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Nashamukt Bihar Abhiyaan: बिहार में नशामुक्ति अभियान शुरू, गांव-घर तक पहुंचेगा जागरूकता संदेश
Nashamukt Bihar Abhiyaan: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 26 नवंबर तक चलने वाले अभियान का शुभारंभ किया। युवाओं को नशे से बचाने और अवैध कारोबार पर कार्रवाई के निर्देश दिए।
बिहार में नशामुक्ति अभियान शुरू, गांव-घर तक पहुंचेगा जागरूकता संदेश (Photo- Newstrack)
Nashamukt Bihar Abhiyaan: बिहार में नशे के बढ़ते प्रभाव को रोकने और युवाओं को नशे से दूर रखने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को नशामुक्त बिहार अभियान की शुरुआत की। मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग की ओर से अधिवेशन भवन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्वलित कर अभियान का शुभारंभ किया। यह अभियान 27 अक्टूबर से 26 नवंबर 2026 तक पूरे राज्य में चलाया जाएगा। इस दौरान जनभागीदारी के जरिए लोगों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया जाएगा।
व्हाट्सऐप चैटबोट और हेल्पलाइन की शुरुआत
मुख्यमंत्री ने नशामुक्ति के लिए व्हाट्सऐप चैटबोट और हेल्पलाइन की शुरुआत की। साथ ही जन-जागरूकता वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ये वाहन अगले एक महीने तक बिहार के अलग-अलग जिलों में जाकर ऑडियो-विजुअल माध्यम से लोगों को नशे से होने वाले नुकसान और नशामुक्त जीवन के फायदों के बारे में बताएंगे। कार्यक्रम में मौजूद लोगों और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े अधिकारियों व नागरिकों को नशीले पदार्थों का सेवन नहीं करने, दूसरों को जागरूक करने और इनके अवैध कारोबार को रोकने में सहयोग देने की शपथ भी दिलाई गई।
युवाओं को नशे से बचाना जरूरी
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि नशामुक्त, स्वस्थ और उज्ज्वल बिहार बनाने के लिए इस अभियान को गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचाना होगा। उन्होंने कहा कि नशे की लत के कारण प्रतिभाशाली विद्यार्थी भी अपना भविष्य खराब कर लेते हैं। इसलिए युवाओं को अभियान से जोड़ना और उन्हें नशे से दूर रखना बेहद जरूरी है।
उन्होंने शहरी क्षेत्रों में व्यापक प्रचार करने और ग्रामीण इलाकों में नुक्कड़ नाटक, चौपाल तथा पंचायत स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए। इस काम में जीविका की लगभग 1.81 करोड़ दीदियों, छात्र-छात्राओं, ब्रह्माकुमारीज और सामाजिक संगठनों की भागीदारी पर भी जोर दिया गया।
सूखे नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2016 में तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जनहित को प्राथमिकता देते हुए शराबबंदी लागू की थी। अब शराबबंदी को प्रभावी बनाए रखने के साथ दूसरे नशीले पदार्थों के खिलाफ भी सख्त कदम उठाने की जरूरत है।
उन्होंने बताया कि बिहार में वर्ष 2024 में 282 किलोग्राम चरस जब्त की गई थी, जबकि वर्ष 2025 में यह मात्रा बढ़कर 400 किलोग्राम हो गई। इसी तरह हेरोइन की जब्ती 2024 में 42 किलोग्राम से बढ़कर 2025 में 65 किलोग्राम हो गई। वर्ष 2025 में 77 किलोग्राम अफीम भी जब्त की गई। मुख्यमंत्री ने पुलिस और मद्य निषेध विभाग को तस्करी तथा अवैध कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने और आधुनिक तकनीक की मदद से अपराधियों के नेटवर्क को तोड़ने का निर्देश दिया।
केंद्र सरकार के लक्ष्य के अनुरूप अभियान
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मार्गदर्शन व प्रेरणा के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा कि देश को नशामुक्त बनाने के लक्ष्य की दिशा में बिहार का यह अभियान महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, मंत्री मदन सहनी, संजय सिंह टाइगर और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों, विद्यार्थियों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों से अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।


