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BRICS Summit 2026: आज से दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की शुरुआत, मोदी-शी जिनपिंग समेत जुटेंगे 11 देशों के नेता
BRICS Summit 2026 आज नई दिल्ली में शुरू होगा। PM मोदी, शी जिनपिंग, पुतिन समेत 11 देशों के नेता वैश्विक शासन, व्यापार, ऊर्जा, तकनीक और Global South पर चर्चा करेंगे।
नई दिल्ली में 18वें BRICS Summit की शुरुआत आज यानी 12 सितंबर से भारत मंडपम में होगी। दो दिवसीय इस शिखर सम्मेलन में ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, भारत, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात समेत 11 सदस्य देशों के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं।
भारत की 2026 BRICS अध्यक्षता में आयोजित हो रहे इस सम्मेलन की थीम “Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability” है। शिखर सम्मेलन में वैश्विक शासन व्यवस्था, बहुपक्षवाद, व्यापार एवं निवेश, तकनीक, खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा, स्वास्थ्य, आपदा प्रबंधन और महत्वपूर्ण सप्लाई चेन जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।
मोदी-शी जिनपिंग समेत कई बड़े नेता दिल्ली में
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन सम्मेलन में हिस्सा लेंगे।
इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली और अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान भी सम्मेलन में शामिल होंगे। ब्राजील का प्रतिनिधित्व विदेश मंत्री माउरो विएरा करेंगे, जबकि सऊदी अरब की ओर से विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान अल सऊद मौजूद रहेंगे।
पहले दिन क्या होगा?
सम्मेलन की शुरुआत BRICS सदस्य देशों के नेताओं के बंद कमरे में होने वाले सत्र से होगी। इसका विषय “Inclusive Global Governance and Strengthening Multilateralism” है। इसके बाद नेता भारत मंडपम में आयोजित Bharat Innovates प्रदर्शनी का दौरा करेंगे।
कार्यक्रम के दौरान संयुक्त वृक्षारोपण समारोह भी होगा। दिन का समापन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से आयोजित रात्रिभोज के साथ होगा।
शी जिनपिंग समेत कई नेताओं से मोदी की द्विपक्षीय मुलाकात
BRICS Summit के इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे। इनमें चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान, इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली, मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम और वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हंग के साथ मुलाकात शामिल है।
खास तौर पर मोदी-शी मुलाकात पर दुनिया की नजर रहेगी। भारत और चीन के बीच सीमा विवाद और पिछले वर्षों में रिश्तों में आए तनाव के बाद दोनों नेताओं की बातचीत को रणनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है।
वैश्विक उथल-पुथल के बीच BRICS Summit
दिल्ली में हो रहा BRICS Summit ऐसे समय में आयोजित हो रहा है, जब दुनिया कई बड़े भू-राजनीतिक संकटों से गुजर रही है। पश्चिम एशिया और ब्लैक सी क्षेत्र में संघर्ष, ऊर्जा सुरक्षा, व्यापारिक अस्थिरता और जलवायु परिवर्तन जैसे मुद्दे वैश्विक एजेंडे पर प्रमुख हैं।
BRICS अब प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच आर्थिक और रणनीतिक समन्वय का महत्वपूर्ण मंच बन चुका है। संगठन के जरिए सदस्य देश वैश्विक शासन व्यवस्था, वित्त, व्यापार, तकनीक और विकास से जुड़े मुद्दों पर साझा रुख बनाने की कोशिश करते हैं।
भारत की अध्यक्षता में इस साल के एजेंडे में विकास, टिकाऊपन, नवाचार और Global South की प्राथमिकताओं को विशेष महत्व दिया गया है। ऐसे में नई दिल्ली में होने वाला यह सम्मेलन सिर्फ आर्थिक सहयोग तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि बदलती वैश्विक व्यवस्था में उभरती अर्थव्यवस्थाओं की भूमिका का भी संकेत देगा।


