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ज्ञानेश कुमार की जान को खतरा! विपक्षी तांडव के बीच बढ़ाई गई Z+ सुरक्षा, अब कई लेयर में घिरे रहेंगे CEC
CEC ज्ञानेश कुमार की पहले से मौजूद Z+ सुरक्षा के बीच अतिरिक्त CISF रिजर्व जवानों की तैनाती बढ़ाई गई है।
CEC Gyanesh Kumar Security: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम उठाया गया है। चुनावी वोटर लिस्ट में कथित गड़बड़ियों को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल यानी CISF ने उनकी सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया है।
अधिकारियों के मुताबिक, ज्ञानेश कुमार को पहले से ही Z+ सुरक्षा मिली हुई है, लेकिन मौजूदा हालात और खतरे के आकलन को देखते हुए रिजर्व में रखे गए अतिरिक्त CISF जवानों की तैनाती बढ़ाई गई है।
घर से लेकर चुनाव आयोग तक बढ़ाई गई सुरक्षा
अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों की तैनाती ज्ञानेश कुमार के दिल्ली स्थित न्यू मोती बाग कॉलोनी के आवास के साथ-साथ चुनाव आयोग के दफ्तर और उनके निजी सुरक्षा इंतजामों में भी की गई है। अधिकारियों ने बताया कि 7 अक्टूबर को अतिरिक्त रिजर्व बल की संख्या बढ़ाने के आदेश के बाद यह व्यवस्था मजबूत की गई।
Z+ सुरक्षा पहले से, कैटेगरी में कोई बदलाव नहीं
यहां एक बात साफ कर दी गई है कि ज्ञानेश कुमार की मौजूदा Z+ सुरक्षा श्रेणी को अपग्रेड नहीं किया गया है। यानी उनकी सुरक्षा पहले भी Z+ कैटेगरी में थी और अब भी वही है। फर्क सिर्फ इतना है कि जरूरत के हिसाब से रिजर्व में रखे गए अतिरिक्त जवानों को भी सुरक्षा व्यवस्था में लगाया गया है।
Z+ देश में मिलने वाली सबसे ऊंची सुरक्षा श्रेणियों में से एक है। अधिकारियों के मुताबिक, खतरे की स्थिति और मौजूदा सुरक्षा आकलन को देखते हुए रिजर्व सुरक्षाकर्मियों को जरूरत के मुताबिक अलग-अलग जगहों पर तैनात किया जाता है।
विरोध प्रदर्शनों के बीच लिया गया एहतियाती फैसला
ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्षी दलों का विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है। इंडिया ब्लॉक के नेता उनके इस्तीफे और पद से हटाए जाने की मांग कर रहे हैं। कांग्रेस समेत विपक्षी दलों के नेताओं ने चुनाव आयोग पर चुनावी प्रक्रिया में कथित हेरफेर के आरोप लगाए हैं और दावा किया है कि आयोग सरकार के इशारे पर काम कर रहा है।
हालांकि ये विपक्ष की ओर से लगाए गए आरोप हैं। इन्हीं प्रदर्शनों के बीच राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई विपक्षी नेता मंगलवार और बुधवार को ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सड़क पर प्रदर्शन कर चुके हैं।
दो दिन हिरासत में लिए गए थे विपक्षी नेता
बुधवार को विपक्षी नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए जंतर-मंतर की ओर मार्च करने की कोशिश की थी। इस दौरान उन्हें हिरासत में लिया गया था और बाद में छोड़ दिया गया। इससे एक दिन पहले भी विपक्षी नेताओं को प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया गया था।
राजघाट तक पहुंचा विपक्ष का प्रदर्शन
गुरुवार को भी इंडिया ब्लॉक के नेताओं का विरोध जारी रहा। विपक्षी नेता मध्य दिल्ली के कनॉट प्लेस से राजघाट की ओर मार्च करते दिखाई दिए। इस दौरान महंगाई, बेरोजगारी, कथित वोट में हेरफेर और लोकतांत्रिक अधिकारों समेत कई मुद्दे उठाए गए।
इसी लगातार चल रहे राजनीतिक विरोध के बीच ज्ञानेश कुमार की सुरक्षा में अतिरिक्त CISF जवानों की तैनाती की गई है। अधिकारियों के अनुसार, यह मौजूदा Z+ सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव नहीं, बल्कि सुरक्षा स्थिति और खतरे के आकलन को देखते हुए अतिरिक्त रिजर्व बल की तैनाती का एहतियाती कदम है।


