‘एक भी सही मतदाता दिखा दो...', SIR पर सम्राट चौधरी ने राहुल गांधी-विपक्ष को घेरा

Bihar SIR Row: बिहार में SIR को लेकर विपक्ष के आरोपों पर सीएम सम्राट चौधरी ने जवाब दिया। उन्होंने कहा कि सत्यापन के दौरान 60 लाख से ज्यादा नाम हटे और विपक्ष अब तक एक भी सही मतदाता नहीं दिखा पाया, जिसका नाम गलत तरीके से कटा हो।

Aditya Kumar Verma
Published on: 27 Sept 2026 3:03 PM IST
Bihar SIR Row | Samrat Choudhary
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Bihar SIR Row: बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर (SIR) को लेकर सियासी बहस लगातार जारी है। विपक्ष की ओर से एसआईआर की प्रक्रिया और मतदाता सूची से नाम हटाए जाने को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। अब बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विपक्ष के आरोपों पर जवाब दिया है।

सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार में एसआईआर की प्रक्रिया वर्ष 2025 में पूरी की गई थी। उनके मुताबिक, 24 जून 2025 से शुरू हुई यह प्रक्रिया 25 जुलाई 2025 तक चली। इस दौरान बूथ लेवल ऑफिसर यानी बीएलओ (BLO) ने घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन किया। इसके बाद लोगों को अपने दावे और आपत्तियां दर्ज कराने का मौका दिया गया।

7 करोड़ 42 लाख मतदाताओं की हुई पहचान

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के मुताबिक, एसआईआर के दौरान करीब 7 करोड़ 42 लाख मतदाताओं की पहचान की गई। जांच के दौरान बड़ी संख्या में ऐसे नाम सामने आए, जिनके बारे में सत्यापन में अलग-अलग जानकारी मिली।

उन्होंने बताया कि करीब 36 लाख मतदाता दूसरे स्थान पर स्थानांतरित हो चुके थे। करीब 22 लाख मतदाता मृत पाए गए, जबकि लगभग 7 लाख लोगों के नाम दो जगह दर्ज थे। मुख्यमंत्री के अनुसार, सत्यापन के बाद ऐसे नामों को मतदाता सूची से हटा दिया गया। सम्राट चौधरी ने यह भी कहा कि 60 लाख से अधिक ऐसे लोगों के नाम हटाए गए, जो सत्यापन के आधार पर सही मतदाता नहीं पाए गए।

'विपक्ष एक भी सही मतदाता सामने नहीं ला पाया'

एसआईआर (SIR) को लेकर विपक्ष के आरोपों पर सम्राट चौधरी ने सीधा सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष लगातार यह दावा कर रहा है कि सही मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए, लेकिन अब तक पूरे विपक्ष ने एक भी ऐसे व्यक्ति को सामने नहीं किया है, जो सही मतदाता हो और जिसका नाम गलत तरीके से काट दिया गया हो।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों को दावे और आपत्तियां दर्ज कराने का पूरा अवसर दिया गया था। उनके मुताबिक, अगर किसी सही मतदाता का नाम गलत तरीके से हटाया गया था तो वह अपनी आपत्ति दर्ज करा सकता था।

राहुल गांधी के डिनर का भी किया जिक्र

सम्राट चौधरी ने एसआईआर को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ओर से उठाए गए सवालों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने राघोपुर के कुछ लोगों को दिल्ली बुलाकर डिनर कराया और उनके जरिए सरकार के सामने अपनी बातें रखीं।

मुख्यमंत्री का दावा है कि प्रशासन की ओर से संबंधित लोगों का पूरा विवरण सामने रखा गया। इसके बावजूद किसी व्यक्ति ने यह आपत्ति नहीं जताई कि वह सही मतदाता है और उसका नाम गलत तरीके से मतदाता सूची से काट दिया गया है। सम्राट चौधरी ने इसी आधार पर विपक्ष के उन आरोपों पर सवाल उठाया, जिनमें एसआईआर के कारण सही मतदाताओं के नाम हटने की बात कही जा रही है।

'2003 में राबड़ी देवी के समय भी हुआ था SIR'

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया पहली बार नहीं हुई है। उन्होंने वर्ष 2003 का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय बिहार की मुख्यमंत्री राबड़ी देवी थीं और तब भी एसआईआर हुआ था।

