TRENDING TAGS :
CGHS New Rule: केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी, CGHS का ये नियम बदला, अब नहीं रहेगी 5 KM की पाबंदी
CGHS New Rule: केंद्रीय कर्मचारियों के लिए CGHS की भौगोलिक सीमा खत्म कर दी गई है। जानें 5 KM नियम, One-Time Option और नई शर्तें।
CGHS New Rule: 5 KM Restriction Removed for Central Government Employees
CGHS New Rule: अगर आप केंद्रीय सरकारी कर्मचारी हैं और CGHS की सुविधा सिर्फ इसलिए नहीं ले पा रहे थे क्योंकि आपकी पोस्टिंग या घर CGHS के तय इलाके से बाहर है, तो यह खबर आपके लिए बेहद अहम है। केंद्र सरकार ने केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के लिए CGHS की भौगोलिक पात्रता की पुरानी शर्त हटा दी है। अब तय इलाके या CGHS वेलनेस सेंटर से दूरी के आधार पर पात्रता सीमित नहीं रहेगी। हालांकि, इसका लाभ लेने के लिए कुछ जरूरी शर्तें पूरी करनी होंगी।
17 सितंबर को जारी हुआ नया आदेश
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने 17 सितंबर 2026 को CGHS में पात्रता को लेकर नया कार्यालय ज्ञापन जारी किया है। इसमें कहा गया है कि CGHS का लाभ लेने वाले सेवारत केंद्रीय कर्मचारियों के लिए मौजूदा भौगोलिक मानदंड को पूरी तरह समाप्त किया जा रहा है। यह बदलाव तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है।
सरकार ने यह फैसला उन कर्मचारियों को होने वाली परेशानी को देखते हुए लिया है, जो CGHS के निर्धारित क्षेत्र से बाहर रहते हैं या ऐसे शहरों में तैनात हैं जहां CGHS की सुविधा उपलब्ध नहीं है।
पहले 5 किलोमीटर का था नियम
6 अप्रैल 2018 के आदेश के मुताबिक जिन CGHS शहरों में कवरेज क्षेत्र स्पष्ट रूप से निर्धारित नहीं था, वहां CGHS वेलनेस सेंटर के करीब 5 किलोमीटर के दायरे को कवरेज क्षेत्र माना जाता था। इस दायरे से बाहर रहने वाले सेवारत केंद्रीय कर्मचारी सामान्य तौर पर CS(MA) Rules, 1944 के तहत आते थे।
यही व्यवस्था अब बदल दी गई है। नए आदेश के बाद सिर्फ इस आधार पर CGHS की सुविधा से वंचित नहीं होना पड़ेगा कि कर्मचारी CGHS क्षेत्र से बाहर रहता या पोस्टेड है।
बाहर तैनात कर्मचारी भी चुन सकेंगे CGHS
नए नियम का सबसे बड़ा फायदा उन सेवारत केंद्रीय कर्मचारियों को मिलेगा जो अभी CS(MA) Rules, 1944 के तहत चिकित्सा सुविधा ले रहे हैं और केवल अपने निवास या पोस्टिंग की जगह CGHS क्षेत्र से बाहर होने के कारण CGHS में शामिल नहीं थे।
ऐसे कर्मचारी अब एक बार CGHS में शामिल होने का विकल्प चुन सकते हैं। इसके लिए उन्हें अन्य पात्रता शर्तें पूरी करनी होंगी और निर्धारित CGHS योगदान या सदस्यता शुल्क का भुगतान करना होगा।
एक बार विकल्प चुना तो फैसला अंतिम
यहां कर्मचारियों के लिए सबसे जरूरी बात यह है कि CGHS में जाने का विकल्प एक बार ही इस्तेमाल किया जा सकेगा। एक बार विकल्प चुनने के बाद वह अंतिम और बाध्यकारी होगा।
साथ ही, कर्मचारी के विकल्प का असर उसके पात्र आश्रित परिवार के सदस्यों पर भी पड़ेगा। परिवार में कुछ सदस्य CGHS और कुछ CS(MA) के तहत अलग-अलग चिकित्सा सुविधा नहीं ले सकेंगे।
CGHS लेने के बाद CS(MA) का दोहरा लाभ नहीं
नए नियमों में साफ किया गया है कि CGHS में शामिल होने वाला कर्मचारी या उसका परिवार एक साथ CGHS और CS(MA) Rules दोनों के तहत चिकित्सा सुविधा या प्रतिपूर्ति का दावा नहीं कर सकता।
इसके लिए कर्मचारी को लिखित वचनपत्र देना होगा। अगर कोई व्यक्ति दोनों व्यवस्थाओं से अनुचित तरीके से लाभ लेता है, तो गलत तरीके से मिले लाभ की वसूली की जा सकती है और नियमों के तहत विभागीय कार्रवाई भी हो सकती है।
CGHS का योगदान लगातार देना होगा
CGHS चुनने के बाद कर्मचारी को निर्धारित CGHS योगदान/सदस्यता का भुगतान जारी रखना होगा। यह योगदान कर्मचारी के निवास या पोस्टिंग की जगह बदलने से बंद नहीं होगा।
एक और महत्वपूर्ण शर्त यह है कि CGHS के तहत इलाज या दवा लेने के लिए यात्रा करने पर TA/DA का दावा नहीं किया जा सकेगा।
जो कर्मचारी विकल्प नहीं चुनेंगे, उनका क्या होगा?
जो कर्मचारी इस नए विकल्प का इस्तेमाल नहीं करते, उनके लिए मौजूदा व्यवस्था जारी रहेगी। यानी पात्र कर्मचारी CS(MA) Rules, 1944 के तहत चिकित्सा सुविधाएं लेते रह सकते हैं। वहीं, जो कर्मचारी CGHS के निर्धारित कवरेज क्षेत्र में रहते या पोस्टेड हैं, उनके लिए CGHS कवरेज अनिवार्य रहेगा और वे CS(MA) के तहत जाने का विकल्प नहीं चुन सकेंगे।
इस बदलाव से खास तौर पर दूरदराज के इलाकों में तैनात केंद्रीय कर्मचारियों के लिए CGHS का विकल्प खुल गया है।


