5 राज्यों में चुनावी रण, BJP की बढ़ी टेंशन! ये राज्य बिगाड़ सकते है पूरा खेल...सत्ता बचाने में जुटा आलाकमान

BJP assembly elections 2027: 2027 में 5 राज्यों के विधानसभा चुनाव BJP के लिए बड़ी परीक्षा बनने वाले हैं। UP और Uttarakhand में सत्ता बचाने, Manipur और Goa में वापसी करने और Punjab में जनाधार बढ़ाने के लिए BJP आलाकमान ने तैयारी तेज कर दी है।

Harsh Srivastava
Published on: 25 Aug 2026 7:26 AM IST (Updated on: 25 Aug 2026 7:26 AM IST)
5 राज्यों में चुनावी रण, BJP की बढ़ी टेंशन! ये राज्य बिगाड़ सकते है पूरा खेल...सत्ता बचाने में जुटा आलाकमान
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BJP Assembly Elections 2027: आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपनी चुनावी बिसात बिछाना शुरू कर दिया है। अगले वर्ष की शुरुआत में होने जा रहे 5 राज्यों के विधानसभा चुनावों में पार्टी के समक्ष 4 राज्यों में अपनी सत्ता बचाए रखने की बड़ी जिम्मेदारी है। अपनी जीत के सिलसिले को निरंतर बनाए रखने के उद्देश्य से भाजपा शीर्ष नेतृत्व ने कैडर को धरातल पर सक्रिय रहने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। पार्टी का केंद्रीय संगठन लगातार राज्यों की जमीनी हकीकत और फीडबैक की बारीकी से समीक्षा कर रहा है। यद्यपि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में भाजपा अपनी स्थिति को मणिपुर और गोवा की तुलना में अपेक्षाकृत बेहतर मान रही है, लेकिन इसके बावजूद शीर्ष नेतृत्व किसी भी प्रकार की कोई ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है। वहीं पंजाब में भी अपनी राजनीतिक साख और जनाधार को विस्तार देने के लिए जमीनी प्रयास तेज कर दिए गए हैं।

उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड में दोहरे कार्यकाल का असर

भाजपा के नए केंद्रीय संगठनात्मक ढांचे ने पूर्ण रूप से कामकाज संभाल लिया है और उत्तर प्रदेश जैसे अहम राज्य के लिए संगठन प्रभारियों की तैनाती भी कर दी गई है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, शीर्ष नेतृत्व को प्राप्त हुए आंतरिक फीडबैक में यह संकेत स्पष्ट उभरे हैं कि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में लगातार दो कार्यकाल पूरा कर चुकी भाजपा सरकारों को इस बार पिछले चुनावों की तुलना में अधिक कठिन राजनीतिक चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।

लगातार 10 वर्षों के शासन के बाद उत्पन्न होने वाला संभावित सत्ता विरोधी माहौल (एंटी-इन्कंबेंसी), विपक्षी दलों का नया गठजोड़ और स्थानीय राजनीतिक समीकरण इस बार मुकाबले को काफी रोचक बना रहे हैं। इसी कारण केंद्रीय नेतृत्व इन दोनों राज्यों में विशेष ध्यान देने और बूथ स्तर तक संगठन को और अधिक अभेद्य बनाने की व्यापक रणनीति तैयार कर रहा है। हालांकि, चुनौतियों के बावजूद आंतरिक सर्वेक्षण में तीसरी बार भी सरकार बनाने का पूरा भरोसा व्यक्त किया गया है।

मणिपुर में जातीय नाराजगी और गोवा का स्थानीय समीकरण

दूसरी ओर, पूर्वोत्तर के राज्य मणिपुर को लेकर प्राप्त हो रहे फीडबैक ने पार्टी आलाकमान की चिंताएं बढ़ा दी हैं। पिछले कुछ वर्षों के दौरान मणिपुर में उत्पन्न हुए असामान्य हालातों के चलते वहां की राजनीतिक स्थिति का सटीक और वास्तविक आकलन करना थोड़ा कठिन साबित हो रहा है। राज्य के कुछ प्रमुख जातीय समुदायों में मौजूदा स्थिति को लेकर गहरी नाराजगी देखी जा रही है। यद्यपि नेतृत्व परिवर्तन के पश्चात परिस्थितियों में काफी हद तक सुधार दर्ज किया गया है, लेकिन पार्टी नेताओं का मानना है कि पूर्वोत्तर के छोटे राज्यों में चुनावी मोड़ पर हालात काफी संवेदनशील रहते हैं, इसलिए वहां फूंक-फूंक कर कदम बढ़ाए जा रहे हैं।

वहीं, अगर बात गोवा की करें तो वहां सरकार के काम से ज्यादा नेताओं की व्यक्तिगत छवि और स्थानीय क्षेत्रीय समीकरण नतीजे तय करने में निर्णायक भूमिका निभाते हैं। गोवा और मणिपुर जैसे छोटे राज्यों में विपक्षी दल भले ही बिखरे हुए नजर आ रहे हों, लेकिन भाजपा के पारंपरिक समर्थक वर्ग का रुख पार्टी के प्रदर्शन पर सीधा असर डाल सकता है।

पंजाब में अकेले जनाधार बढ़ाने पर जोर

पंजाब को लेकर भाजपा अपने आधार को मजबूत करने की दीर्घकालिक रणनीति पर काम कर रही है। वहां नए सामाजिक समीकरणों को साधने और पार्टी के अपने वोट बैंक को बढ़ाने के लिए संगठन स्तर पर व्यापक अभियान चलाए जा रहे हैं। पांचों राज्यों के इस आगामी चुनावी महासमर में जहां एक तरफ उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड जैसे बड़े राज्यों में साख दांव पर है, वहीं मणिपुर और गोवा में पार्टी को अपने आंतरिक असंतोष को साधकर फिर से सत्ता पर काबिज होने की बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा।

Harsh Srivastava
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Harsh Srivastava

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Harsh Srivastava is a journalist currently working as Desk In-Charge at NewsTrack, Lucknow. He began his journalism career in 2023 and has previously worked with Hindustan, Times Internet and India News. He holds a Master’s degree in Journalism and Mass Communication (MJMC). His key areas of interest include politics, elections and crime, with a wider focus on governance, public policy and current affairs. He writes research-driven and SEO-focused digital stories, combining journalistic depth with an understanding of digital audiences. Harsh has covered the 2026 West Bengal Assembly Election, several state elections and bypolls, and extensively followed the Delhi CJP protest and its developments. His work includes news reports, explainers, features and analytical stories. Originally from Varanasi, Harsh has worked across Varanasi, Delhi and Lucknow, with experience spanning reporting, digital journalism, content writing and editorial operations.

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