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‘हम ओकरा जनबो नै करते हैं…’, अनुज को लेकर अनंत सिंह का बड़ा खुलासा, नीरज से नाराजगी में हो गया खेला!
Bihar MLC Election Result: बिहार MLC चुनाव में अनंत सिंह ने बड़ा खुलासा किया। बोले- अनुज सिंह को पहचानता तक नहीं, नीरज कुमार से नाराजगी के कारण उनके खिलाफ प्रचार किया और अनुज के लिए वोट मांगे।
Image Source- Social Media
Bihar MLC Election Result: बिहार एमएलसी चुनाव से पहले पटना स्नातक निर्वाचन सीट (Patna Graduate Constituency) पर जन सुराज के जिस प्रत्याशी अनुज सिंह (Anuj Singh) के लिए मोकामा विधायक अनंत सिंह (Anant Singh) सड़कों पर प्रचार करते और वोट मांगते नजर आए थे, अब अनंत सिंह ने बड़ा बयान दिया है। अनंत सिंह ने कहा है कि वह अनुज सिंह को जानते तक नहीं हैं। उन्होंने साफ कहा कि उनकी लड़ाई सिर्फ जनता दल यूनाइटेड (Janata Dal United) के प्रत्याशी नीरज कुमार (Neeraj Kumar) से थी और इसी नाराजगी में उन्होंने अनुज सिंह के लिए वोट मांगे थे।
इस सीट पर नीरज कुमार ने अपनी जीत का दावा किया है। उनके समर्थकों ने भी उन्हें जीत की बधाई देनी शुरू कर दी है। खास बात यह रही कि नतीजे घोषित होने से पहले ही अनंत सिंह ने अपनी हार स्वीकार कर ली और कहा कि हां, हम हार गए हैं।
जनता मालिक है, जिसको वोट दिया वो जीता
पत्रकारों से बातचीत में जब अनंत सिंह से चुनाव और वोटों को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि इसमें लगने की बात कहां है और तीसरा, चौथा की बात कहां है। उन्होंने साफ कहा, "हम हार गए हैं।"
अनंत सिंह ने कहा कि वोट कोई दुकान से खरीदकर नहीं लाया गया था। जनता ही मालिक है और जिसको जनता ने वोट दिया, वह जीत गया और जिसको वोट नहीं दिया गया, वह हार गया। उन्होंने कहा कि पार्टी ही मालिक है और जो करेगी, पार्टी ही करेगी।
नीरज कुमार की जीत के सवाल पर अनंत सिंह ने कहा कि नीरज कुमार जीत गए और हम हार गए। उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि पार्टी से उन्हें कभी नाराजगी नहीं रही। हालांकि नीरज कुमार को बधाई देने के सवाल पर अनंत सिंह ने कहा कि वह उन्हें बधाई नहीं देंगे। अगर नीरज कुमार का फोन आता है तो उसके बाद देखा जाएगा।
नीरज से नाराजगी में अनुज के लिए मांगे वोट
अनंत सिंह ने बताया कि उन्हें कुछ वोट कम मिले। उनके मुताबिक नीरज कुमार ने पहले से अपना वोट तैयार कर रखा था, जबकि उनके प्रत्याशी ने उतना वोट नहीं बनाया था। अनंत सिंह ने कहा कि नीरज कुमार जब दुलारचंद वाला केस (Dularchand Case) दिल्ली ले गए, तब उनकी नीरज कुमार से भिड़ंत हुई।
अनंत सिंह के मुताबिक इस वजह से उन्हें प्रचार और वोट बनाने के लिए समय ही नहीं मिल पाया। उन्होंने कहा कि उनके कैंडिडेट ने वोट कम बनाया था और जनता ने जितना दिया, वह काफी है। उन्होंने फिर कहा कि वह वोट दुकान से खरीदकर नहीं लाए थे। जनता मालिक है, जनता भगवान है और जनता ही रहेगी।
