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Bihar Tourism: बिहार में पर्यटन क्रांति की तैयारी, विष्णुपद और महाबोधि कॉरिडोर को मिलेगी रफ्तार
Bihar Tourism: बिहार सरकार ने गया, राजगीर, नालंदा और पावापुरी समेत प्रमुख धार्मिक और ऐतिहासिक पर्यटन स्थलों के विकास को तेज करने का फैसला किया है। नई परियोजनाओं के जरिए राज्य को वैश्विक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी की जा रही है।
Bihar Tourism: बिहार सरकार राज्य के प्रमुख धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पर्यटन स्थलों के विकास को लेकर तेजी से काम कर रही है। सरकार का लक्ष्य बिहार के प्रसिद्ध पर्यटन केंद्रों को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाना है। इसी दिशा में पर्यटन विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की प्रगति पर चर्चा की गई।
प्रमुख परियोजनाओं की हुई समीक्षा
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में गया, राजगीर, नालंदा और पावापुरी जैसे महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों के विकास कार्यों की समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी योजनाओं को तय समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए, ताकि पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
गया में कॉरिडोर परियोजनाओं पर विशेष ध्यान
बैठक में गया स्थित विष्णुपद मंदिर और महाबोधि मंदिर से जुड़ी कॉरिडोर परियोजनाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। सरकार चाहती है कि इन दोनों धार्मिक स्थलों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जाए, जिससे देश और विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव मिल सके। महाबोधि मंदिर बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण स्थल है, जबकि विष्णुपद मंदिर हिंदू श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है।
राजगीर को वैश्विक पर्यटन केंद्र बनाने की तैयारी
राजगीर में पर्यटन सुविधाओं के विस्तार और विकास पर भी विशेष जोर दिया गया। सरकार की योजना है कि राजगीर को आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक दृष्टि से विश्वस्तरीय पहचान दिलाई जाए। इसके लिए सड़क, आवास, परिवहन और अन्य बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में काम तेज किया जाएगा।
नालंदा की ऐतिहासिक विरासत को मिलेगा बढ़ावा
बैठक में नालंदा की ऐतिहासिक और अंतरराष्ट्रीय पहचान को और मजबूत बनाने पर भी चर्चा हुई। सरकार का उद्देश्य नालंदा को ज्ञान और संस्कृति के वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित करना है। इसके लिए यहां की ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण और प्रचार-प्रसार पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
पावापुरी मंदिर परिसर के विकास की बनेगी योजना
जैन धर्म के प्रमुख तीर्थस्थल पावापुरी के विकास के लिए भी विशेष योजना तैयार की जाएगी। सरकार का मानना है कि यहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है, इसलिए मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुविधाओं का विस्तार जरूरी है।
ग्रामीण पर्यटन को भी मिलेगा बढ़ावा
समीक्षा बैठक में ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया। सरकार चाहती है कि गांवों की संस्कृति, परंपराओं और स्थानीय कला को पर्यटन से जोड़ा जाए। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और स्थानीय लोगों की आय में भी बढ़ोतरी होगी।
पर्यटन निवेश बढ़ाने पर सरकार का फोकस
बिहार सरकार राज्य में पर्यटन क्षेत्र में निवेश बढ़ाने के लिए भी प्रयास कर रही है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि निजी निवेशकों को आकर्षित करने और पर्यटन से जुड़ी नई परियोजनाओं को बढ़ावा देने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। सरकार का मानना है कि इन योजनाओं के पूरा होने के बाद बिहार का पर्यटन क्षेत्र नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगा और राज्य की अर्थव्यवस्था को भी इसका लाभ मिलेगा।


