Bihar MLC Election Result: मोकामा वाले अनंत सिंह ने मानी हार? बोले- बधाई नहीं दूंगा…

Bihar MLC Election Result: बिहार MLC चुनाव में बड़ा उलटफेर हुआ है। पटना स्नातक सीट पर जदयू के नीरज कुमार ने जीत का दावा किया, जबकि अनंत सिंह ने अपनी हार मान ली। चार सीटों के नतीजे भी सामने आए।

Aditya Kumar Verma
Published on: 28 Oct 2026 9:22 AM IST
Bihar MLC Election Result 2026
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Bihar MLC Election Result: बिहार में विधान परिषद की 8 सीटों पर हुए एमएलसी चुनाव के नतीजों के बीच सबसे ज्यादा चर्चा पटना स्नातक निर्वाचन सीट को लेकर हो रही है। इस सीट का आधिकारिक नतीजा अभी घोषित नहीं हुआ है, लेकिन जनता दल यूनाइटेड यानी जदयू (JDU) के प्रत्याशी नीरज कुमार ने अपनी जीत का दावा कर दिया है। उनके समर्थकों ने उन्हें माला पहनाकर जीत की बधाई भी दी है। वहीं, चुनाव से पहले जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी के लिए वोट मांगने वाले अनंत सिंह ने भी अपनी हार स्वीकार कर ली है।

अनंत सिंह बोले- हां, हम हार गए

पटना स्नातक सीट के नतीजे का आधिकारिक ऐलान अभी बाकी है, लेकिन अनंत सिंह के बयान ने चुनावी तस्वीर काफी हद तक साफ कर दी है। मीडिया से बातचीत में अनंत सिंह ने कहा कि हां, हम हार गए हैं। उन्होंने इसकी वजह बताते हुए कहा कि चुनाव में वही लोग वोट देते हैं, जो अपना वोटर बनाते हैं। उनके मुताबिक उन्हें वोटर बनाने का पर्याप्त समय नहीं मिल पाया और इसी वजह से उन्हें हार का सामना करना पड़ा।

अनंत सिंह ने यह भी साफ कर दिया कि वह नीरज कुमार को जीत की बधाई नहीं देंगे। हालांकि, उन्होंने बार-बार यह जरूर कहा कि उन्हें पार्टी से कोई नाराजगी नहीं है। उनकी नाराजगी सिर्फ नीरज कुमार से है।

नाराजगी की वजह से अनुज सिंह को किया सपोर्ट

अनंत सिंह ने अपनी नाराजगी की वजह भी बताई। उन्होंने कहा कि नीरज कुमार दुलारचंद यादव केस को दिल्ली ले गए थे। इसी वजह से उन्हें वहां जाना पड़ा और वह चुनाव में ज्यादा समय नहीं दे सके। अनंत सिंह के मुताबिक इसी कारण वह पर्याप्त संख्या में वोटर नहीं बना सके।

उन्होंने कहा कि उनकी नीरज कुमार से नाराजगी थी और इसी वजह से उन्होंने अनुज सिंह को समर्थन दिया था। अनंत सिंह ने कहा कि उन्हें वोट बनाने के लिए समय कम मिला, इसलिए वह चुनाव हार गए।

'बिहार की जनता हमको प्यार करती है'

हार स्वीकार करने के बावजूद अनंत सिंह ने कहा कि बिहार की जनता उन्हें प्यार करती है। उन्होंने कहा कि जनता मालिक है और भगवान है। उनके मुताबिक हार-जीत चुनाव का हिस्सा है और वह पार्टी का सम्मान करते हैं और आगे भी करते रहेंगे।

अनंत सिंह ने कहा कि उन्हें समय ही नहीं मिला। उन्होंने दोहराया कि वोटर बनाने के लिए कम समय मिलने की वजह से उन्हें नुकसान हुआ। मीडिया से बातचीत के दौरान वह लगातार इस बात पर जोर देते रहे कि उनकी नाराजगी पार्टी से नहीं, बल्कि नीरज कुमार से है।

पटना शिक्षक सीट पर करीब 30 साल बाद RJD की वापसी

बिहार विधान परिषद की 8 सीटों पर हुए चुनाव (Bihar MLC Election) में अब तक 4 सीटों के नतीजे सामने आ चुके हैं। इनमें सबसे बड़ा उलटफेर पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र (Patna Teacher Constituency) में देखने को मिला है।

देर रात पटना शिक्षक सीट से भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी और मौजूदा एमएलसी नवल किशोर यादव के हारने की सूचना सामने आई। इस सीट पर राष्ट्रीय जनता दल यानी राजद (RJD) के प्रत्याशी डॉ. संजीव कुमार सिंह ने जीत दर्ज की है।

