लो जी... BMC में बदल गया 'नंबर गेम'! NCP के 4 पार्षदों ने थामा शिंदे का हाथ, अब महायुति में...

Mumbai BMC Politics: मुंबई की राजनीति में बड़ा उलटफेर। चार नगरसेवकों के शिंदे गुट में शामिल होने से बीएमसी में महायुति की ताकत बढ़ी, नए सियासी समीकरण बने।

Gausiya Bano
Published on: 2 Feb 2026 8:07 AM IST
लो जी... BMC में बदल गया नंबर गेम! NCP के 4 पार्षदों ने थामा शिंदे का हाथ, अब महायुति में...
X

Mumbai BMC Politics: मुंबई की राजनीति में एक बार फिर बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। जिस महानगर की सियासत हर फैसले पर पूरे देश की नजर रहती है, वहां अब नए समीकरण बनते दिख रहे हैं। सत्ता की बिसात पर मोहरे तेजी से चल रहे हैं और इसके केंद्र में है बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC)। एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने ऐसा दांव चला है, जिसने बीएमसी की राजनीति की दिशा ही बदल दी है।

शिंदे सेना में शामिल हुए चार नगरसेवक

सूत्रों के मुताबिक, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के दोनों गुटों से नवनिर्वाचित चार नगरसेवक शिवसेना (शिंदे गुट) में शामिल हो गए हैं। इनमें से तीन नगरसेवक अजित पवार गुट से हैं, जबकि एक नगरसेवक शरद पवार गुट से जुड़ा हुआ था। इन नेताओं के शिंदे सेना में आने से बीएमसी के भीतर राजनीतिक संतुलन तेजी से शिंदे गुट के पक्ष में झुक गया है।

BMC में बना संयुक्त विधायी समूह

इस राजनीतिक फेरबदल के बाद शिवसेना (शिंदे) ने बीएमसी में एक संयुक्त विधायी समूह बना लिया है। इस समूह में एनसीपी के अजित पवार गुट और शरद पवार गुट के एक-एक नगरसेवक को शामिल किया गया है। बताया जा रहा है कि मंगलवार को सत्तारूढ़ महायुति बीएमसी में खुद को दो अलग-अलग समूहों के रूप में पंजीकृत कराने जा रही है। भारतीय जनता पार्टी अपना अलग समूह बनाएगी, जबकि शिवसेना (शिंदे) संयुक्त समूह के तौर पर रजिस्ट्रेशन करेगी।

शिंदे गुट की ताकत बढ़ी, महायुति मजबूत

इस नए समीकरण के बाद बीएमसी में शिवसेना (शिंदे) की संख्या 29 से बढ़कर 33 हो गई है। इसके साथ ही महायुति की कुल ताकत 122 नगरसेवकों तक पहुंच गई है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि यह कदम आने वाले प्रशासनिक और संगठनात्मक फैसलों को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।

ठाकरे परिवार का किला ढहा, महायुति का दबदबा

मुंबई का जनादेश इस बार ऐतिहासिक रहा। करीब तीन दशकों से बीएमसी पर कायम ठाकरे परिवार का दबदबा टूट गया। भाजपा के नेतृत्व वाली महायुति ने 118 सीटें जीतकर शानदार प्रदर्शन किया। भाजपा 90 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, जबकि शिवसेना (शिंदे) को 29 सीटें मिलीं।

वहीं दूसरी ओर शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के लिए यह चुनाव निराशाजनक साबित हुआ। पार्टी को सिर्फ 65 सीटें मिलीं, जबकि 2017 में उसके पास 84 सीटें थीं। आठ साल में 19 सीटों का नुकसान यह साफ संकेत देता है कि मुंबई की राजनीति अब तेजी से नए दौर में प्रवेश कर चुकी है।

Gausiya Bano

Gausiya Bano

Mail ID - gausiyaseikh1999@gmail.com

Gausiya Bano is a Multimedia Journalist based in Lucknow, the capital city of Uttar Pradesh, currently serving as Desk In-Charge at Newstrack. She holds a postgraduate degree in Journalism from Makhanlal Chaturvedi National University, Bhopal, Madhya Pradesh. With over 2.5 years of experience, she has worked with leading organizations including Rajasthan Patrika and NewsBytes. She has expertise in news desk operations, reporting and digital journalism. At Newstrack She oversees content management, ensures editorial accuracy and coordinates with reporters to maintain high newsroom standards. Passionate about ethical reporting and adapting to the evolving media landscape, Gausiya Bano continues to grow as a dedicated and responsible journalist.

Next Story