षी महागठबंधन के खेमे में भी आल-इज-नॉट-वेल वाली स्थिति बनी हुई है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने बिना सहयोगियों से चर्चा किए अपने उम्मीदवारों के नामों का एकतरफा ऐलान कर दिया है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक राजद के इस मनमाने रवैये और जल्दबाजी में प्रत्याशियों के चयन से कांग्रेस पार्टी बेहद नाखुश बताई जा रही है। महागठबंधन के अंदरूनी मतभेद अब खुलकर सतह पर आने लगे हैं, जिसका सीधा फायदा अन्य विरोधी प्रत्याशियों को मिलने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है।
8 सीटों पर कड़ा मुकाबला
विधान परिषद की इन 8 सीटों पर मुकाबला बेहद कांटे का होने वाला है। स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की बात करें तो पटना से नीरज कुमार (जेडीयू), दरभंगा से सर्वेश कुमार (निर्दलीय), कोसी से एनके यादव (भाजपा) और तिरहुत से बंशीधर व्रजवासी (निर्दलीय) मैदान में रहे हैं। वहीं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में पटना से प्रो. नवल किशोर यादव (भाजपा), दरभंगा से डॉ. मदन मोहन झा (कांग्रेस), सारण से आफाक अहमद (निर्दलीय) और तिरहुत से संजय कुमार सिंह (भाकपा) की साख दांव पर लगी है। पारंपरिक रूप से इन सीटों पर बीजेपी, जेडीयू और वामदलों का वर्चस्व रहा है, लेकिन अब जन सुराज के मैदान में कूदने से पूरा चुनावी समीकरण बदल गया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि पीके का नौकरी वाला दांव उन्हें बिहार विधान परिषद की चौखट तक पहुंचा पाता है या नहीं।


