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बिहार MLC रिजल्ट: अनंत सिंह के दांव पर सबकी नजर, तिरहुत में BJP की जीत, काउंटिंग सेंटर पर हंगामा
Bihar MLC Election Result 2026: पटना स्नातक सीट पर नीरज कुमार आगे, अनंत सिंह समर्थित अनुज सिंह पर नजरें। तिरहुत शिक्षक सीट पर BJP की जीत और मतगणना केंद्र पर हंगामे का ताजा अपडेट।
Bihar MLC Election Results 2026: बिहार विधान परिषद की आठ सीटों के नतीजों ने राज्य की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। पटना स्नातक सीट पर जेडीयू के नीरज कुमार और जन सुराज के अनुज सिंह के बीच मुकाबले पर सबकी निगाहें हैं। अनुज सिंह के समर्थन में खुलकर उतरे मोकामा के विधायक अनंत सिंह को जेडीयू पहले ही छह साल के लिए निष्कासित कर चुकी है। ऐसे में यह चुनाव सिर्फ एमएलसी की कुर्सी का नहीं, बल्कि जेडीयू के भीतर अनुशासन, स्थानीय राजनीतिक प्रभाव और पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार को चुनौती देने की लड़ाई के रूप में भी देखा जा रहा है।
दूसरी ओर, मतगणना के दौरान पटना के बांकीपुर स्थित केंद्र के बाहर हंगामे और कांग्रेस प्रत्याशी की ओर से अनियमितताओं के आरोपों ने चुनावी सरगर्मी बढ़ा दी है। तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से बीजेपी उम्मीदवार नरेंद्र प्रसाद सिंह की जीत की खबर भी सामने आई है। हालांकि, सभी आठ सीटों के अंतिम आधिकारिक परिणामों की पुष्टि जरूरी है।
पटना स्नातक सीट: नीरज कुमार की बढ़त, अनुज सिंह पर नजरें
पटना स्नातक एमएलसी सीट पर जेडीयू उम्मीदवार नीरज कुमार बढ़त बनाए हुए हैं। मतगणना के दौरान सामने आए एक अपडेट के मुताबिक, नीरज कुमार को करीब 2,708 वोट मिले थे, जबकि आरजेडी के दिलीप पटेल को 1,811 और जन सुराज के अनुज सिंह को 671 वोट मिले थे। दूसरे मीडिया अपडेट में नीरज कुमार की अनुज सिंह पर करीब 1,200 वोटों की बढ़त बताई गई।
मतगणना के अलग-अलग चरणों में आंकड़े बदल सकते हैं। इसलिए इन संख्याओं को अंतिम परिणाम नहीं माना जाना चाहिए। चुनाव अधिकारियों की आधिकारिक घोषणा ही जीत-हार की अंतिम स्थिति स्पष्ट करेगी।
अनंत सिंह ने अपनी ही पार्टी के उम्मीदवार को दी थी चुनौती
पटना स्नातक सीट का मुकाबला तब राजनीतिक टकराव का केंद्र बन गया, जब मोकामा के विधायक अनंत सिंह ने जेडीयू के आधिकारिक उम्मीदवार नीरज कुमार के बजाय जन सुराज प्रत्याशी डॉ. अनुज सिंह का समर्थन किया।
अनंत सिंह के इस कदम को पार्टी लाइन से अलग रुख के तौर पर देखा गया। इसके बाद जेडीयू ने 24 अक्टूबर को अनंत सिंह और उनकी पत्नी नीलम देवी को कथित पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में छह साल के लिए निष्कासित कर दिया।
अब अनुज सिंह का प्रदर्शन इस पूरे विवाद के राजनीतिक असर को समझने के लिए अहम है। नीरज कुमार की बढ़त बरकरार रहती है तो जेडीयू के आधिकारिक उम्मीदवार को चुनौती देने के बावजूद अनंत सिंह अपने समर्थित प्रत्याशी को जीत दिला पाए या नहीं, यह सवाल चर्चा में रहेगा। दूसरी ओर, अंतिम परिणाम में उलटफेर होने पर इस घटनाक्रम की राजनीतिक व्याख्या और तेज हो सकती है।
तिरहुत शिक्षक सीट पर बीजेपी की जीत
बिहार एमएलसी चुनाव के बीच बीजेपी के लिए तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से अच्छी खबर आई है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, बीजेपी उम्मीदवार नरेंद्र प्रसाद सिंह ने इस सीट पर जीत दर्ज की।
मतगणना के दौरान सामने आए एक शुरुआती अपडेट में नरेंद्र प्रसाद सिंह दूसरे दौर के बाद 1,872 वोटों के साथ आगे बताए गए थे, जबकि सीपीआई उम्मीदवार संजय सिंह को 1,713 वोट मिले थे। बाद में नरेंद्र प्रसाद सिंह की जीत की खबर सामने आई।
