PM के नंबर पर आधी रात को बजा इमरजेंसी अलर्ट का सायरन! NDMA ने सेल ब्रॉडकास्ट सेवा को किया सस्पेंड

Cell Broadcast Alert: फोन पर अचानक सायरन बजाने वाला सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट सिस्टम फिलहाल सस्पेंड कर दिया गया है। ट्रायल के बाद सरकार ने तकनीकी कारणों से बड़ा फैसला लिया है।

Akriti Pandey
Published on: 14 Jun 2026 1:36 PM IST
Cell Broadcast Alert
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Cell Broadcast Alert: हाल के दिनों में कई मोबाइल यूजर्स के फोन पर अचानक तेज सायरन बजने और स्क्रीन पर इमरजेंसी मैसेज दिखने की घटनाएं सामने आई थीं। यह सुविधा “सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट सिस्टम” के तहत टेस्टिंग के दौरान सक्रिय की गई थी। इस सिस्टम का उद्देश्य आपदा या आपात स्थिति में लोगों तक तुरंत चेतावनी पहुंचाना है। हालांकि, अब केंद्र सरकार के आदेश के बाद इस सेवा को अगले आदेश तक रोक दिया गया है।

सफल ट्रायल के बाद क्यों लिया गया फैसला?

रिपोर्ट्स के अनुसार, देशभर में इस सिस्टम का सफल ट्रायल किया जा रहा था, लेकिन 12 जून 2026 के बाद इसे अस्थायी रूप से सस्पेंड कर दिया गया। बताया जा रहा है कि हरियाणा और उत्तर प्रदेश की आपदा प्रबंधन इकाइयों द्वारा आधी रात को जारी एक टेस्ट अलर्ट अनजाने में कुछ असामान्य स्थितियों का कारण बन गया। यह अलर्ट कथित तौर पर प्रधानमंत्री के उपयोग में आने वाले नंबर तक भी पहुंच गया, जिसके बाद मामले ने गंभीर रूप ले लिया। इसी घटना के बाद राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) ने तकनीकी समीक्षा और सुधार की आवश्यकता बताते हुए इस सेवा को फिलहाल रोकने का निर्णय लिया।

क्या है सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट सिस्टम?

सेल ब्रॉडकास्ट एक आधुनिक मोबाइल आधारित आपदा चेतावनी प्रणाली है, जिसे बड़े पैमाने पर लोगों तक तुरंत सूचना पहुंचाने के लिए डिजाइन किया गया है। यह पारंपरिक SMS से अलग तकनीक पर काम करता है। इसमें किसी मोबाइल नंबर की जरूरत नहीं होती और यह एक ही समय में किसी विशेष क्षेत्र के सभी मोबाइल फोन तक संदेश भेज सकता है।

यह सिस्टम मोबाइल टावर के नेटवर्क के जरिए काम करता है, जिससे बाढ़, भूकंप, चक्रवात या अन्य आपात स्थितियों में तेज और प्रभावी अलर्ट जारी किया जा सकता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह नेटवर्क पर अधिक लोड होने के बावजूद भी संदेश डिलीवर कर सकता है।

आम SMS से कैसे अलग और बेहतर है यह तकनीक?

पारंपरिक SMS सिस्टम में नेटवर्क ट्रैफिक बढ़ने पर संदेश पहुंचने में देरी हो सकती है, जिससे आपदा के समय सूचना मिलने में जोखिम रहता है। इसके विपरीत सेल ब्रॉडकास्ट तकनीक सीधे मोबाइल टावर से सभी डिवाइस तक एक साथ संदेश भेजती है। इस सिस्टम का कोडिंग आर्किटेक्चर ऐसा बनाया गया है कि यह फोन के साइलेंट मोड को भी ओवरराइड कर सकता है। यही कारण है कि अलर्ट आने पर फोन तेज सायरन के साथ बजता है, भले ही वह साइलेंट या लॉक मोड में हो।

आगे क्या हो सकता है?

अधिकारियों के अनुसार, इस तकनीक में कुछ तकनीकी खामियों और सुधार की जरूरतों को देखते हुए इसे अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। उम्मीद की जा रही है कि जरूरी सुधार और परीक्षण के बाद इस प्रणाली को दोबारा सक्रिय किया जा सकता है, ताकि भविष्य में इसे और सुरक्षित और प्रभावी तरीके से इस्तेमाल किया जा सके।

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Akriti Pandey is a Education & job Desk Content Writer at Newstrack.com.

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