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BJP ने NCPI को दिखाया बाहर का रास्ता? KMC चुनाव में अकेले उतरेगी पार्टी, शुभेंदु-सुदीप की मुलाकात से बढ़ा सस्पेंस
BJP-NCPI Rift in Bengal: बंगाल में KMC चुनाव से पहले BJP ने 209 वार्डों पर अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। NCPI से दूरी के बीच शुभेंदु अधिकारी और सुदीप बंद्योपाध्याय की मुलाकात ने सियासी हलचल बढ़ा दी है।
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BJP-NCPI Rift in Bengal: पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और उसके एनडीए (NDA) के साथी नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) के बीच दूरी बढ़ती नजर आ रही है। कोलकाता नगर निगम (KMC) चुनाव की तैयारियों के बीच भाजपा ने साफ संकेत दिया है कि वह इस चुनाव में अपने दम पर मैदान में उतरेगी। पार्टी की ओर से कहा गया है कि कोलकाता नगर निगम की सभी 209 सीटों पर भाजपा अकेले चुनाव लड़ेगी। हालांकि, इसी बीच मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की एनसीपीआई के वरिष्ठ नेता सुदीप बंदोपाध्याय से मुलाकात ने बंगाल की सियासत में नई चर्चा छेड़ दी है।
बंगाल में फिर सज रहा चुनावी मैदान
पश्चिम बंगाल में अब एक बार फिर चुनावी मैदान तैयार हो रहा है। इस बार कोलकाता नगर निगम के साथ हावड़ा नगर निगम और राज्य के पांच अन्य नगर निकायों में भी चुनाव होने हैं। इन चुनावों को इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि राज्य में सत्ता का समीकरण बदल चुका है और पहली बार भाजपा की सरकार बनी है।
दूसरी तरफ तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर भी टूट के बाद नए समीकरण बन रहे हैं। तृणमूल कांग्रेस के बागी सांसद एनसीपीआई में शामिल हो चुके हैं और केंद्र में भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए को समर्थन दे रहे हैं। ऐसे में निकाय चुनाव से पहले यह सवाल अहम हो गया है कि क्या एनसीपीआई और भाजपा स्थानीय चुनाव में भी साथ आएंगी या दोनों अलग-अलग मैदान में उतरेंगी।
भाजपा ने अकेले लड़ने का दिया संकेत
केंद्रीय मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार ने शनिवार को साफ कहा कि आगामी कोलकाता नगर निगम चुनाव में भाजपा सभी 209 वार्डों में अकेले चुनाव लड़ेगी। भाजपा की ओर से यह बयान ऐसे समय आया है, जब एनसीपीआई के साथ स्थानीय स्तर पर चुनावी समझौते की चर्चाएं चल रही थीं।
हालांकि, सुकांत मजूमदार ने एनसीपीआई के साथ भविष्य में किसी तरह की संभावना को पूरी तरह बंद नहीं किया। उन्होंने कहा कि कुछ भी असंभव नहीं है, लेकिन अभी तक किसी गठबंधन की कोई खबर नहीं है। दूसरी ओर, भाजपा के वरिष्ठ नेता राहुल सिन्हा ने भी कहा था कि एनडीए में संसदीय स्तर पर भाजपा और एनसीपीआई का गठबंधन है, लेकिन इस स्तर से नीचे कोई चुनावी समझौता नहीं है।
भाजपा की प्रदेश इकाई पहले ही संकेत दे चुकी है कि वह केएमसी चुनाव अपने दम पर लड़ेगी। पार्टी की ओर से सभी 209 वार्डों में उम्मीदवार उतारने की तैयारी की जा रही है।
TMC के पूर्व पार्षदों को टिकट की चर्चा भी थमी
इस बीच ऐसी अटकलें भी लग रही थीं कि तृणमूल कांग्रेस के कई पूर्व पार्षद भाजपा के टिकट पर कोलकाता नगर निगम चुनाव लड़ सकते हैं। हालांकि, बंगाल भाजपा अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने इन चर्चाओं को खारिज कर दिया।
उन्होंने कहा कि अभी उम्मीदवारों की सूची अंतिम रूप से तय नहीं हुई है और यह भी तय नहीं है कि कौन व्यक्ति भाजपा के उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ेगा। भाजपा की ओर से उम्मीदवारों के आवेदन भी मांगे गए हैं और पार्टी चुनाव की तारीख घोषित होने के बाद जल्द उम्मीदवारों की सूची जारी करने की तैयारी में है।
टिकट की जुगाड़ में NCPI के बागी सांसद?