यह परिणाम शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में बीजेपी के लिए महत्वपूर्ण है। हालांकि, अन्य सीटों पर मुकाबले की तस्वीर अलग-अलग उम्मीदवारों के प्रदर्शन और मतगणना के अंतिम आंकड़ों से ही स्पष्ट होगी।
पटना में मतगणना केंद्र के बाहर हंगामा, कांग्रेस ने उठाए सवाल
पटना के बांकीपुर मतगणना केंद्र के बाहर उस समय हंगामे की स्थिति बन गई, जब एक सरकारी कर्मचारी फाइलों का बंडल लेकर केंद्र के भीतर जा रहा था। मौके पर मौजूद कुछ राजनीतिक कार्यकर्ताओं और अन्य लोगों ने कर्मचारी को घेरकर सवाल पूछे। इसके बाद पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।
इसी बीच पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से कांग्रेस उम्मीदवार संजय यादव ने मतगणना प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाया। उन्होंने मतगणना हॉल में सीसीटीवी कैमरों की मौजूदगी को लेकर भी सवाल उठाए।
ये आरोप कांग्रेस उम्मीदवार की ओर से लगाए गए हैं। इन्हें चुनावी गड़बड़ी का प्रमाण मानने से पहले संबंधित अधिकारियों का पक्ष और उपलब्ध साक्ष्य सामने आना जरूरी है। मतगणना की पारदर्शिता को लेकर उठे सवालों पर प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण होगी।
आठ सीटें, 150 उम्मीदवार और बीजेपी-जेडीयू की रणनीति
बिहार विधान परिषद की चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में कुल 150 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। इनमें स्नातक सीटों पर 90 और शिक्षक सीटों पर 60 प्रत्याशी शामिल हैं।
स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में पटना, दरभंगा, तिरहुत और कोसी शामिल हैं। शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में पटना, दरभंगा, तिरहुत और सारण सीटों पर चुनाव हुआ है।
बीजेपी ने चार सीटों पर और उसकी सहयोगी जेडीयू ने बाकी चार सीटों पर उम्मीदवार उतारे। प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने सभी आठ सीटों पर प्रत्याशी उतारकर मुकाबले को बहुकोणीय बनाया। वहीं, कई सीटों पर आरजेडी और कांग्रेस के उम्मीदवार अलग-अलग मैदान में हैं।
शिक्षक सीटों पर ज्यादा मतदान, स्नातक सीटों पर कम भागीदारी
23 अक्टूबर को हुए मतदान में शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में 82.85 प्रतिशत और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में 53.42 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। स्नातक सीटों पर 4,92,594 मतदाता थे, जबकि शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में 40,253 मतदाता पंजीकृत थे।
आठों सीटों पर मौजूदा एमएलसी का कार्यकाल 16 नवंबर को समाप्त होना है। ऐसे में मतगणना के नतीजे परिषद में दलों की स्थिति और स्थानीय राजनीतिक समीकरणों के लिए महत्वपूर्ण हैं।
क्या नीरज कुमार की बढ़त अंतिम नतीजे में बदलेगी?
फिलहाल पटना स्नातक सीट सबसे ज्यादा चर्चा में है। एक तरफ जेडीयू के नीरज कुमार की बढ़त है, दूसरी तरफ अनंत सिंह के समर्थन से मैदान में उतरे जन सुराज उम्मीदवार अनुज सिंह की प्रतिष्ठा जुड़ी है। तिरहुत शिक्षक सीट पर बीजेपी की जीत की खबर के बीच अन्य सीटों के नतीजों का इंतजार है।
अंतिम तस्वीर आधिकारिक परिणाम आने के बाद ही साफ होगी। तब पता चलेगा कि आठ सीटों में किस दल और उम्मीदवार को कितनी सफलता मिली और पटना स्नातक सीट पर अनंत सिंह की राजनीतिक चुनौती का चुनावी परिणाम क्या रहा।


