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Pahalgam Terrorist Attack: पहलगाम का साया, वैष्णो देवी दर्शन के लिए बुकिंग थमी, कश्मीर में फंसे पर्यटक वापसी को बेताब
Pahalgam Terrorist Attack: : पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद से लोग वैष्णो देवी दर्शन की बुकिंग कैंसिल कराते नज़र आ रहे हैं दरअसल पर्यटक इस घटना के बाद से दहशत में हैं।
Booking Cancelled For Vaishno Devi Katra (Image Credit-Social Media)
Pahalgam Terrorist Attack: पहलगाम में हुए बर्बर आतंकवादी हमले का असर अब जम्मू-कश्मीर के अन्य प्रमुख तीर्थ स्थलों और पर्यटन स्टेशनों पर भी दिखने लगा है। कश्मीर के सामान्य होते जनजीवन पर पर्यटकों और श्रद्धालुओं से होने वाली कमाई पर ग्रहण लग जाने से कश्मीरी दुकानदार और कारोबारी परेशान हैं। उनकी समस्या ये है कि अब उनकी रोजी रोटी कैसे चलेगी। उधर पहलगाम हमले की दहशत में माता वैष्णो देवी की यात्रा के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं ने अपनी नई बुकिंग को तत्काल प्रभाव से रद कर दिया है। नई बुकिंग ठप पड़ गई है। वहीं, कश्मीर घाटी में फंसे विभिन्न राज्यों के पर्यटक होटलों को खाली कर अपनी वापसी के लिए बेताब हैं। पर्यटक और अमरनाथ यात्रा के लिए पहले से बुकिंग करा चुके तीर्थयात्री अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। लोग अब कश्मीर की जगह दूसरे हिल स्टेशनों की ओर रुख कर रहे हैं।
उधर, कश्मीर घाटी में छुट्टियां मना रहे पर्यटक भी दहशत में हैं। कई टूर ऑपरेटरों ने बताया कि पर्यटकों की ओर से होटलों और परिवहन की बुकिंग रद्द करने की बाढ़ आ गई है। जो पर्यटक पहले से ही कश्मीर में हैं, वे अपनी यात्रा को बीच में छोड़कर वापस लौटने के लिए परेशान हैं। हवाई अड्डों और रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की भीड़ देखी जा रही है।
अमरनाथ यात्रा, जो इस साल जुलाई में शुरू होने वाली है, उसको लेकर भी चिंताएं बढ़ गई हैं। हालांकि यात्रा शुरू होने में अभी समय है, लेकिन पहलगाम की घटना ने तीर्थयात्रियों के मन में सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। कई संभावित यात्रियों ने अपनी बुकिंग को लेकर अनिश्चितता जताई है।
पर्यटन उद्योग, जो कश्मीर की अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, को इस घटना से बड़ा झटका लगा है। होटल व्यवसायी और टूर ऑपरेटर चिंतित हैं कि इस हमले से पर्यटन सीजन बुरी तरह प्रभावित हो सकता है। कई लोगों ने अपनी बुकिंग रद्द कर दी है, और आगे की बुकिंग भी ठप हो गई है। एक टैक्सी आपरेटर ने कहा कि, "पर्यटकों से आमदनी की सोचकर टैक्सी फाइनेंस कराई थी। अब किस्त कहां से जाएगी, दो जून की रोटी के लाले हैं।" फिलहाल, स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और सभी की निगाहें प्रशासन के अगले कदमों पर टिकी हैं।


