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‘छोटे भाई’ वाली राजनीति खत्म! BJP ने अकाली दल के सामने रखी बड़ी शर्त, पंजाब में बदलेगा 22 साल पुराना समीकरण
BJP-Akali Dal Alliance Formula: पंजाब में BJP और अकाली दल के संभावित गठबंधन को लेकर हरदीप सिंह पुरी ने 50-50 सीट शेयरिंग की शर्त बताई है। जानें क्या बदल सकता है 22 साल पुराना सियासी समीकरण।
BJP-Akali Dal Alliance Formula: पंजाब के सियासी गलियारों से एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने राज्य की राजनीति को लेकर अपना अब तक का सबसे सख्त और स्पष्ट रुख अख्तियार कर लिया है। केंद्रीय मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता हरदीप सिंह पुरी ने दोटूक शब्दों में ऐलान कर दिया है कि पंजाब में अब भाजपा किसी भी सूरत में 'छोटे भाई' या जूनियर पार्टनर की भूमिका नहीं निभाएगी। उन्होंने साफ कहा कि अगर भविष्य में शिरोमणि अकाली दल (SAD) और भाजपा के बीच कोई गठबंधन बनता है, तो वह केवल और केवल बराबर की सीटों के बंटवारे (50-50 फॉर्मूले) की शर्त पर ही संभव होगा।
अमृतसर में बोले हरदीप पुरी
अमृतसर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने पार्टी की भावी रणनीति से पर्दा उठाया। उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि पुराना जमाना अब बीत चुका है और भाजपा अब पुरानी शर्तों पर काम नहीं करेगी। उन्होंने याद दिलाया कि पंजाब विधानसभा की कुल 117 सीटों में से पहले भाजपा महज 22 से 23 सीटों पर चुनाव लड़ा करती थी और बाकी की सभी सीटों पर अकाली दल अपने उम्मीदवार उतारता था। हरदीप पुरी ने साफ लहजे में कहा कि अब यह 22-23 सीटों वाला पुराना फॉर्मूला किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं होगा। अगर दोनों दल दोबारा साथ आते हैं, तो सीटों का बंटवारा पूरी तरह बराबरी के आधार पर ही करना पड़ेगा।
PM मोदी से मुलाकात के बाद तेज थीं अटकलें
गौरतलब है कि कृषि कानूनों के विरोध में शिरोमणि अकाली दल ने साल 2020 में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) से अपना दशकों पुराना नाता तोड़ लिया था। हालांकि, बीते अगस्त महीने में जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल के बीच एक अहम मुलाकात हुई थी, तब से ही दोनों पुराने सहयोगियों के एक बार फिर साथ आने की चर्चाएं बेहद तेज हो गई थीं। ऐसे माहौल में हरदीप सिंह पुरी का यह बयान अकाली दल के लिए एक बड़ा और स्पष्ट राजनीतिक संदेश माना जा रहा है।
'आप' सरकार पर तीखा हमला
इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने पंजाब की मौजूदा आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार और मुख्यमंत्री भगवंत मान पर भी जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि भगवंत मान के शासनकाल में पंजाब के हालात बेहद चिंताजनक और खराब हो चुके हैं। राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है, जिससे आम जनता तो दूर, खुद पुलिस बल भी असुरक्षित महसूस कर रहा है।
नशे के खिलाफ जंग और युवाओं को रोजगार देने का बड़ा वादा
हरदीप सिंह पुरी ने पंजाब के सबसे गंभीर मुद्दे पर बात करते हुए कहा कि केंद्र सरकार राज्य से नशे के प्रकोप को जड़ से मिटाने के लिए पूरी तरह से संकल्पबद्ध है। उन्होंने कहा कि पंजाब की जवानी को बचाने और राज्य के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने का काम युद्ध स्तर पर किया जा रहा है।