करीब 30 साल बाद राजद ने बीजेपी के कब्जे वाली इस सीट पर जीत हासिल की है। नतीजे ने बिहार की विधान परिषद चुनावी तस्वीर में बड़ा बदलाव किया है।

चार सीटों पर चार अलग-अलग दलों का प्रदर्शन

बिहार में अब तक घोषित 4 सीटों के नतीजों में भारतीय जनता पार्टी, जन सुराज पार्टी, राजद और निर्दलीय प्रत्याशी ने एक-एक सीट पर जीत दर्ज की है।

दरभंगा शिक्षक सीट (Darbhanga Teacher Constituency) पर जन सुराज पार्टी के सुरेश राय ने कांग्रेस के मौजूदा एमएलसी मदन मोहन झा को 324 वोटों से हरा दिया। इस नतीजे ने भी चुनाव में बड़ा उलटफेर किया है।

वहीं, सारण शिक्षक सीट (Saran Teacher Constituency) पर बीजेपी के बागी और निर्दलीय प्रत्याशी राहुल राज ने जीत दर्ज की। राहुल राज ने 1815 वोटों के अंतर से चुनाव जीता।

तिरहुत शिक्षक क्षेत्र (Tirhut Teacher Constituency) से बीजेपी प्रत्याशी नरेंद्र प्रसाद सिंह यानी एनपी सिंह ने जीत दर्ज की है। इस सीट पर सीपीआई के प्रत्याशी और मौजूदा एमएलसी संजय सिंह तीसरे नंबर पर चले गए।

पटना स्नातक सीट बनी सबसे बड़ी हॉट सीट

बिहार की 8 एमएलसी सीटों में पटना स्नातक निर्वाचन सीट को सबसे ज्यादा चर्चित सीट माना जा रहा था। इस सीट पर मुकाबला काफी दिलचस्प बना हुआ है। हालांकि आधिकारिक नतीजा अभी घोषित नहीं हुआ है, लेकिन जदयू प्रत्याशी नीरज कुमार ने अपनी बढ़त को जीत में बदलने का भरोसा जताया है।

नीरज कुमार को उनके समर्थकों ने माला पहनाकर जीत की बधाई दी। इसके बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि पटना स्नातक निर्वाचन सीट (Patna Graduate MLC Election) को हॉट सीट माना जा रहा था। उन्होंने बताया कि प्रथम वरीयता में वह करीब 2200 वोट से आगे थे।

नीरज कुमार ने कहा कि उन्हें भरोसा है कि चुनाव आयोग की तय पद्धति के तहत अगर द्वितीय वरीयता के वोटों की भी गिनती होती है तो वह आगे ही रहेंगे। उन्होंने कहा कि यह उनका चौथा चुनाव था और स्वाभाविक रूप से इस चुनाव में उनके सामने कई सारी चुनौतियां थीं।

नीतीश के आशीर्वाद और सम्राट-निशांत की जोड़ी का जिक्र

नीरज कुमार ने अपनी बढ़त के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं की मेहनत और नेताओं के समर्थन को भी अहम बताया। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं की मेहनत, नीतीश कुमार के आशीर्वाद और सम्राट तथा निशांत की जोड़ी ने नई व्यू रचना को तोड़ दिया है।

नीरज कुमार ने इसके लिए सम्राट और निशांत को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि वह गरीब परिवार में जरूर पैदा हुए हैं और उनके पास धनबल और बाहुबल नहीं है, लेकिन उनके पास जितना कार्यकर्ता बल है, उतना किसी और के पास नहीं है।

पटना स्नातक सीट पर आधिकारिक परिणाम आने से पहले ही नीरज कुमार के समर्थकों का जश्न और अनंत सिंह की हार स्वीकार करने वाली बात ने मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है। अब सभी की नजर चुनाव आयोग की ओर से होने वाली आधिकारिक घोषणा पर है।

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आदित्य कुमार वर्मा उत्तर प्रदेश के पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। उन्होंने भारतीय राजनीति, अपराध, स्वास्थ्य और मानवीय सरोकारों से जुड़ी खबरों की व्यापक रिपोर्टिंग की है। उनके पास मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री है और वे रिपोर्टर, एंकर तथा सब-एडिटर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं। साथ ही वो उत्तर प्रदेश की राजनीति, शासन-प्रशासन और नौकरशाही व्यवस्था की गहरी समझ रखते हैं। पत्रकारिता के अलावा उन्हें पुस्तकों का अध्ययन, लेखन, कविता-लेखन और पाठ और यात्राएं करना विशेष रूप से पसंद है। विभिन्न संस्कृतियों और समाजों को करीब से जानने-समझने की उनकी रुचि ने उनके दृष्टिकोण को व्यापक बनाया है, जिसका सकारात्मक प्रभाव उनकी लेखन शैली और रिपोर्टिंग में भी देखने को मिलता है।

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