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Chandigarh Mayor Election 2026: मेयर चुनाव का फैसला आज, Congress-AAP-BJP के बीच कांटे की टक्कर
Chandigarh Mayor Election 2026: 35 पार्षदों वाले सदन में इस बार मुकाबला बेहद दिलचस्प और रोमांचक बन गया है। संख्याबल के लिहाज से भारतीय जनता पार्टी सबसे मजबूत स्थिति में है, जिसके पास 18 पार्षद हैं।
Chandigarh Mayor Election
Chandigarh Mayor Election 2026: चंडीगढ़ नगर निगम में आज मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के पदों के लिए चुनाव होने जा रहे हैं। 35 पार्षदों वाले सदन में इस बार मुकाबला बेहद दिलचस्प और रोमांचक बन गया है। संख्याबल के लिहाज से भारतीय जनता पार्टी सबसे मजबूत स्थिति में है, जिसके पास 18 पार्षद हैं। आम आदमी पार्टी के 11 और कांग्रेस के छह पार्षद हैं। इसके अलावा, चंडीगढ़ से कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी को एक मताधिकार प्राप्त है, जिससे कांग्रेस के कुल वोट सात हो जाते हैं।
मेयर पद के लिए भाजपा ने सौरभ जोशी को उम्मीदवार बनाया है, जबकि आम आदमी पार्टी की ओर से योगेश ढींगरा और कांग्रेस की तरफ से गुरप्रीत सिंह गाबी मैदान में हैं। मेयर पद पर जीत के लिए 19 वोटों की आवश्यकता होती है। इस लिहाज से भाजपा बहुमत से सिर्फ एक वोट दूर है। यदि आम आदमी पार्टी और कांग्रेस एकजुट होकर मतदान करती हैं, तो मुकाबला बेहद कांटे का हो सकता है। हालांकि, दोनों दलों के बीच तालमेल को लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है।
इस चुनाव की एक और खास बात यह है कि पहली बार मतदान बैलेट पेपर के जरिए नहीं, बल्कि हाथ उठाकर किया जाएगा। नगर निगम के एम्बली हॉल में सुबह 11 बजे मतदान प्रक्रिया शुरू होगी, जबकि 10:45 बजे के बाद प्रवेश बंद कर दिया जाएगा। इस बदली हुई प्रक्रिया के चलते राजनीतिक सरगर्मी और बढ़ गई है।
बीते कुछ दिनों में आम आदमी पार्टी के कुछ पार्षदों को भाजपा नेताओं के साथ देखा गया है, जिससे क्रॉस वोटिंग की अटकलें तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि यदि विपक्षी खेमे में टूट होती है, तो भाजपा के लिए मेयर पद की राह और आसान हो सकती है। वहीं, आम आदमी पार्टी और कांग्रेस की रणनीति काफी हद तक पार्षदों की एकजुटता पर निर्भर करेगी।
मेयर चुनाव को देखते हुए चंडीगढ़ प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क है। डिप्टी कमिश्नर निशांत कुमार यादव ने नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की और सुरक्षा को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। मुकाबला बेहद करीबी होने के कारण किसी भी तरह की अव्यवस्था या हंगामे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। ऐसे में प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं और चुनाव प्रक्रिया पर कड़ी नजर रखी जा रही है।


