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बिहार में शानदार जीत के बाद अब बीजेपी का पूरा जोर यूपी पर होगा
UP News : बिहार जीत के बाद यूपी में 2027 विधानसभा चुनाव में BJP का पूरा फोकस, पिछड़े और दलित वोटरों पर रणनीति पर विशेष ध्यान
r UP Assembly Election ( Image From Social Media )
UP News : बिहार चुनाव में शानदार जीत के बाद अब बीजेपी का अगला टारगेट उत्तर प्रदेश का विधानसभा चुनाव है। यूपी में 2027 की शुरुआत में विधानसभा के चुनाव होने हैं। उल्लेखनीय है कि 2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को सबसे तगड़ा झटका उत्तर प्रदेश से ही लगा था। यहां उसकी लोकसभा सीटें घटकर 33 रह गई थीं, जो कि 2019 के मुकाबले करीब-करीब आधी थीं। 2019 में बीजेपी को 62 लोकसभा सीटें मिली थीं। 2024 के लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी को 33 और कांग्रेस को 6 सीटें मिली थीं। यह उत्तर प्रदेश के ही परिणाम हैं जिसकी वजह से केंद्र में बीजेपी को नीतीश कुमार और चंद्रबाबू नायडू का सहारा लेना पड़ा है। यही वजह है कि बीजेपी को 2027 के विधानसभा के लिए यूपी में अभी से मेहनत करनी पड़ रही है। बीजेपी आलाकमान अब बिहार से सीधे यूपी पर फोकस करेगा इसमें कोई शक नहीं।
लगातार कई राज्यों के विधानसभा चुनाव जीत रही बीजेपी के लिए अखिलेश यादव के पीडीए से निपटना चुनौती
यहां यह भी उल्लेखनीय है कि लोकसभा चुनाव चुनाव के बाद देश में होने वाले विधानसभा चुनावों में बीजेपी शानदार प्रदर्शन कर रही है। बिहार के चुनाव परिणामों और उसके पहले दिल्ली, हरियाणा और महाराष्ट्र में बीजेपी की जीत से एक बात तो तय है कि अब उसकी सबसे बड़ी चुनौती यूपी में अखिलेश यादव ही हैं। उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव के पीडीए से निपटना बीजेपी के लिए अभी भी एक चुनौती है। इसके साथ ही लगातार दस साल तक सत्ता संभालने के बाद कुछ हद तक एंटी इनकम्बंसी भी स्वाभाविक है जिससे निपटने की रणनीत भी बीजेपी को बनानी ही पड़ेगी।
पिछड़े और दलित वोटरों पर रहेगा फोकस
लेकिन यहां यह भी साफ है कि यूपी के पड़ोसी राज्य बिहार में शानदार सफलता से बीजेपी के हौसले बुलंदी पर होंगे। इसका असर यूपी के आगामी विधानसभा चुनाव में निश्चित ही देखने को मिलेगा। वर्तमान बीजेपी की खास बात यह है कि वह अपने झटकों से उबरना बखूबी जानती है। यही वजह है कि 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद उत्तर प्रदेश को लेकर उसकी रणनीति बदलेगी। खासतौर से पीडीए में जो पिछड़ा वर्ग है उस पर बीजेपी लगातार काम कर रही है। यूपी में 2014 से बीजेपी की सफलता के पीछे पिछड़े और अति पिछड़े समाज का ही सबसे बड़ा रोल रहा है। 2024 में बीजेपी का यह वोट कुछ खिसका था और जिसका बड़ा खामियाजा पार्टी को भुगतना पड़ा।
अब 2027 में बीजेपी ओबीसी वोट को लेकर कोई ढिलाई नहीं बरतेगी, इसमें कोई शक नहीं है। इसके साथ ही दलित वोटरों के लेकर भी वह अति आक्रामक रहेगी। मायावती जी की बीएसपी के कमजोर होने के बाद सभी दलों की निगाह यूपी में दलित वोटों पर है। समाजवादी पार्टी तो बहुत ही आक्रामक तरीके इस पर काम कर रही है। बीएसपी के कई दिग्गज नेताओं को सपा ने अपने साथ जोड़ने में कामयाबी भी हासिल कर ली है। यही वजह है कि बीएसपी प्रमुख गाहे बगाहे अखिलेश यादव पर अपनी नाराजगी जाहिर करतीं हैं। अखिलेश यादव के पीडीए का यह डी यानि की दलित उनके लिए इस समय काफी महत्वपूर्ण है। बीजेपी भी अब दलितों को अपने साथ जोड़ने के लिए तेजी से काम करेगी।
बिहार की जीत से हौसले बुलंद हैं-
कुल मिलाकर बिहार की जीत से बीजेपी के हौसले काफी बुलंद हैं। सांस्कृतिक और सामाजिक रूप से बिहार यूपी के लोगों से काफी करीब है। खासतौर से पूर्वी यूपी से। ऐसे में अब बीजेपी 2027 में लगातार तीसरी बार उत्तर प्रदेश में सरकार बनाने के लिए पूरे जी जान से जुटगी, क्योंकि उसे पता है कि यूपी में अच्छा प्रदर्शन ही लोकसभा के 2029 के चुनाव में उसकी सफलता की कुंजी है। बाकी 2024 के लोकसभा चुनाव में यूपी में कमजोर प्रदर्शन की टीस तो बीजेपी के बड़े नेताओं के मन में है ही।