अनंत सिंह ने कहा कि चुनाव में हार-जीत होती रहती है। उनके मुताबिक अगर वह दुकान से वोट खरीदकर लाते, तब कोई सवाल होता, लेकिन वोट जनता का था और जनता ने जिसे जितना दिया, उतना ही मिला।
बोले- नीरज ने मेरा केस दिल्ली पहुंचाया
अनंत सिंह ने कहा कि उन्होंने पार्टी के बारे में कुछ नहीं बोला है। उनके मुताबिक नीरज कुमार ने उनके बारे में काफी कुछ कहा, लेकिन उन्होंने नीरज कुमार के खिलाफ कुछ नहीं कहा। उन्होंने फिर दोहराया कि वह चुनाव हार गए हैं और उनके पास समय भी कम था।
अनंत सिंह ने बताया कि उन्हें पता चला कि नीरज कुमार उनका केस दिल्ली लेकर गए हैं। उन्होंने कहा कि नीरज कुमार की बेटी वकील हैं और जब उन्हें इस बारे में पता चला तो उनसे जो बन सका, उन्होंने किया।
अनंत सिंह ने कहा कि उन्हें अपनी हार को लेकर कोई निराशा नहीं है। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता उन्हें प्यार करती है। उनके मुताबिक चुनाव में वही लोग वोट पाते हैं जिन्होंने पहले से वोट बनाया होता है। नीरज कुमार ने अपना वोट बनाया था और दिलीप ने भी अपना वोट बनाया था, लेकिन उन्होंने खुद वोट नहीं बनाया था।
अनंत सिंह ने कहा कि वह सिर्फ इस बात से चिढ़े हुए थे कि उनका केस दिल्ली ले जाया गया और इसी नाराजगी में वह चुनाव में उतर गए। उन्होंने साफ कहा कि उन्होंने नाराजगी में यह सब किया। उनका अपना बेटा या भतीजा चुनाव में खड़ा नहीं था कि वह किसी लालच में जाकर प्रचार करते।
अनुज सिंह को पहचानते तक नहीं
अनंत सिंह ने बार-बार यह बात दोहराई कि उनकी पार्टी से कोई नाराजगी नहीं है। नीतीश कुमार (Nitish Kumar) को लेकर भी उन्होंने कहा कि अगर वह अच्छे रहते तो उनके साथ ऐसा कोई काम नहीं करता। साथ ही उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार जब तक जिंदा रहेंगे, तब तक वह उनसे मिलते रहेंगे।
जब अनंत सिंह से पूछा गया कि क्या वह दोबारा पार्टी में आने की इच्छा रखते हैं, तो उन्होंने कहा कि उन्होंने पार्टी के खिलाफ कभी कुछ बोला ही नहीं है। उन्होंने यह भी साफ किया कि उन्हें पार्टी से निकाले जाने का कोई दर्द नहीं है और पार्टी में वापस आने की कोई चाहत भी नहीं है।
अनंत सिंह ने कहा कि पार्टी उन्हें वापस लेगी या नहीं, यह पार्टी का फैसला है। उन्होंने कहा कि उन्होंने अभी आगे के बारे में कुछ नहीं सोचा है।
नीरज को बधाई क्यों नहीं देंगे?
अनंत सिंह ने आखिर में फिर साफ किया कि नीरज कुमार से उनकी नाराजगी ही इस पूरे घटनाक्रम की वजह थी। उन्होंने कहा कि नीरज कुमार जब उनका केस दिल्ली ले गए, तब वह नीरज कुमार से भिड़ गए। वहीं अनुज सिंह को लेकर उन्होंने कहा कि वह उन्हें पहचानते तक नहीं हैं।
अनंत सिंह के मुताबिक उन्होंने अनुज सिंह के लिए इसलिए प्रचार किया क्योंकि उनकी नीरज कुमार से नाराजगी थी। ऐसे में अब नीरज कुमार की जीत पर उन्हें बधाई देने के सवाल पर अनंत सिंह ने साफ कहा कि वह उन्हें बधाई नहीं देंगे। उनका कहना है कि जब पूरा मामला ही नीरज कुमार से नाराजगी की वजह से शुरू हुआ था तो वह उन्हें बधाई कैसे दे सकते हैं।


