बिहार के मदरसे में समोसा-मिठाई खाने के बाद 4 छात्राएं बीमार, 10 साल की बच्ची की मौत

बिहार के सुपौल में मदरसे में समोसा और मिठाई खाने के बाद चार छात्राओं की तबीयत बिगड़ गई। इलाज के दौरान 10 वर्षीय छात्रा अल्फिशा की मौत हो गई। पुलिस-प्रशासन जांच में जुटा है।

Alakha Singh
Published on: 8 Sept 2026 11:11 PM IST
बिहार के मदरसे में समोसा-मिठाई खाने के बाद 4 छात्राएं बीमार, 10 साल की बच्ची की मौत
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Supaul Madrasa News: बिहार के सुपौल जिले में एक निजी मदरसे में चार छात्राओं की अचानक तबीयत बिगड़ने और इलाज के दौरान एक 10 वर्षीय बच्ची की मौत से हड़कंप मच गया है। घटना सदर थाना क्षेत्र के बसबिट्टी वार्ड नंबर-19 स्थित जामिअतुस सालिहात एजुकेशनल ट्रस्ट के तहत संचालित मदरसे की है। शुरुआती जांच में फूड पॉइजनिंग की आशंका जताई जा रही है, लेकिन पुलिस और प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मौत की वास्तविक वजह मेडिकल जांच और विस्तृत जांच के बाद ही सामने आएगी।

मां से मिलने के बाद बिगड़ी छात्राओं की तबीयत

मदरसा प्रबंधन के मुताबिक, सोमवार को 10 वर्षीय छात्रा अल्फिशा की मां अपनी बेटी से मिलने मदरसे पहुंची थीं। वह बच्ची के लिए समोसा और मिठाई लेकर आई थीं। इसके बाद अल्फिशा समेत चार छात्राओं की तबीयत अचानक खराब हो गई।

बीमार छात्राओं की पहचान अल्फिशा, आफिया, सहाना खातून और हलीमा सादिया के रूप में हुई है। तबीयत बिगड़ने के बाद सभी को तत्काल निजी अस्पताल/क्लीनिक ले जाया गया। इलाज के दौरान अल्फिशा की हालत गंभीर हो गई और उसकी मौत हो गई।

10 साल की अल्फिशा की मौत

मृत छात्रा की पहचान नेमुआ निवासी कमरे आलम की 10 वर्षीय बेटी अल्फिशा के रूप में हुई है। रिपोर्टों के अनुसार, वह करीब डेढ़ से दो साल से मदरसे में रहकर पढ़ाई कर रही थी।

अल्फिशा की मौत की खबर सामने आते ही मदरसा परिसर में अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और परिसर का निरीक्षण किया। पुलिस ने मदरसा संचालक खलील रहमान, शिक्षकों और अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ की।

मदरसे में 60-65 छात्राएं रहकर करती हैं पढ़ाई

मदरसा प्रबंधन के अनुसार, संस्था पिछले करीब दो वर्षों से संचालित हो रही है और परिसर में लगभग 60 से 65 छात्राएं आवासीय रूप से रहकर पढ़ाई करती हैं।

घटना के बाद प्रशासन ने सिर्फ छात्राओं की तबीयत बिगड़ने के कारणों की ही जांच शुरू नहीं की है, बल्कि मदरसे की आवासीय व्यवस्था भी जांच के दायरे में आ गई है।

सुपौल डीएम सावन कुमार के निर्देश पर जिला शिक्षा कार्यालय की टीम ने मदरसे का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने संस्था से जुड़े दस्तावेज, उपलब्ध सुविधाओं और छात्राओं के रहने की व्यवस्था की जानकारी जुटाई है। यह भी देखा जा रहा है कि छात्राओं को आवासीय रूप से रखने के लिए संस्था के पास जरूरी अनुमति थी या नहीं और निर्धारित नियमों का पालन किया जा रहा था या नहीं।

फूड पॉइजनिंग की आशंका, लेकिन अभी पुष्टि नहीं

पुलिस की शुरुआती जांच में मामला फूड पॉइजनिंग से जुड़ा होने की आशंका जताई गई है। हालांकि, अधिकारियों ने इसे अभी अंतिम कारण नहीं माना है।

सदर एसडीएम मनोहर कुमार साह के मुताबिक, सूचना मिलने के बाद वह एसडीपीओ और थाना प्रभारी के साथ मदरसे पहुंचे। एक छात्रा की मौत हुई है, जबकि अन्य छात्राओं के इलाज की जानकारी मिली है। प्रशासन उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

पुलिस का कहना है कि डॉक्टरों से मिली जानकारी और मेडिकल जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि छात्राओं की तबीयत अचानक क्यों बिगड़ी।

सुपौल एसपी ने भी किया मौके का दौरा

घटना की गंभीरता को देखते हुए सुपौल एसपी शरथ आरएस भी मदरसे पहुंचे। उन्होंने पुलिस अधिकारियों और संबंधित लोगों से घटना की जानकारी ली।

एसपी के मुताबिक, पुलिस को एक बच्ची की मौत और अन्य छात्राओं के अस्पताल में भर्ती होने की सूचना मिली थी। पुलिस डॉक्टरों से संपर्क में है और सभी संभावित पहलुओं की जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

पोस्टमार्टम कराने से परिजनों ने किया इनकार

मृत छात्रा अल्फिशा के परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया है। ऐसे में छात्रा की मौत की चिकित्सकीय वजह को लेकर स्थिति अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। पुलिस और प्रशासन उपलब्ध मेडिकल जानकारी तथा जांच के आधार पर मामले की तह तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं।

क्या है अब तक की स्थिति?

मदरसे में करीब 60-65 छात्राएं रहकर पढ़ाई करती हैं।

चार छात्राओं की तबीयत अचानक बिगड़ी।

10 वर्षीय अल्फिशा की इलाज के दौरान मौत हो गई।

तीन अन्य छात्राओं का इलाज कराया जा रहा है।

समोसा और मिठाई खाने के बाद तबीयत बिगड़ने की बात सामने आई है।

पुलिस ने फिलहाल फूड पॉइजनिंग की आशंका जताई है, पुष्टि नहीं।

डीएम के निर्देश पर शिक्षा विभाग ने मदरसे की आवासीय व्यवस्था और दस्तावेजों की जांच शुरू की है।

एसपी और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया है।

मृतका के परिजनों ने पोस्टमार्टम से इनकार किया है।


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alakhsingh2025@hotmail.com

Alakha Singh is a journalist with having more than one decade of experience in digital media. Alakha Singh has covered Loksabha Elections 2014 and 2019 closely with the several state assembly elections. He has expertise in SEO oriented content writing on various topics and issues. At HT Digital Alakha Singh has been recognised as one of the top performer of the team for many years continuously. Earlier he worked with HT Digital for more than 8 years and 2.5 years with Amar Ujala web. In initial days of his career Alakha Singh also worked as a reporter (stringer) with NBT Gurgaon. He pursued P.G. Diploma from South Campus, University of Delhi in 2013 and MAMC from Kurukshetra University in 2014. He Belongs to District Banda of Uttar Pradesh.

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