बंगाल की राजनीति में एक और चर्चा चल रही है। कहा जा रहा है कि एनसीपीआई में शामिल हुए तृणमूल कांग्रेस के बागी सांसदों से जुड़े कई लोग भाजपा नेताओं के संपर्क में हैं और केएमसी चुनाव में टिकट हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, इस बारे में अभी तक किसी की ओर से आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है।
एनसीपीआई में शामिल हुए तृणमूल कांग्रेस के बागी सांसदों ने भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए को समर्थन दिया है। इसी वजह से निकाय चुनाव में दोनों दलों के बीच तालमेल की संभावना को लेकर लगातार चर्चा होती रही है। लेकिन भाजपा के ताजा बयानों से फिलहाल ऐसा संकेत मिल रहा है कि केएमसी चुनाव में पार्टी अपने चुनाव चिह्न पर ही मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है।
शुभेंदु अधिकारी की सुदीप बंदोपाध्याय से मुलाकात
भाजपा के अकेले चुनाव लड़ने के संकेतों के बीच मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की एनसीपीआई के वरिष्ठ नेता सुदीप बंदोपाध्याय से मुलाकात भी चर्चा में है। रविवार को दोनों नेताओं की मुलाकात हुई थी। हालांकि, इस मुलाकात को शिष्टाचार भेंट बताया गया।
शुभेंदु अधिकारी ने कहा था कि सुदीप बंदोपाध्याय राज्य के वरिष्ठ नेता हैं और यह पूरी तरह शिष्टाचार बैठक थी। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी जानकारी के मुताबिक सुदीप बंदोपाध्याय ने किसी भाजपा मतदाता को परेशान नहीं किया है।
अधिकारी ने यह भी बताया था कि सुदीप बंदोपाध्याय ने उन्हें पहले फोन किया था और यह पहली बार था जब वह उनसे मिलने पहुंचे। इस मुलाकात को लेकर राजनीतिक हलकों में इसलिए चर्चा तेज हुई क्योंकि एक तरफ भाजपा एनसीपीआई के साथ निकाय चुनाव में गठबंधन से दूरी का संकेत दे रही है और दूसरी तरफ दोनों दलों से जुड़े वरिष्ठ नेताओं के बीच बैठक हो रही है।
सुदीप बोले- हर तरह से मदद करेंगे
इससे पहले सुदीप बंदोपाध्याय ने कहा था कि वह हर तरह से मदद करेंगे। उन्होंने बताया था कि इस मुद्दे पर दो-तीन महीने पहले शुभेंदु अधिकारी से उनकी बातचीत हुई थी। उनके मुताबिक शुभेंदु अधिकारी ने भी माना था कि एनडीए के साझेदारों के तौर पर उनके सक्रिय सहयोग की जरूरत होगी।
यही वजह है कि अब भाजपा के अकेले चुनाव लड़ने के बयान और शुभेंदु अधिकारी की सुदीप बंदोपाध्याय से मुलाकात को बंगाल की राजनीति में अलग-अलग तरीके से देखा जा रहा है। हालांकि, भाजपा और एनसीपीआई के बीच स्थानीय निकाय चुनाव के लिए किसी औपचारिक गठबंधन की घोषणा नहीं हुई है।
NCPI ने इन नेताओं को दी बड़ी जिम्मेदारी
इसी बीच सितंबर में एनसीपीआई ने अपने पार्टी पदाधिकारियों की घोषणा की थी। इसमें तृणमूल कांग्रेस से आए कई नेताओं को बड़ी जिम्मेदारी दी गई। पूर्व क्रिकेटर और सांसद यूसुफ पठान को पार्टी का उपाध्यक्ष बनाया गया। उनके अलावा दीपक अधिकारी देव, रचना बनर्जी, जगदीश चंद्र बर्मा बसुनिया और चंद्रिमा पांजा समेत कई नेताओं को भी संगठन में अहम जिम्मेदारी दी गई।
पार्टी की वेबसाइट के अनुसार, काकोली घोष दस्तीदार को चीफ व्हिप और सुदीप बंदोपाध्याय को फ्लोर लीडर की जिम्मेदारी दी गई है। हालांकि, एनसीपीआई की नई राष्ट्रीय संगठनात्मक सूची में सुदीप बंदोपाध्याय और काकोली घोष दस्तीदार के नाम प्रमुख पदाधिकारियों में शामिल नहीं थे, जबकि कई अन्य पूर्व तृणमूल सांसदों को जिम्मेदारियां दी गई थीं।
KMC चुनाव पर अब नजर
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि एनडीए के साथ संसदीय स्तर पर खड़ी एनसीपीआई और भाजपा क्या बंगाल के स्थानीय चुनाव में भी साथ आएंगी या अलग-अलग मैदान में उतरेंगी। भाजपा ने कोलकाता के सभी 209 वार्डों में अकेले चुनाव लड़ने की तैयारी स्पष्ट कर दी है। दूसरी तरफ एनसीपीआई की ओर से भी चुनाव में भूमिका को लेकर चर्चाएं बनी हुई हैं।
ऐसे में शुभेंदु अधिकारी और सुदीप बंदोपाध्याय की मुलाकात के बाद सियासी हलचल जरूर बढ़ी है, लेकिन निकाय चुनाव में दोनों दलों के बीच किसी औपचारिक समझौते की तस्वीर अभी साफ नहीं हुई है।


