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SIR पर विपक्ष के अभियान से BJP में हलचल, नितिन नबीन ने दिल्ली में बुलाई बड़ी बैठक
SIR विवाद के बीच BJP अध्यक्ष नितिन नबीन ने दिल्ली में वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक की। विपक्ष के आरोपों का जवाब देने और ‘लोकतंत्र बचाओ, भीड़तंत्र हटाओ’ अभियान की रणनीति पर चर्चा हुई।
नई दिल्ली: चुनावी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्ष के हमलों और विरोध प्रदर्शनों के बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी रणनीति तेज कर दी है। गुरुवार, 29 अक्टूबर को दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की अध्यक्षता में वरिष्ठ नेताओं की अहम बैठक हुई। इसमें विपक्ष के SIR विरोधी अभियान का जवाब देने, पार्टी के जनसंपर्क कार्यक्रमों की समीक्षा करने और ‘लोकतंत्र बचाओ, भीड़तंत्र हटाओ’ अभियान को आगे बढ़ाने की रणनीति पर चर्चा की गई।
बैठक में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, किरेन रिजिजू, शिवराज सिंह चौहान, भूपेंद्र यादव और अश्विनी वैष्णव समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। बैठक का मुख्य एजेंडा अभियान की अब तक की प्रगति की समीक्षा करना और मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर विपक्ष की ओर से लगाए जा रहे आरोपों के बीच जनता तक BJP का पक्ष पहुंचाने की रणनीति तैयार करना रहा।
पार्टी नेतृत्व की कोशिश है कि SIR को लेकर चल रही राजनीतिक बहस में अपने रुख को स्पष्ट किया जाए और विपक्ष के आरोपों का तथ्यों के आधार पर जवाब दिया जाए। हालांकि, बैठक में तय किए गए किसी नए कार्यक्रम या रणनीति के विस्तृत ब्योरे की आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
SIR पर विपक्ष के आरोपों का जवाब देने की तैयारी
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर विपक्ष लगातार चुनाव आयोग की भूमिका और प्रक्रिया पर सवाल उठा रहा है। विपक्षी दलों का आरोप है कि SIR के जरिए मतदाताओं के नाम काटे जाने और मताधिकार प्रभावित होने की आशंका है। वहीं, BJP इस मुद्दे पर विपक्ष के विरोध को राजनीतिक अभियान के रूप में पेश करते हुए जनता के बीच अपना पक्ष रखने में जुटी है।
इसी टकराव के बीच पार्टी की बैठक को अहम माना जा रहा है। इसमें अभियान की तैयारियों, जनसंपर्क बढ़ाने और SIR से जुड़े मुद्दों पर पार्टी की बात लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया गया। BJP की रणनीति का केंद्र विपक्ष के आरोपों का जवाब देने के साथ अपने अभियान को जमीनी स्तर पर मजबूत करना है।
चांदनी चौक से नितिन नबीन का राहुल गांधी पर हमला
इससे एक दिन पहले, बुधवार को नितिन नबीन ने दिल्ली में ‘लोकतंत्र बचाओ, भीड़तंत्र हटाओ’ यात्रा का नेतृत्व किया था। चांदनी चौक में सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को लोकतंत्र के लिए सुरक्षित बताया और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधा।
नबीन ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी संविधान की परवाह नहीं करते। उन्होंने कांग्रेस के राजनीतिक भविष्य को लेकर भी हमला बोला और कहा कि राहुल गांधी पर भरोसा करने से पार्टी का जनाधार कमजोर हो रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि कांग्रेस इसी रास्ते पर चलती रही तो उसका राजनीतिक अस्तित्व भी संकट में पड़ सकता है।
BJP अध्यक्ष ने कहा, “लोकतंत्र सुरक्षित हाथों में है। लोकतंत्र में जनता का भरोसा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी में है।” उन्होंने प्रधानमंत्री को देश के 140 करोड़ लोगों का प्रतिनिधि बताते हुए दावा किया कि उनके नेतृत्व में लोकतंत्र सुरक्षित है।
SIR पर सियासी टकराव के बीच BJP का अभियान
SIR को लेकर BJP और विपक्ष के बीच टकराव अब चुनावी प्रक्रिया से आगे बढ़कर राजनीतिक अभियान का रूप ले चुका है। विपक्ष इस प्रक्रिया की पारदर्शिता और मतदाता अधिकारों को लेकर सवाल उठा रहा है, जबकि BJP विपक्ष के विरोध को अपने अभियान के जरिए चुनौती देने की तैयारी में है।
29 अक्टूबर की बैठक इसी राजनीतिक संघर्ष की अगली कड़ी है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि पार्टी अपने अभियान को किन नए कार्यक्रमों के जरिए आगे बढ़ाती है और SIR पर विपक्ष के आरोपों के जवाब में क्या तथ्य सामने रखती है।