सम्राट चौधरी के मुताबिक, वर्ष 2025 में जब नीतीश कुमार मुख्यमंत्री थे, तब भी बिहार में एसआईआर की प्रक्रिया हुई। उन्होंने विपक्ष से सवाल किया कि अगर उस समय एसआईआर को लेकर कोई समस्या नहीं थी तो अब इस प्रक्रिया पर आपत्ति क्यों जताई जा रही है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि निर्वाचन आयोग ने एसआईआर को लेकर लगाए गए आरोपों का संयुक्त रूप से खंडन किया है।

'आंदोलन करना है तो मुद्दों के साथ करें'

सम्राट चौधरी ने विपक्ष के आंदोलन को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि विपक्ष को आंदोलन करना है तो वह आंदोलन करे, लेकिन ठोस मुद्दों के साथ करे। मुख्यमंत्री ने कहा कि एसआईआर के दौरान सत्यापन की प्रक्रिया हुई और लोगों को दावे तथा आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर भी दिया गया। ऐसे में विपक्ष को यह बताना चाहिए कि आखिर किस सही मतदाता का नाम गलत तरीके से हटाया गया है।

कांग्रेस पर भी बरसे सम्राट चौधरी

एसआईआर के मुद्दे पर विपक्ष को जवाब देने के साथ ही सम्राट चौधरी ने कांग्रेस पर भी हमला बोला। उन्होंने कांग्रेस को परिवार की पार्टी बताया और कहा कि दादा से लेकर पोता तक पार्टी का नेतृत्व संभालते रहे हैं। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि गांधी परिवार ने लंबे समय तक देश पर शासन किया और आज देश की जो स्थिति है, उसके लिए कांग्रेस जिम्मेदार है।

उन्होंने कहा कि अगर भारत गरीब है तो इसकी वजह कांग्रेस है और अगर देश आर्थिक रूप से कमजोर रहा तो इसके लिए राहुल गांधी के परिवार को जिम्मेदार माना जाना चाहिए। सम्राट चौधरी ने कहा कि करीब 60 साल तक गांधी परिवार ने देश पर शासन किया है, इसलिए कांग्रेस को मौजूदा परिस्थितियों पर सवाल उठाने का अधिकार नहीं है।

'बूथ कैपचरिंग का दौर खत्म हो चुका है'

सम्राट चौधरी ने चुनावी व्यवस्था को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि अब बूथ कैपचरिंग का दौर खत्म हो चुका है। उनके मुताबिक, लोकतंत्र में जनता ही मालिक है। एनडीए (NDA) के चुनावी प्रदर्शन का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एनडीए मिलकर चुनाव लड़ती है और इसलिए जीतती है। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष चाहे देश के हों या प्रदेश के, उन्हें जनता के मुद्दों के साथ सामने आना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने विपक्ष से एक बार फिर अपील की कि वह आंदोलन करे, लेकिन ठोस मुद्दों के साथ करे। एसआईआर को लेकर उनका मुख्य सवाल यही रहा कि अगर सही मतदाताओं के नाम गलत तरीके से हटाए गए हैं तो विपक्ष ऐसे किसी व्यक्ति को सामने क्यों नहीं ला पा रहा है।

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आदित्य कुमार वर्मा उत्तर प्रदेश के पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। उन्होंने भारतीय राजनीति, अपराध, स्वास्थ्य और मानवीय सरोकारों से जुड़ी खबरों की व्यापक रिपोर्टिंग की है। उनके पास मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री है और वे रिपोर्टर, एंकर तथा सब-एडिटर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं। साथ ही वो उत्तर प्रदेश की राजनीति, शासन-प्रशासन और नौकरशाही व्यवस्था की गहरी समझ रखते हैं। पत्रकारिता के अलावा उन्हें पुस्तकों का अध्ययन, लेखन, कविता-लेखन और पाठ और यात्राएं करना विशेष रूप से पसंद है। विभिन्न संस्कृतियों और समाजों को करीब से जानने-समझने की उनकी रुचि ने उनके दृष्टिकोण को व्यापक बनाया है, जिसका सकारात्मक प्रभाव उनकी लेखन शैली और रिपोर्टिंग में भी देखने को मिलता है।

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