कहां से आया BJP के पास ₹10,000 करोड़? कांग्रेस ने खोला 3,260 पार्टियों का पूरा कच्चा चिट्ठा, JPC जांच की मांग

BJP 10000 Crore Scam Expose: कांग्रेस ने 3,260 गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के जरिए करीब ₹10,000 करोड़ के कथित टैक्स और मनी लॉन्ड्रिंग घोटाले का आरोप लगाया है। पार्टी ने JPC जांच की मांग की है।

Harsh Srivastava
Published on: 20 Sept 2026 12:40 PM IST
कहां से आया BJP के पास ₹10,000 करोड़? कांग्रेस ने खोला 3,260 पार्टियों का पूरा कच्चा चिट्ठा, JPC जांच की मांग
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BJP 10000 Crore Scam Expose: मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने केंद्र की सत्तारूढ़ मोदी सरकार और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के खिलाफ एक बहुत बड़ा राजनीतिक हमला बोला है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि देश में फर्जी और गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के जरिए करीब 10,000 करोड़ रुपये का विशाल आयकर घोटाला और ब्लैक मनी लॉन्ड्रिंग (काले धन को सफेद करने का खेल) चल रहा है। कांग्रेस नेताओं का दावा है कि इस पूरे फर्जीवाड़े को बीजेपी का सीधा राजनीतिक संरक्षण मिला हुआ है। इस बहुचर्चित मामले की निष्पक्ष जांच के लिए कांग्रेस ने संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के गठन की पुरजोर मांग उठाई है।

कांग्रेस ने खड़े किए गंभीर सवाल

कांग्रेस सांसद शक्तिसिंह गोहिल और पार्टी के संचार महासचिव जयराम रमेश ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि देश में लगभग 3,260 पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल (RUPPs) सक्रिय हैं, जो असल में बीजेपी की 'C-टीम' और फर्जी संस्थाओं की तरह काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अमीर लोग और कंपनियां आयकर कानून की धारा 80GGB और 80GGC के तहत इन फर्जी दलों को चंदा देकर अपनी कर देनदारी शून्य (जीरो) कर लेते हैं और फिर साठगांठ से वह पैसा वापस ले लिया जाता है। जयराम रमेश ने तीखा सवाल उठाया कि जब 2024 के चुनाव से पहले कांग्रेस के बैंक खाते फ्रीज कर दिए गए थे, तो 10,000 करोड़ के इस चंदा घोटाले में शामिल फर्जी दलों पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई? उन्होंने पूछा कि इन 3,260 फर्जी पार्टियों के पीछे असली 'चाणक्य' और मास्टरमाइंड कौन है?

कांग्रेस नेता शक्तिसिंह गोहिल का बड़ा खुलासा

कांग्रेस नेता शक्तिसिंह गोहिल ने बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि वर्ष 2025 में एक गैर-सरकारी संगठन (NGO) की रिपोर्ट में इस भारी टैक्स चोरी का खुलासा हुआ था। इसके बाद आयकर विभाग के अधिकारियों ने इन फर्जी दलों और चार्टर्ड एकाउंटेंट्स (CA) पर कार्रवाई की सिफारिश भी की थी, लेकिन 'ऊपर' (सरकार के शीर्ष नेतृत्व) से कोई आदेश न आने के कारण मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। कांग्रेस ने मांग की है कि इस फर्जीवाड़े में शामिल दोषी कंपनियों पर 200% की भारी पेनल्टी लगाई जाए, दोषियों को 7 साल की जेल की सजा दी जाए, मदद करने वाले CAs के लाइसेंस रद्द कर आपराधिक मुकदमे दर्ज किए जाएं और फर्जी दलों से जुड़े लोगों की सूची सार्वजनिक की जाए।

ADR के आंकड़ों ने बढ़ाई चिंता

इस पूरे राजनीतिक घमासान पर अभी तक भारतीय जनता पार्टी और चुनाव आयोग की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। दूसरी तरफ, एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) के आंकड़े बताते हैं कि चुनाव आयोग में पंजीकृत कुल दलों में से 97% गैर-मान्यता प्राप्त (RUPP) हैं—जिनकी संख्या 2010 में 1,112 थी और 2021 तक बढ़कर 2,858 हो गई। एडीआर की 2025 की रिपोर्ट के अनुसार, इनमें से केवल 26% दलों के वित्तीय दस्तावेज ही सार्वजनिक थे। अब बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जो पार्टियां कभी चुनाव ही नहीं लड़तीं, वे सालों से अरबों रुपये का टैक्स-फ्री चंदा कैसे जुटा रही थीं और नियामक एजेंसियां इस पर आंखें क्यों मूंदे रहीं?

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Harsh Srivastava

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Harsh Srivastava is a journalist currently working as Desk In-Charge at NewsTrack, Lucknow. He began his journalism career in 2023 and has previously worked with Hindustan, Times Internet and India News. He holds a Master’s degree in Journalism and Mass Communication (MJMC). His key areas of interest include politics, elections and crime, with a wider focus on governance, public policy and current affairs. He writes research-driven and SEO-focused digital stories, combining journalistic depth with an understanding of digital audiences. Harsh has covered the 2026 West Bengal Assembly Election, several state elections and bypolls, and extensively followed the Delhi CJP protest and its developments. His work includes news reports, explainers, features and analytical stories. Originally from Varanasi, Harsh has worked across Varanasi, Delhi and Lucknow, with experience spanning reporting, digital journalism, content writing and editorial operations.

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