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बजट 2026 में निवेशकों की अब ज़बरदस्त मौज! सरकार ने लिया 'ये' बड़ा फैसला, 'इंफ्रा रिस्क फंड' प्रोजेक्ट्स में तेजी पर फोकस
Union Budget 2026: इस बार बजट में इंफ्रा कंपनियों को सपोर्ट देने के लिए 'इंफ्रा रिस्क फंड' बनाने का एलान किया गया है।
Union Budget 2026 (PHOTO: SOCIAL MEDIA)
Union Budget 2026: केंद्रीय बजट 2026 में सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर को लेकर बड़ी घोषणा कर दी है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण के दौरान बताया कि देश में बुनियादी ढांचे को मजबूती प्रदान करने के लिए सरकार एक बहुत ही बड़ा कदम उठाने जा रही है। इस बार बजट में इंफ्रा कंपनियों को सपोर्ट देने के लिए 'इंफ्रा रिस्क फंड' बनाने का एलान किया गया है।
इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं गति मिलने मिलने की पूरी उम्मीद
सरकार का मानना है कि इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में निवेश के दौरान कई बार खतरा बढ़ जाता है, जिससे निजी कंपनियां आगे आने में हिचकती हैं। ऐसे में इंफ्रा रिस्क फंड के जरिए कंपनियों को वित्तीय सुरक्षा और प्रोत्साहन मिलेगा। इससे सड़क, रेलवे, लॉजिस्टिक्स, ट्रांसपोर्ट और शहरी विकास से संबंधित प्रोजेक्ट्स को गति मिलने की पूरी उम्मीद है।
एक महत्वपूर्ण घोषणा ये भी...
इसके अलावा बजट में एक और महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए सरकार ने कहा है कि 5 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों के बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जाएगा। इन शहरों में ट्रैफिक, जल आपूर्ति, सीवरेज, पब्लिक ट्रांसपोर्ट और स्मार्ट सिटी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए खासतौर पर सहायता दी जाएगी। इससे तेजी से बढ़ते शहरीकरण की चुनौतियों से निपटने में सहयोग मिलेगा।
पिछले केंद्रीय बजट में सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर पर कुल अनुमानित खर्च तकरीबन ₹11.11 लाख करोड़ रुपये रखा था, जो भारत की GDP के लगभग 3.4% के बराबर था। यह राशि कैपिटल एक्सपेंडिचर के रूप में आवंटित की गई थी, जिसका बड़ा मकसद राष्ट्रीय हाईवे, रेलवे नेटवर्क, पोर्ट कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को मजबूत करना था।
विशेषज्ञों का मानना है कि बजट 2026 में इंफ्रा सेक्टर को दिया गया यह नया सपोर्ट आर्थिक विकास को गति प्रदान करेगा। इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश से रोजगार के मौके बढ़ेंगे और निर्माण उद्योग को मजबूती मिलेगी।
कुल मिलाकर, बजट 2026 में इंफ्रा रिस्क फंड और शहरों के विकास पर फोकस सरकार के दीर्घकालिक विजन को दर्शाता है। आगामी सालों में इससे भारत के बुनियादी ढांचे को नई दिशा और रफ्तार मिलने की पूरी संभावना है।


