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उत्तराखंड के चमोली में बड़ा हादसा, पीपलकोटी में अचानक धंसी सुरंग, अंदर फंसे 20 से ज्यादा मजदूर...रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
Chamoli Tunnel Collapse: उत्तराखंड के चमोली के पीपलकोटी में THDC जल विद्युत परियोजना की निर्माणाधीन सुरंग अचानक धंस गई, जिसके बाद 20 से ज्यादा मजदूर अंदर फंस गए। हादसे के बाद NDRF और SDRF की टीमें रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हैं और कई मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है।
Chamoli Tunnel Collapse: उत्तराखंड के पहाड़ी जिले चमोली से एक बेहद दुखद और चिंताजनक खबर सामने आ रही है। पीपलकोटी इलाके में स्थित टीएचडीसी (THDC) जल विद्युत परियोजना की निर्माणाधीन सुरंग अचानक ढह गई। सुरंग का एक हिस्सा अचानक नीचे गिर जाने के कारण वहां काम कर रहे श्रमिकों में दहशत फैल गई। जिस समय यह दर्दनाक हादसा हुआ, उस वक्त टनल के भीतर लगभग 20 से 25 श्रमिक अपनी ड्यूटी पर तैनात थे। सुरंग धंसने के साथ ही अंदर तेजी से पानी भरने लगा, जिससे वहां चीख-पुकार मच गई।
युद्ध स्तर पर राहत-बचाव कार्य जारी
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गईं। राहत कर्मियों ने बिना कोई वक्त गंवाए तुरंत बचाव अभियान शुरू कर दिया। त्वरित कार्रवाई करते हुए अब तक 10 श्रमिकों को टनल से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। वहीं सुरंग के भीतर फंसे बाकी अन्य कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए राहत-बचाव दल लगातार कड़ी मशक्कत कर रहे हैं। पूरे इलाके में राहत कार्य बेहद मुस्तैदी से चलाया जा रहा है।
CM धामी ने संभाला मोर्चा, NDRF तैनात
घटना की सूचना मिलते ही राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तुरंत हरकत में आ गए। उन्होंने वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों से बातचीत कर पूरे हालात का जायजा लिया। मुख्यमंत्री के आदेश पर राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) की प्रशिक्षित टीमों को तुरंत मौके पर भेज दिया गया है। जिला प्रशासन के साथ-साथ सभी संबंधित बचाव एजेंसियों को आपस में बेहतर तालमेल बनाकर फंसे हुए हर व्यक्ति को जल्द से जल्द सुरक्षित निकालने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
CM ने कहा- 'हर एक जिंदगी बचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता'
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खुद पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और पल-पल की रिपोर्ट ले रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को कड़े शब्दों में हिदायत दी है कि बचाव कार्य में किसी भी प्रकार की कोताही या ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार की सबसे पहली प्राथमिकता सुरंग के अंदर फंसे सभी लोगों को सही-सलामत बाहर निकालना है। इसके लिए सभी जरूरी आधुनिक उपकरण और संसाधन मौके पर लगा दिए गए हैं। पूरा प्रदेश ईश्वर से यही प्रार्थना कर रहा है कि सभी श्रमिक सुरक्षित बाहर आ जाएं।


