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BJP Leader Convoy: BJP नेता सौभाग्य सिंह के काफिले में गाड़ियों का सैलाब! PM की अपील के बाद Viral हुआ वीडियो, बोले- "मुझे खबर नहीं"
BJP Leader Saubhagya Singh Convoy: PM मोदी की पेट्रोल-डीजल बचाने की अपील के बीच BJP नेता सौभाग्य सिंह ठाकुर का लंबा काफिला वायरल! भोपाल जाते समय सड़कों पर लगा जाम, सोशल मीडिया पर उठे सवाल। जानिए नेताजी ने सफाई में क्या कहा।
BJP Leader Saubhagya Singh Convoy: देश में एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वैश्विक ऊर्जा संकट और पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए लगातार देशवासियों से पेट्रोल-डीजल बचाने की अपील कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ उनकी अपनी ही पार्टी के नेता इस संदेश की हवा निकालते नजर आ रहे हैं। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक नई बहस छेड़ दी है। मामला बीजेपी नेता सौभाग्य सिंह ठाकुर (सौरभ सिंह ठाकुर) से जुड़ा है, जो जब अपनी नई जिम्मेदारी संभालने निकले, तो गाड़ियों का रेला देखकर लोग दंग रह गए। उनके पदभार ग्रहण करने की चर्चा से ज्यादा शोर अब उनके उस 'महाकाफिले' का हो रहा है जिसने सड़कों पर घंटों जाम लगा दिया।
उज्जैन से भोपाल तक गाड़ियों का 'समंदर'
सौभाग्य सिंह ठाकुर को मध्य प्रदेश पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। रविवार को जब वे अपना पदभार ग्रहण करने के लिए उज्जैन से भोपाल के लिए रवाना हुए, तो उनके साथ समर्थकों का भारी हुजूम था। चश्मदीदों के मुताबिक, दर्जनों गाड़ियों का यह काफिला कई किलोमीटर लंबा था। जैसे-जैसे काफिला हाईवे पर आगे बढ़ता गया, समर्थकों की गाड़ियां इसमें जुड़ती चली गईं। रास्ते में जगह-जगह ढोल-नगाड़ों के साथ भव्य स्वागत किया गया, जिससे हाईवे पर यातायात पूरी तरह चरमरा गया। घंटों तक आम राहगीर जाम में फंसे रहे और सोशल मीडिया पर लोगों ने वीडियो पोस्ट कर अपनी नाराजगी जाहिर की। सवाल उठा कि क्या सत्ता की धमक दिखाने के लिए आम जनता की सुविधा को ताक पर रखना जायज है?
नेताजी का 'शक्ति प्रदर्शन'
हैरानी की बात यह है कि यह वाकया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस अपील के ठीक बाद हुआ है जिसमें उन्होंने पेट्रोल और डीजल की बचत के लिए 'वर्क फ्रॉम होम' और कम से कम निजी वाहनों के इस्तेमाल की बात कही थी। पीएम ने ईंधन की बचत को देशहित से जोड़ते हुए संयम बरतने की सलाह दी थी। लेकिन मध्य प्रदेश में बीजेपी नेता का यह शक्ति प्रदर्शन प्रधानमंत्री के उस सादगीपूर्ण संदेश के बिल्कुल उलट नजर आया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आज के दौर में नेताओं के लिए लंबा काफिला उनकी राजनीतिक ताकत का पैमाना बन गया है, भले ही इसके लिए राष्ट्रीय संसाधनों (ईंधन) की बर्बादी ही क्यों न हो रही हो।
सफाई में बोले सौभाग्य सिंह
इस पूरे मामले पर जब आजतक ने सौभाग्य सिंह ठाकुर से एक्सक्लूसिव बातचीत की और उनसे पीएम मोदी की अपील का जिक्र किया, तो उनकी सफाई और भी चौंकाने वाली थी। उन्होंने कहा, "मैं एक ग्रामीण परिवेश का व्यक्ति हूं और उज्जैन के मंगरौला गांव से आता हूं। गांव में सब परिवार की तरह होते हैं। जब मैं निकला तो मेरे साथ केवल 25 गाड़ियां थीं, लेकिन रास्ते में प्यार और उत्साह के कारण लोग जुड़ते चले गए।" जब उनसे पूछा गया कि क्या यह गलती है, तो उन्होंने बेबाकी से जवाब दिया, "इसमें गलत क्या है? मुझे तो पता ही नहीं चला कि काफिला इतना बड़ा हो गया है।" हालांकि, जब उनसे बार-बार स्वागत के दौरान ट्रैफिक जाम पर सवाल हुआ, तो उन्होंने इसे टालते हुए कहा कि वे इस पर बाद में अलग से बात करेंगे।
सोशल मीडिया पर उठा सवालों का बवंडर
भले ही नेताजी इसे अपनी लोकप्रियता बता रहे हों, लेकिन सोशल मीडिया पर लोग इसे अनुशासनहीनता करार दे रहे हैं। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि गाड़ियों की लंबी कतार के कारण एंबुलेंस और जरूरी काम से जा रहे लोग भी परेशान हुए। अब विपक्ष को भी बैठे-बिठाए एक मुद्दा मिल गया है। लोग पूछ रहे हैं कि क्या प्रधानमंत्री की अपील सिर्फ आम जनता के लिए है या उनके अपने नेताओं पर भी यह लागू होती है? भोपाल में पदभार ग्रहण का यह कार्यक्रम अब पार्टी के लिए साख का सवाल बन गया है, क्योंकि एक तरफ अनुशासन की सीख है और दूसरी तरफ जमीन पर दिखता यह बेतहाशा शक्ति प्रदर्शन।


